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प्रादेशिक

अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा द्वारा भव्य भजन संध्या

अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा द्वारा चारभुजा मंदिर में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में भव्य भजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

By अजय त्यागी
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अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा द्वारा भजन संध्या

अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा द्वारा भजन संध्या

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भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। राजस्थान की पावन धरा भीलवाड़ा के भोपालगंज स्थित प्रसिद्ध और ऐतिहासिक चारभुजा नाथ मंदिर परिसर में रविवार को धार्मिक श्रद्धा का अनूठा सैलाब उमड़ पड़ा। पुरुषोत्तम मास के परम पावन और पवित्र अवसर पर अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा द्वारा मंदिर प्रांगण के भीतर एक अत्यंत भव्य एवं संगीतमय भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष धार्मिक उत्सव का मूल उद्देश्य अधिक मास की आध्यात्मिक महत्ता को जन-जन तक पहुंचाना और सामूहिक संकीर्तन के जरिए समाज में सुख, शांति तथा लोक कल्याण की मंगल भावना का विस्तार करना है। इस आयोजन की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।

भव्य दीप प्रज्वलन

इस अलौकिक भजन संध्या का औपचारिक शुभारंभ सनातन परंपरा के अनुसार मुख्य अतिथियों द्वारा ठाकुर जी के चित्रपट के समक्ष मंगल दीप प्रज्वलित कर किया गया।

संस्था की वर्तमान अध्यक्ष मधु लढा एवं मुख्य सचिव अनुपमा मंत्री ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस भव्य भजन कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से गुंजायमान हो उठा, जिससे वहाँ उपस्थित प्रत्येक भक्त का मन पूरी तरह आनंदित और प्रफुल्लित हो गया।

भक्तिमय सराबोर

इस गरिमामयी आयोजन में शहर के विभिन्न कोनों से आई सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। महिलाओं ने भक्ति भाव में डूबकर पूरी तन्मयता से भगवान चारभुजा नाथ के भजनों का सस्वर गायन किया।

भजन संध्या की प्रस्तुतियों के दौरान संपूर्ण मंदिर परिसर एक परम पावन और अलौकिक भक्तिमय वातावरण से पूरी तरह सराबोर हो गया। सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजनों और कीर्तन के माध्यम से भगवान का स्मरण करते हुए इस विशेष पुरुषोत्तम मास के गूढ़ धार्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अनंत फलदायी मास

हिंदू पंचांग के अनुसार तीन वर्ष में एक बार आने वाले इस अधिक मास की महत्ता को पौराणिक कथाओं के माध्यम से रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम के उद्देश्यों और इसके धार्मिक फल पर प्रकाश डालते हुए संस्था की वरिष्ठ संपादक सुमन असावा ने मंच से अपने मुख्य संबोधन में कहा कि, “हमारी सनातन हिंदू परंपरा और प्राचीन शास्त्रों के अनुसार इस पावन पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की अनन्य भक्ति करने को बहुत सर्वोच्च महत्व दिया गया है; इस विशेष मास में की गई निस्वार्थ भक्ति और दान पुण्य का फल मनुष्य को कई गुना होकर वापस मिलता है।”

भजनों पर नृत्य

इस गरिमामयी भजन उत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें समिति की सह सचिव निर्मला बाहेती के परिवार की ओर से विशेष सहयोग मिला। सह सचिव निर्मला बाहेती की पुत्री के शुभ जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पुरुषोत्तम मास पर्व पर दिए गए विशेष आर्थिक एवं नैतिक सहयोग से इस भजन कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लग गए।

शहर की सुप्रसिद्ध भजन गायिका पुष्पा गग्गड ने मंच संभालते ही एक से बढ़कर एक सुमधुर और मरुधरा के पारंपरिक भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

भजनों की प्रस्तुति

गायिका पुष्पा गग्गड के द्वारा गाए गए सुप्रसिद्ध मारवाड़ी भजन “मारो चारभुजा रो नाथ, मीठे रस से भरोडी राधा रानी लागे, कालो गणो रूपारो सांवरियो और सुणे सुणे री गढ़ बोरिया वाला” आदि भजनों पर पंडाल में बैठी सभी महिला सदस्य भावविभोर हो गईं। भजनों की इन दिव्य धुनों पर सभी सदस्यों ने भक्तिमय होकर और आनंद के साथ जमकर भाव नृत्य किया।

अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा ने ठाकुर जी की भक्ति का ऐसा अनूठा प्रभाव था कि वृद्ध महिलाओं से लेकर युवा युवतियां भी खुद को थिरकने से रोक नहीं पाईं और पूरा वातावरण वृंदावन धाम की तरह प्रतीत होने लगा।

महाप्रसाद का वितरण

अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा के इस विशाल भजनों के महोत्सव को सफल बनाने में संस्था की सभी महिला पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

समारोह के दौरान जतन हिंगड़, उषा सोमानी, मंजू झंवर, ललिता नौलखा, रेखा नुवाल, मधु हिंगड़, आशा माहेश्वरी, शिखा सोमानी, अनीता तोषनीवाल, रेनू जागेटिया, कांता, विमला बुला, सरिता और नीतू सहित समिति की दर्जनों प्रमुख सदस्याए मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में अखिल मारवाड़ी महिला समिति भीलवाड़ा की ओर से भगवान चारभुजा नाथ की विधि-विधान से भव्य महाआरती उतारी गई और उपस्थित सभी भक्तों के बीच शुद्ध देशी घी के हलवे और पंचामृत के महाप्रसाद का वितरण विधिक रूप से संपन्न किया गया।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief