आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा द्वारा एआईसीए लेवल वन कोर्स संपन्न
आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए तीन दिवसीय एआईसीए लेवल वन कोर्स आयोजित किया गया।
विशेष राष्ट्रीय कोर्स का आयोजन
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। आधुनिक औद्योगिक परिदृश्य में सूचना प्रौद्योगिकी और उन्नत सॉफ्टवेयर के समावेश से व्यापारिक कार्यप्रणालियों में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में बदलते तकनीकी युग के अनुसार वित्तीय विश्लेषकों को तैयार करने हेतु आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दक्ष बनाने के उद्देश्य से एक विशेष राष्ट्रीय कोर्स का आयोजन किया गया। इस "चार्टर्ड अकाउंटेंट्स हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआईसीए) लेवल 1" सर्टिफिकेट कोर्स का सफल संचालन स्थानीय स्तर पर 15 से 17 मई 2026 तक किया गया। तीन दिवसीय इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में 50 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
सीए की महत्ता
वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में प्रोफेशनल कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदलने वाला है तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा।
इस विजनरी बात को रेखांकित करते हुए मुख्य अतिथि सीए दिनेश नोलखा, एमडी एवं चेयरमैन, नितिन स्पिनर्स लिमिटेड ने समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो प्रोफेशनल्स समय रहते नई तकनीक को आत्मसात नहीं करेंगे, वे प्रतिस्पर्धा में पीछे छूट जाएंगे। सत्र की विशिष्ट अतिथि इंदौर से पधारी पूर्व सीसीएम सीए केमिशा सोनी रहीं, जिन्होंने प्रोफेशनल विकास में निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।
व्यावहारिक समझ जरूरी
इस महत्वपूर्ण कोर्स के विभिन्न सत्रों के दौरान साइबर सुरक्षा, डाटा गोपनीयता, एआई रिस्क मैनेजमेंट एवं प्रोफेशनल एथिक्स जैसे समसामयिक विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
आयोजन की सफलता को साझा करते हुए आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के बारे में शाखा अध्यक्ष सीए दिनेश सुथार ने बताया कि इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूलभूत समझ प्रदान करने के साथ-साथ ऑडिट, टैक्सेशन, डाटा विश्लेषण, वित्तीय रिपोर्टिंग एवं आधुनिक कार्यालय प्रबंधन में एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग से सीधे परिचित कराना था।
लाइव डेमो सत्र
तीन दिनों तक चले इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न आधुनिक एआई टूल्स एवं तकनीकों का लाइव डेमो एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रथम दिवस पर मुख्य वक्ता सीए सुलभ गुप्ता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधारभूत अवधारणाओं, जनरेटिव एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा प्रोफेशनल कार्यों में एआई के उपयोग पर विस्तृत जानकारी साझा की।
द्वितीय दिवस पर विषय विशेषज्ञ सीए अखिल पचौरी ने एआई आधारित ऑटोमेशन एवं जटिल डाटा विश्लेषण पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे जटिल गणनाएं चुटकियों में हल करना सुगम हो गया।
भविष्य की दिशा
प्रशिक्षण के तृतीय एवं अंतिम दिवस पर मुख्य विषय विशेषज्ञ सीए रिशीर सोनी ने एडवांस एआई एप्लिकेशन, एआई आधारित वित्तीय रिसर्च, ऑटोमेटेड कंटेंट निर्माण, प्रोफेशनल प्रेजेंटेशन डिजाइन एवं भविष्य में एआई की असीमित संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
तीनों दिनों तक सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रतिभागियों ने अपने लैपटॉप के माध्यम से हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्रों में सक्रिय सहभागिता निभाई। विभिन्न एआई टूल्स का वास्तविक उपयोग सीखकर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना उनके लिए बेहद अनूठा रहा। कार्यक्रम में लाइव डेमो और केस स्टडी ने सभी को विशेष रूप से आकर्षित किया।
सकारात्मक फीडबैक रहा
इस सफल और तकनीकी कार्यक्रम के समापन पर शाखा सचिव पुलकित राठी ने बताया कि तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से सदस्यों को एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग, प्रोफेशनल ऑटोमेशन एवं आधुनिक कार्य प्रणालियों की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई है, जो भविष्य में उनके प्रोफेशनल कार्यों को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
इसके साथ ही शाखा उपाध्यक्ष सत्यनारायण लाठी ने इस कोर्स को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं भविष्य की प्रोफेशनल आवश्यकताओं के अनुरूप बताया।
आभार व्यक्त किया
आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा उपाध्यक्ष सत्यनारायण लाठी ने अपने वक्तव्य में आगे जोड़ते हुए स्पष्ट कहा कि एआई आधारित यह प्रशिक्षण आधुनिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
कार्यक्रम के समापन सत्र के अंत में आईसीएआई भीलवाड़ा शाखा द्वारा आयोजित इस भव्य मंच पर कोषाध्यक्ष सीए अक्षय सोडाणी द्वारा सभी फैकल्टी सदस्यों, आगंतुक अतिथियों, प्रतिभागियों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी सदस्यों का सहृदय आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के तकनीकी एवं प्रोफेशनल विकास कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।