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आनंदपुर कालू क्षेत्र में गोवंश की मौत से पशुपालकों में भारी रोष

आनंदपुर कालू क्षेत्र में बस्सी-नयागांव संरक्षित वन क्षेत्र में विस्फोटक खाने से गंभीर रूप से घायल गोवंश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg घायल गोवंश

घायल गोवंश

ब्यावर (शिंभू सिंह शेखावत)। राजस्थान के नवगठित ब्यावर जिले के अंतर्गत आने वाले आनंदपुर कालू क्षेत्र में एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के बस्सी-नयागांव संरक्षित वन क्षेत्र के पास जंगली शिकारियों द्वारा फैलाए गए अवैध बारूद के जाल की वजह से एक बेजुबान पशु की जान चली गई है। आनंदपुर कालू क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री (पोटाश के गोले) चबाने से गंभीर रूप से घायल हुए एक लाचार गोवंश की शनिवार को स्थानीय चिकित्सा केंद्र में उपचार के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। इस अमानवीय घटना के बाद से ही पूरे इलाके के पशुपालकों, ग्रामीणों एवं भेड़पालकों में वन विभाग के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।

जबड़ा हुआ क्षत-विक्षत

इस पूरे गंभीर मामले की जमीनी सच्चाई और क्रूरता को उजागर करते हुए सामाजिक संगठन कामधेनु सेना ने जिम्मेदार वन अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से इस कृत्य के दोषियों के खिलाफ अविलंब कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।

कामधेनु सेना के ब्लॉक अध्यक्ष मनोहर भडियासर ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को बस्सी-नयागांव मार्ग स्थित घने संरक्षित वन क्षेत्र में एक गोवंश अत्यंत लहूलुहान और तड़पती हुई गंभीर अवस्था में ग्रामीणों को मिला था। किसी अज्ञात शिकारी द्वारा लगाए गए घातक विस्फोटक पदार्थ के कारण उस बेजुबान गाय के मुंह और जबड़े का पूरा हिस्सा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था।

पुलिस को सूचना

जंगल के रास्ते से गुजर रहे स्थानीय सजग नागरिक छोटूलाल सिरोही ने जब इस लहूलुहान गोवंश को तड़पते देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना देकर कामधेनु सेना के पदाधिकारियों को अवगत कराया।

सूचना मिलते ही संगठन के दर्जनों गौरक्षक और कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही आनंदपुर कालू थाना पुलिस प्रशासन को घटना की लिखित सूचना दी गई। बेजुबान की ऐसी भयावह हालत देखकर मौके पर जमा हुए ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और लोगों ने शिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

उपचार के दौरान दम तोड़ा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत जाब्ते के साथ घटनास्थल का गहन मौका मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए।

इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायल गोवंश को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए "बाबा रामदेव बेजुबान जीव कल्याण केन्द्र, आनंदपुर कालू" पहुंचाया गया। वहाँ पशु चिकित्सकों की विशेष टीम ने बेजुबान को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अंदरूनी घाव बहुत गहरे होने के कारण शनिवार दोपहर को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जसवंत सिंह के निर्देशन में मेडिकल बोर्ड द्वारा गोवंश का पोस्टमार्टम विधिक रूप से करवाया गया।

शिकारियों की करतूत

इस क्षेत्र के समस्त ग्रामीणों और भेड़पालकों का खुला आरोप है कि अरावली की पहाड़ियों और वन क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह काफी समय से सक्रिय हैं।

ये शिकारी अक्सर जंगली सुअर और नीलगाय जैसे जानवरों को फंसाने के लिए जंगल के रास्तों एवं तालाबों के आसपास खाद्य सामग्री में पोटाश व अन्य ज्वलनशील विस्फोटक पदार्थ मिलाकर आटे के जानलेवा गोले डाल देते हैं। इन छिपे हुए बमों को भोजन समझकर जब गाय या अन्य घरेलू मूक पशु चबाते हैं, तो उनके मुंह में भयानक ब्लास्ट हो जाता है और वे तड़प-तड़पकर मरने को मजबूर हो जाते हैं।

दोषियों पर कार्रवाई

इस दर्दनाक हादसे के बाद कामधेनु सेना और आम जनता ने वन क्षेत्र में बढ़ रही ऐसी अवैध आपराधिक गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई है।

आनंदपुर कालू क्षेत्र में बेजुबानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और वन चौकियों पर सख्त रात्रि निगरानी बढ़ाने की पुरजोर मांग की गई है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दीनाराम गहलोत, गोविंद गहलोत, राकेश देवासी, राकेश भाटी, शहजाद, राजेश गहलोत, प्रकाश सोमरवाल और मुकेश सहित बहुत बड़ी संख्या में कामधेनु सेना के कार्यकर्ता एवं आक्रोशित ग्रामीण मुख्य रूप से मौजूद रहे।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक बयानों, प्रशासनिक आदेशों और प्रमाणित सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। किसी भी वैधानिक संदर्भ या अंतिम नियमों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की मूल रिपोर्ट को ही प्रामाणिक माना जाना चाहिए। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी निर्णय के परिणामों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

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Editor-in-Chief