WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
प्रादेशिक

हावड़ा रेलवे स्टेशन के पास हंगामा: तोड़े गए अवैध स्टैंड और दुकानें

हावड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र के पास प्रशासन और रेलवे बोर्ड ने संयुक्त रूप से शनिवार रात एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।

By अजय त्यागी
1 min read
आधी रात कार्रवाई

आधी रात कार्रवाई

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

पश्चिम बंगाल के सबसे व्यस्ततम परिवहन केंद्रों में शुमार हावड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र के पास शनिवार रात जिला प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल ने एक बहुत बड़ा अभियान चलाया। इस विशेष कार्रवाई के तहत स्टेशन के आसपास के मुख्य मार्गों, फुटपाथों और रेलवे की जमीनों पर सालों से काबिज अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया है। इस औचक रात के अभियान के कारण पूरे कैब रोड और बस टर्मिनल के आसपास के वाणिज्यिक इलाकों में भारी हड़कंप मच गया। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच कई बुलडोजर और जेसीबी मशीनों को एक साथ काम पर लगाया।

आधी रात कार्रवाई

आमतौर पर दिन के समय इस बेहद व्यस्त रहने वाले मार्ग पर लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है, जिसके कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी। इसी वजह से प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए शनिवार की आधी रात का समय चुना।

मौके पर मौजूद हावड़ा नगर निगम और रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियरिंग विंग के प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बड़ी कार्रवाई के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, “इस बेहद महत्वपूर्ण हावड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र के आसपास के रास्तों को पूरी तरह से साफ करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा मुख्य लक्ष्य है, जिसके लिए रात के सन्नाटे में बिना किसी बाधा के यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।”

भारी हंगामा

जैसे ही नगर निगम के भारी बुलडोजर ने अवैध रूप से बनी दुकानों, प्लास्टिक के शेडों और बिना अनुमति चल रहे फूड स्टालों को गिराना शुरू किया, वैसे ही वहां स्थानीय दुकानदारों ने इकट्ठा होकर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

व्यापारियों का आरोप था कि उन्हें अपना सामान सुरक्षित हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। वेंडर्स यूनियन के नेताओं ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए हंगामा किया, लेकिन मौके पर तैनात हावड़ा सिटी पुलिस के कमांडो और आरपीएफ (RPF) की त्वरित कार्यबल की टुकड़ियों ने प्रदर्शनकारियों को तुरंत खदेड़ दिया, जिससे स्थिति हिंसक होने से बच गई।

सुरक्षा बल तैनात

सुरक्षा के लिहाज से पूरी रात हावड़ा स्टेशन के कैब रोड और हावड़ा ब्रिज की तरफ जाने वाले रास्तों पर वाहनों की आवाजाही को आंशिक रूप से डायवर्ट किया गया था। रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, लगभग तीन सौ से अधिक सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को अपनी सुरक्षा घेरे में ले रखा था।

हावड़ा मंडल के एक सुरक्षा आयुक्त ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, “अवैध निर्माणों के कारण स्टेशन के निकास और प्रवेश द्वारों पर आपातकालीन वाहनों जैसे एम्बुलेंस और दंगा नियंत्रण वाहनों को निकलने में भारी असुविधा होती थी, इसी विधिक व्यवस्था को सुधारने के लिए सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में यह पूरी कार्रवाई बिना किसी बड़ी क्षति के शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कर ली गई है।”

फुटपाथ हुए साफ

इस बेहद सघन और लंबे चले अभियान के परिणाम स्वरूप रविवार सुबह तक स्टेशन के आसपास के सभी फुटपाथ, कैब लेन और बस स्टैंड का इलाका पूरी तरह से साफ और चौड़ा नजर आने लगा। प्रशासन ने इस कार्रवाई के दौरान लगभग एक सौ पचास से अधिक पक्के और कच्चे अवैध केबिनों को जमींदोज कर दिया है।

रेलवे बोर्ड और राज्य लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण के बाद बताया कि, “इस साफ किए गए पूरे हावड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अब यात्रियों के चलने के लिए सुंदर व चौड़े वॉकवे बनाए जाएंगे और दोबारा अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भारी वित्तीय जुर्माना और कानूनी मुकदमा दर्ज करने की सख्त नीति लागू की जाएगी।” इस अभियान की यात्रियों ने सराहना की है।[1]

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief