तांगा युग की वापसी: खर्चे पर रोक, प्रधानमंत्री की अपील का असर
जम्मू के सीमावर्ती कस्बे आरएस पुरा में प्रधानमंत्री की अपील के बाद पारंपरिक तांगा युग की वापसी हुई है और तांगों का चलन एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है।
तांगा युग की वापसी
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे एक प्रमुख ऐतिहासिक और रणनीतिक क्षेत्र में एक बेहद खूबसूरत बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनावश्यक खर्चों से बचने और पर्यावरण संरक्षण की अपील के बाद जम्मू के सीमावर्ती कस्बे आरएस पुरा में अब पुराने समय के पारंपरिक तांगों का ऐतिहासिक सफर एक बार फिर मुख्यधारा में लौट आया है। आधुनिक पेट्रोल और डीजल संचालित वाहनों की इस अंधी दौड़ में पीछे छूट चुके इन घोड़ा-गाड़ियों की खटखट अब स्थानीय सड़कों और प्रमुख बाजारों में फिर से गूंजने लगी है।
पुराना बॉर्डर इलाका
इस सीमावर्ती क्षेत्र में यह बदलाव न केवल पर्यावरण की दृष्टि से बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिहाज से भी एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद सदियों पुरानी इस परिवहन विधा के पुनर्जीवित होने से स्थानीय तांगा संचालकों के चेहरों पर एक नई मुस्कान लौट आई है, जिन्हें अब अपनी आजीविका चलाने के लिए एक बेहतरीन और टिकाऊ साधन मिल गया है।
आरएस पुरा के एक स्थानीय तांगा संचालक तेजा सिंह ने इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक बदलाव पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, “यह बिल्कुल मुख्य सीमावर्ती इलाका है और हम लोग यहाँ पिछले कई सालों से लगातार तांगों का इस्तेमाल करते आ रहे थे, लेकिन बीच में यह बंद हो गया था और अब ये गाड़ियां यहाँ दोबारा पूरी तरह से चलन में वापस आ गई हैं।”
गुजरात के पर्यटक
इस खूबसूरत सीमावर्ती कस्बे की यात्रा पर देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह पारंपरिक तांगा सवारी एक बेहद अनोखा और लुभावना आकर्षण का केंद्र बन गई है। गुजरात से यहाँ घूमने आए एक विशेष सैलानी देवेंद्र ने इस पारंपरिक सवारी का आनंद लेने के बाद देशवासियों से एक बहुत ही खास संदेश साझा किया।
पर्यटक देवेंद्र ने अपनी इस अद्भुत यात्रा के अनुभवों को विस्तार से साझा करते हुए कहा कि, “मैं मूल रूप से गुजरात का रहने वाला हूँ और आज यहाँ विशेष रूप से आया हूँ, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से कहा था कि हमें पेट्रोल और डीजल वाहनों का अनावश्यक उपयोग करने के बजाय परिवहन के पुराने तरीकों जैसे साइकिल या पारंपरिक साधनों का उपयोग करना चाहिए।”
VIDEO | Traditional horse-drawn tongas are making a comeback in Jammu's border town of RS Pura following PM Modi's appeal to avoid unnecessary expenditure.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 17, 2026
Teja Singh, a tonga operator, says, "This is the border area. We have been using tongas for years. Now, they are back in… pic.twitter.com/REzOxPXLOq
सांस्कृतिक गौरव जीवंत
पर्यटक इस बात से बेहद खुश हैं कि इस प्रकार के कदमों से देश की पुरानी और समृद्ध विरासत को एक नया जीवन मिल रहा है। यह पर्यावरण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत आवश्यक है।
देवेंद्र ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए आगे कहा कि, “आज तांगे की सवारी करना मेरे लिए एक बेहद शानदार और यादगार अनुभव रहा है, जिससे हमारी पारंपरिक संस्कृति एक बार फिर जीवंत हो रही है और हमारे बुजुर्ग भी इसी तरह यात्रा करते थे जब पेट्रोल नहीं था; आज इसकी बहुत जरूरत है क्योंकि इससे लोगों को आजीविका मिलेगी, संस्कृति बची रहेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।”
ईंधन की बचत
गुजरात से आई एक अन्य महिला पर्यटक धर्मी ने भी इस सुखद यात्रा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता की खुले दिल से सराहना की है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार के साधनों को बढ़ावा मिलने से प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।[1]
महिला पर्यटक धर्मी ने तांगे की सवारी का आनंद लेते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि, “यहाँ आकर और इस पारंपरिक गाड़ी में बैठकर सचमुच बहुत अच्छा महसूस हो रहा है, क्योंकि खुद पीएम मोदी ने कहा था कि हमें पेट्रोल और डीजल बचाना चाहिए, इसलिए यह बेहद अच्छी बात है कि हम सब मिलकर अपने देश के इस पारंपरिक तरीके का पालन कर रहे हैं।”
रोजगार को बढ़ावा
प्रधानमंत्री की अपील के बाद जम्मू के सीमावर्ती कस्बे आरएस पुरा में शुरू हुए इस अनूठे सिलसिले से जहाँ एक तरफ ईंधन की भारी बचत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर बिना किसी प्रदूषण के पर्यटन व्यवसाय को एक नया और बड़ा बूस्ट मिल रहा है।
स्थानीय व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हुए अपने संयुक्त बयान में कहा कि, “इस पारंपरिक परिवहन व्यवस्था के दोबारा शुरू होने से न केवल पर्यावरण स्वच्छ रहेगा बल्कि सीमांत क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को भी एक बहुत बड़ा संबल मिलेगा।” इस नई शुरुआत की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
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VIDEO | A tourist from Gujarat, Devendra, says: "I am from Gujarat and have come here. PM Modi said that instead of using petrol and diesel vehicles, we should use older modes of transport like bicycles. Today, it's been a very good experience. Our traditional culture is coming… pic.twitter.com/1L5LRFIX8g
— Press Trust of India (@PTI_News) May 17, 2026