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प्रादेशिक

कोटा स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस के यात्रियों का बड़ा हंगामा

कोटा रेल मंडल में राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक भीषण आग लगने के बाद गुस्साए यात्रियों ने कोटा जंक्शन पर जोरदार प्रदर्शन किया।

By अजय त्यागी
1 min read
राजधानी एक्सप्रेस के कोच बी-1 में लगी आग

राजधानी एक्सप्रेस के कोच बी-1 में लगी आग

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राजस्थान के शिक्षा शहर में स्थित एक बेहद व्यस्त रेलवे स्टेशन पर उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रीमियम ट्रेन के यात्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया। कोटा रेल मंडल में राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच में तड़के अचानक आग लगने की घटना के बाद जब प्रभावित ट्रेन कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस आपात स्थिति के कारण रेलवे के तमाम आला अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा।

अचानक लगी आग

यह पूरी डरावनी घटना तड़के उस समय घटित हुई जब ट्रेन संख्या 12431 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस डाउन दिशा में अपनी पूरी रफ्तार से दिल्ली की तरफ बढ़ रही थी। तभी कोटा रेल मंडल के लूनी रिच्छा (LNR) और विक्रमगढ़ आलोट (VMA) स्टेशनों के बीच ट्रेन के एसी बी-1 (B-1) कोच से अचानक धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती हुई दिखाई दीं।

ट्रेन में सवार एक चश्मदीद यात्री ने उस भयानक मंजर को याद करते हुए अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, “सुबह करीब 4:50 बजे एक महिला शौचालय जाने के लिए उठी, और उसने महसूस किया कि वहां बहुत बड़ी आग लगी हुई थी, गेट के बाहर वास्तव में एक बहुत ही भीषण आग धधक रही थी।”

सुरक्षित रेस्क्यू

आग लगने की खबर फैलते ही पूरी ट्रेन में चीख-पुकार मच गई और यात्री अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, रेलवे स्टाफ की तत्परता के कारण तुरंत ही ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) की बिजली आपूर्ति को पूरी तरह से काट दिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया।

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, “प्रभावित बी-1 कोच के सभी यात्रियों को तुरंत और सुरक्षित रूप से नीचे उतार लिया गया; इस पूरी घटना में किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई है और न ही कोई जनहानि हुई है।” प्रभावित कोच को तुरंत ट्रेन से अलग कर दिया गया।

यात्रियों का गुस्सा

इस हादसे के दौरान आग बुझाने के काम में जुटे कर्मचारियों और अधिकारियों के कारण रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा और ट्रेन संख्या 12955 को भी महिंदपुर रोड स्टेशन पर रोकना पड़ा। जब राजधानी एक्सप्रेस को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया और वह कोटा जंक्शन पहुंची, तो यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।

यात्रियों का आरोप था कि इस अग्निकांड के कारण उनके कीमती सामान और दस्तावेज जलकर पूरी तरह राख हो गए हैं। यात्रियों ने स्टेशन पर ट्रेन को रोककर अपनी सुरक्षा और मुआवजे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।

दर्ज कराई प्राथमिकी

स्टेशन पर हंगामे की स्थिति को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे के वाणिज्यिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत प्लेटफॉर्म पर पहुंचे। यात्रियों ने साफ कर दिया कि वे बिना कानूनी कार्रवाई के आगे नहीं जाएंगे।

पश्चिम मध्य रेलवे जोन के कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (Sr. DCM) सौरभ जैन ने इस प्रशासनिक गतिरोध पर जानकारी देते हुए कहा कि, “यात्रियों को समायोजित करने के लिए एक अलग कोच जोड़ा गया था, लेकिन कई यात्रियों को शिकायत थी क्योंकि उनका सामान क्षतिग्रस्त हो गया था, इसलिए उन लोगों ने जोर देकर कहा कि वे प्राथमिकी (F.I.R.) दर्ज कराने के बाद ही यहां से आगे प्रस्थान करेंगे।”

राहत की घोषणा

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के गुस्से को शांत करने के लिए मौके पर ही कुछ तात्कालिक राहत उपायों की घोषणा की, जिससे यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो।

कोटा रेल मंडल में राजधानी के इस हादसे पर सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने राहत कार्यों की पुष्टि करते हुए आगे कहा कि, “रेलवे ने अपनी ओर से उन यात्रियों को कुछ विशेष राहत भी दी है जिनके सामान और सामान क्षतिग्रस्त हो गए थे, विशेष रूप से उन लोगों को जिन्हें टिकटिंग और अन्य उद्देश्यों के लिए आगे यात्रा करनी थी।” फिलहाल रेलवे की तकनीकी टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की गहनता से जांच कर रही है।[1]

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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