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प्रादेशिक

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने घाटी और सीमाई इलाकों से कैडर दबोचे

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने राज्यव्यापी अभियान के तहत प्रतिबंधित पीएलए और यूएनएलएफ संगठनों के छह उग्रवादियों को दबोच लिया है।

By अजय त्यागी
1 min read
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

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मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उत्तर-पूर्वी राज्य में जारी उग्रवाद और आंतरिक अशांति के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के संयुक्त विंग द्वारा राज्य के अलग-अलग संवेदनशील जिलों में चलाए गए एक सघन और व्यापक खोज अभियान के तहत विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के कुल छह सक्रिय उग्रवादियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मुख्यालय से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, राज्य के सीमाई और घाटी वाले जिलों में इन राष्ट्रविरोधी तत्वों के छिपे होने के इनपुट प्राप्त हुए थे।[1]

मोरेह शहर में नाकेबंदी

इस बड़े सुरक्षा अभियान की विस्तृत ग्राउंड जानकारी साझा करते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने मंगलवार सुबह प्रेस वार्ता में बताया कि खुफिया तंत्र से सटीक सूचनाएं मिली थीं।

इसी क्रम में प्रतिबंधित संगठन पीपल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए के तीन कट्टर और सक्रिय सदस्यों को सोमवार को भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित मोरेह शहर से दबोच लिया गया। टेंगनौपाल जिले का यह सीमावर्ती कस्बा अंतरराष्ट्रीय घुसपैठ के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहाँ सुरक्षा एजेंसियां हर वक्त हाई अलर्ट पर तैनात रहती हैं।

हथियार तस्कर दबोचा

इसी रणनीतिक धरपकड़ की अगली कड़ी के रूप में मणिपुर में सुरक्षा बलों ने थौबाल जिले के अंतर्गत आने वाले याइरीपोक बाजार क्षेत्र में रविवार को घेराबंदी की थी।

यहाँ से प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट यानी यूएनएलएफ (कोइरेंग गुट) के एक कुख्यात और सक्रिय उग्रवादी कैडर को रंगे हाथों हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह कैडर लंबे समय से घाटी वाले इलाकों में अत्याधुनिक हथियारों और गोला-बारूद की अवैध तस्करी के सिंडिकेट का संचालन कर रहा था।

घातक सामान बरामद

थौबाल से गिरफ्तार किए गए इस तस्कर उग्रवादी की मणिपुर में सुरक्षा बलों ने सघन शारीरिक तलाशी ली, तो उसके कब्जे से सेना द्वारा उपयोग की जाने वाली एक घातक 9 एमएम पिस्तौल की मैगजीन और कई आपत्तिजनक विद्रोही दस्तावेज बरामद किए गए।

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि बरामद किए गए इन गुप्त दस्तावेजों में कई अन्य स्थानीय सहयोगियों के नाम और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड दर्ज हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस उग्रवादी की कॉल डिटेल खंगालकर उसके पूरे सिंडिकेट का पता लगा रही हैं।

अन्य जिलों में दबिश

इन चार बड़ी गिरफ्तारियों के अलावा राज्य पुलिस और असम राइफल्स की त्वरित कार्यबल टीमों ने इंफाल ईस्ट और वेस्ट जिलों के रिहायशी इलाकों में भी देर रात औचक छापेमारी की थी।

वहां से भी अलग-अलग उग्रवादी गुटों के दो अन्य संदिग्ध कैडरों को हिरासत में लिया गया है। ये दोनों आरोपी शहर में जबरन वसूली, व्यापारियों को धमकाने और स्थानीय युवाओं को देश विरोधी ताकतों में शामिल करने के लिए भड़काने की गतिविधियों में पूरी तरह लिप्त पाए गए थे।

म्यांमार कैंपों से कनेक्शन

सुरक्षा तंत्र के शीर्ष कमांडरों ने इन गिरफ्तारियों के बाद सीमावर्ती चौकियों पर अतिरिक्त सैन्य बलों को मुस्तैद रहने का निर्देश जारी कर दिया है।

इंफाल में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए बताया कि, “पकड़े गए पीएलए और यूएनएलएफ कैडरों के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और म्यांमार स्थित आतंकी कैंपों से जुड़े कड़ियों की गहनता से जांच की जा रही है।” आशंका है कि ये सभी किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे।

घाटी में हाई अलर्ट

राज्य में लंबे समय से जारी दो समुदायों के बीच के आंतरिक जातीय तनाव का फायदा उठाकर ये प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एक बार फिर अपनी सक्रियता बढ़ाने की फिराक में हैं।

यही वजह है कि राज्य पुलिस और केंद्रीय बल लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। उग्रवादियों के इस नेटवर्क के पकड़े जाने के बाद से पूरे इंफाल घाटी क्षेत्र में नाकेबंदी को और सख्त कर दिया गया है ताकि अशांति फैलाने की किसी भी नई कोशिश को कुचला जा सके।

कड़ी कानूनी कार्रवाई

पकड़े गए इन सभी छह उग्रवादियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और आर्म्स एक्ट के तहत विभिन्न गंभीर विधिक मामले दर्ज कर लिए गए हैं।

स्थानीय अदालतों से इनकी पुलिस रिमांड मांगी जा रही है ताकि इनके भूमिगत नेटवर्क को नेस्तनाबूत किया जा सके। जिला पुलिस कप्तानों ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। अंततः, मणिपुर में सुरक्षा बलों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में पूर्ण अमन-चैन स्थापित होने तक ऐसी उग्रवादी विरोधी कड़ाई लगातार जारी रहेगी।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी समाचार रिपोर्ट मणिपुर पुलिस विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति, असम राइफल्स के आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं द्वारा प्रेषित प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। उग्रवादियों की गिरफ्तारी, बरामद हथियारों की जांच और कोर्ट ट्रायल की प्रक्रिया पूरी तरह से राज्य पुलिस के जांच तंत्र और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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