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प्रादेशिक

उत्तराखंड के ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे बेपटरी

उत्तराखंड में ऋषिकेश के योग नगरी स्टेशन यार्ड में उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, गनीमत रही कि उस समय उसमें कोई भी यात्री सवार नहीं था।

By अजय त्यागी
1 min read
उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए

उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए

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उत्तराखंड में ऋषिकेश के योग नगरी रेलवे स्टेशन परिसर के नजदीक सोमवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा होने की खबर सामने आई है। हरिद्वार-ऋषिकेश रेल मार्ग पर खांड गांव क्षेत्र के समीप उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे  अचानक पटरी से उतर गए। इस घटना के बाद रेलवे महकमे और स्थानीय प्रशासन में तुरंत हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन को मुख्य स्टेशन से हटाकर पास के रेलवे यार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था।

यात्री नहीं थे

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना सोमवार रात करीब 9:40 बजे योग नगरी रेलवे स्टेशन के आउटर एरिया में घटित हुई।

जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त ट्रेन पूरी तरह से खाली थी और उसमें कोई भी यात्री सवार नहीं था। ट्रेन अपनी नियमित यात्रा पूरी करने के बाद यार्ड की तरफ बढ़ रही थी कि उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे बेपटरी हो गए। खाली होने की वजह से ही इस भयानक हादसे में किसी भी तरह की जनहानि या किसी रेल यात्री के घायल होने की कोई खबर नहीं है।[1]

यार्ड में दुर्घटना

अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना उस समय हुई जब ट्रेन यार्ड एरिया के ट्रैक चेंजिंग पॉइंट से गुजर रही थी।

इसी तकनीकी मोड़ पर अचानक तेज आवाज के साथ उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे एक के बाद एक पटरी से नीचे उतर गए। इस घटना के तुरंत बाद स्थानीय स्टेशन मास्टर और तकनीकी टीम ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए संबंधित ट्रैक की बिजली लाइन काट दी और रेलवे के उच्चाधिकारियों को आपातकालीन सूचना भेजी।

बचाव कार्य 

हादसे की सूचना मिलने के महज कुछ ही मिनटों के भीतर ऋषिकेश और हरिद्वार से रेलवे के तकनीकी इंजीनियरों का दल और राहत बचाव ट्रेन (ART) मौके पर पहुंच गई।

अंधेरा अधिक होने के कारण शुरुआत में बचाव दल को पटरियों का जायजा लेने में थोड़ी व्यावहारिक परेशानी आई। लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत हैलोजन लाइटें लगाकर युद्ध स्तर पर उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे को दोबारा ट्रैक पर लाने (री-रेलिंग) का काम शुरू कर दिया।

संचालन पर असर

उत्तराखंड में ऋषिकेश के इस महत्वपूर्ण रेलवे यार्ड में हुए हादसे के कारण मुख्य रेल मार्ग की मुख्य लाइनों पर तो सीधा असर नहीं पड़ा, लेकिन यार्ड की तरफ जाने वाली अन्य ट्रेनों की शंटिंग प्रक्रिया कुछ समय के लिए जरूर बाधित हो गई।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि, “यार्ड लाइनों को जल्द से जल्द पूरी तरह साफ करने का प्रयास किया जा रहा है; ताकि मंगलवार सुबह से आने वाली अन्य ट्रेनों का परिचालन बिना किसी देरी के सुचारू रूप से किया जा सके।”

उच्च स्तरीय जांच

रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय विधिक कमेटी गठित करने के निर्देश दे दिए हैं।

शुरुआती कयासों में ट्रैक पर किसी तकनीकी खराबी या फिर ट्रेन की शंटिंग के दौरान गति सीमा में हुई चूक को इस दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। जांच टीम दुर्घटना स्थल के ट्रैक पॉइंट्स और डिब्बों के व्हील बेस की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सही कारणों का पता लगाया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता

योग नगरी स्टेशन के पास हुए इस हादसे ने पहाड़ी क्षेत्रों के अंतिम टर्मिनस स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और शंटिंग नियमों के कड़ाई से पालन पर एक बार फिर ध्यान खींचा है।

स्थानीय रेलवे पुलिस (GRP) और आरपीएफ के जवान भी रातभर मौके पर मुस्तैद रहे ताकि ट्रैक बहाली के कार्य में कोई बाहरी बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार दोपहर तक प्रभावित ट्रैक को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा। उत्तराखंड में ऋषिकेश के इस आउटर ट्रैक पर सुरक्षा मानकों को अब और अधिक कड़ा किया जा रहा है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह रेल दुर्घटना समाचार रिपोर्ट उत्तर रेलवे (ऋषिकेश मंडल) के अधिकारियों द्वारा जारी प्राथमिक सूचनाओं, यार्ड प्रबंधन की रिपोर्ट और स्थानीय संवाददाताओं द्वारा प्रेषित प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। ट्रेन परिचालन के नियमों, जांच कमेटी के अंतिम निष्कर्षों और तकनीकी कारणों का विवरण पूरी तरह से भारतीय रेलवे और रेल मंत्रालय के आधिकारिक विधिक बयानों के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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