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प्रादेशिक

तिलजला बुलडोजर कार्रवाई पर पार्क सर्कस में बवाल: कई उपद्रवी गिरफ्तार

कोलकाता के पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर तिलजला बुलडोजर कार्रवाई और सड़क पर नमाज के मुद्दे को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ है।

By अजय त्यागी
1 min read
पार्क सर्कस में बवाल

पार्क सर्कस में बवाल

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मध्य हिस्से में स्थित अत्यंत व्यस्त पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर सोमवार दोपहर उस समय अचानक भारी तनाव फैल गया, जब सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने मुख्य चौराहे को पूरी तरह से घेरकर उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह हंगामा पास के तिलजला इलाके में नगर निगम द्वारा की गई हालिया बुलडोजर कार्रवाई और सड़कों पर सार्वजनिक रूप से नमाज अदा करने पर कथित प्रतिबंधों के विरोध में किया जा रहा था। इस अचानक हुए चक्काजाम के कारण पूरे मध्य कोलकाता की मुख्य सड़कों पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।

हिंसक झड़प

प्रदर्शनकारी अपने हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर बीच सड़क पर बैठ गए और नागरिक निकाय के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और रास्ता खाली करने का अनुरोध किया, तो भीड़ में शामिल कुछ उग्र तत्वों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उन पर अचानक भारी पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पुलिस का एक्शन

बिगड़ते हालातों और भारी पत्थरबाजी को देखते हुए कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ तुरंत मैदान में उतरे। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त सहायक पुलिस आयुक्त (एडिशनल एसीपी) अशीष बिस्वास ने घटना की गंभीरता पर अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि, “प्रदर्शन के दौरान अचानक पुलिस टीम पर एक कायराना हमला किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार कड़ी जवाबी कार्रवाई की है।”

उपद्रवियों की पहचान

पुलिस ने लाठीचार्ज कर पूरे पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग को प्रदर्शनकारियों से पूरी तरह मुक्त कराया और उपद्रवियों को खदेड़ दिया। इलाके में फिर से शांति स्थापित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की दो विशेष कंपनियों को तैनात किया गया है।

एडिशनल एसीपी अशीष बिस्वास ने कानून का उल्लंघन करने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए आगे कहा कि, “हम सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह गहनता से देख रहे हैं कि इस सुनियोजित हिंसा के पीछे असल में कौन लोग शामिल हैं; हम घटना में लिप्त हर एक उपद्रवी को गिरफ्तार करेंगे और उन सभी के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

तिलजला अभियान

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कोलकाता नगर निगम ने हाल ही में तिलजला क्षेत्र में सरकारी भूमि और जल निकायों पर किए गए कई अवैध पक्के निर्माणों को ढहाने के लिए एक बड़ा विध्वंस अभियान चलाया था। स्थानीय लोगों का एक गुट इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताकर विरोध कर रहा था, जिसमें बाद में सड़कों पर धार्मिक प्रार्थनाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को भी जोड़ दिया गया।

कोलकाता पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी समुदाय को मुख्य व्यस्त मार्गों पर यातायात रोककर विधिक नियमों का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। फिलहाल पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।(1)

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

इस हिंसक टकराव के बाद से पूरे पार्क सर्कस और तिलजला प्रशासनिक क्षेत्र में पुलिस की विशेष चौकसी बढ़ा दी गई है। खुफिया विभाग की टीमें सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रख रही हैं ताकि इस घटना को लेकर कोई भी भ्रामक या सांप्रदायिक अफवाह न फैलाई जा सके।

कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त ने बताया कि पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है और सोमवार शाम से ही बसों व आवश्यक वाहनों का परिचालन सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी विधिक जांच में सहयोग करने की विशेष अपील की है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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