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भीलवाड़ा में पेट्रोल पंप संचालकों का प्रदर्शन, नोजल सील

भीलवाड़ा में पेट्रोल पंप संचालकों ने नोजल सील करने की कार्रवाई के विरोध और ईंधन बचाओ अभियान के समर्थन में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।

By अजय त्यागी
1 min read
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। राजस्थान के टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा जिले में इन दिनों ईंधन वितरण व्यवस्था और प्रशासनिक जांच को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भीलवाड़ा में पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल-डीजल दिए जाने की लगातार मिल रही गंभीर जन शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने एक बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया था। जांच के दौरान तकनीकी गड़बड़ी और कम ईंधन देने की पुष्टि होने पर विधिक माप विज्ञान विभाग (नापतोल विभाग) ने कई पेट्रोल पंपों के नोजल तुरंत प्रभाव से सील कर दिए। इस औचक कार्रवाई से जिलेभर के पेट्रोलियम कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल

प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर सोसाइटी के आह्वान पर सोमवार सुबह जिले के अधिकांश निजी पेट्रोल पंप सुबह 9 बजे से 11 बजे तक पूरी तरह बंद रहे।

अचानक दो घंटे के लिए पंपों की तालाबंदी होने से रिहायशी इलाकों और नेशनल हाईवे पर चल रहे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थित ईंधन केंद्रों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हालांकि, इस सांकेतिक बंद के दौरान मानवीय आधार पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकारी वाहनों जैसी आवश्यक सेवाओं को पूरी छूट दी गई थी।

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

इसके बाद भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर सोसाइटी के बैनर तले सैकड़ों संचालकों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ पुरजोर प्रदर्शन किया।

एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने नोजल सीलिंग की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू तथा एडिशनल एसपी पारस जैन से मुलाकात की। संचालकों ने जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर भीलवाड़ा में पेट्रोल पंप से सम्बंधित पूरे मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार ही निरीक्षण एवं विधिक कार्यवाही संपन्न करने की पुरजोर मांग की है।

छवि धूमिल होने का आरोप

एसोसिएशन के अध्यक्ष जाकिर हुसैन ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि हाल ही में नापतोल विभाग द्वारा किए गए पेट्रोल पंपों के औचक निरीक्षण का तरीका बेहद अव्यवस्थित और त्रुटिपूर्ण रहा।

उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि, “बिना अंतिम जांच के ही कई पंपों के नाम सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उजागर कर दिए गए, जिससे वर्षों से ईमानदारी से काम कर रहे डीलरों की छवि समाज में धूमिल हुई है और पूरे पेट्रोलियम कारोबार की साख प्रभावित हुई है।” उन्होंने मांग की कि विभागीय कमियों को सुधारा जाना चाहिए।

रात को बंद रहेंगे पंप

इस विवाद के बीच भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर सोसाइटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी 'ईंधन बचाओ अभियान' के नैतिक समर्थन में एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है।

सोसाइटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अब पूरे भीलवाड़ा जिले में हर दिन रात 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक सभी पेट्रोल पंप पूर्ण रूप से बंद रखे जाएंगे। हालांकि, रात के इस विशेष बंद के दौरान भी एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए ईंधन की चौबीस घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

औद्योगिक इकाइयों पर नजर

डीलर्स एसोसिएशन के सचिव अशोक मूंदड़ा और कोषाध्यक्ष दिनेश भक्त ने ज्ञापन में एक अन्य गंभीर मुद्दे की तरफ जिला रसद विभाग का ध्यान आकर्षित किया है।

उनका आरोप है कि जिले की कुछ बड़ी औद्योगिक इकाइयां अपने निर्धारित व्यावसायिक स्रोतों से महंगा डीजल खरीदने के बजाय शहर और हाईवे के रिटेल पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में डीजल भरवा रही हैं। इस थोक उठाव के कारण आम उपभोक्ताओं को अपनी गाड़ियों के लिए समय पर ईंधन नहीं मिल पा रहा है और भीलवाड़ा में पेट्रोल पंप पर ईंधन की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

जांच की मांग तेज

पेट्रोलियम डीलर्स ने इस थोक खरीद के अवैध नेटवर्क की जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

भीलवाड़ा जिले में वर्तमान में कुल 220 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें से बंद के दौरान लगभग 10 सरकारी कंपनियों द्वारा सीधे संचालित (सीओसीओ) पंप खुले रहे, जबकि बाकी सभी निजी पंप पूरी तरह बंद रहे। ज्ञापन सौंपने के दौरान महेश सोनी, राजकुमार ओझा, ईश्वर खोईवाल, गौतम, यशवंत यादव, कान सिंह खारड़ा, लोकेश सुवालका सहित भीलवाड़ा में पेट्रोल पंप एसोसिएशन के कई वरिष्ठ सदस्य और डीलर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह व्यापारिक और प्रशासनिक समाचार रिपोर्ट भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर सोसाइटी द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन, नापतोल विभाग की प्राथमिक कार्रवाई और एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा दिए गए आधिकारिक बयानों के तथ्यों पर आधारित है। ईंधन की कीमतों, माप की शुद्धता और पेट्रोल पंपों के संचालन समय से जुड़े विधिक नियम पूरी तरह से भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय और राज्य रसद विभाग के विधिक क्षेत्राधिकार के अधीन हैं। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief