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एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण कर दिए जरूरी निर्देश

एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण कर प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने भीषण गर्मी में मरीजों के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण

एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण

एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ अचानक ग्राउंड जीरो पर पहुंचीं। राजस्थान में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सरकारी अस्पतालों में आने वाले आम मरीजों को त्वरित राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह औचक दौरा किया गया। इस दौरान प्रमुख सचिव ने साफ किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विभिन्न विभागों का जायजा

अस्पताल परिसर पहुंचते ही प्रमुख शासन सचिव ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम को साथ लिया और सीधे क्रिटिकल केयर यूनिट्स की तरफ बढ़ गईं।

इस सघन दौरे के दौरान उन्होंने ट्रॉमा सेंटर, आपातकालीन वार्ड, आउटडोर (ओपीडी), आईसीयू, सीटी स्कैन और डिजिटल एक्स-रे विंग सहित चिकित्सालय की तमाम महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने वार्डों में जाकर साफ-सफाई और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता को खुद अपनी आंखों से परखा।

मरीजों से सीधा संवाद

इस औचक दौरे की सबसे खास बात यह रही कि प्रमुख शासन सचिव ने केवल कागजी आंकड़ों या डॉक्टरों की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया।

उन्होंने एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण करते हुए वहां अलग-अलग वार्डों और लाइनों में खड़े मरीजों तथा उनके साथ आए परिजनों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने आम लोगों से पूछा कि क्या उन्हें डॉक्टरों द्वारा लिखी गई सभी दवाइयां और जरूरी जांचें अस्पताल के भीतर ही निशुल्क मिल रही हैं या नहीं।

कूलिंग सिस्टम दुरुस्त करने के निर्देश

जोधपुर संभाग में तापमान के पचास डिग्री के करीब पहुंचने की आशंका को देखते हुए हीट वेव से निपटने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए।

श्रीमती गायत्री राठौड़ ने अस्पताल के अधीक्षक और पूरी टीम को कड़े लहजे में निर्देश दिए कि संपूर्ण परिसर में कूलिंग सिस्टम, सेंट्रलाइज्ड एसी और वॉटर कूलर पूरी तरह चालू हालत में रहने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मरीजों के लिए ठंडे पेयजल की चौबीसों घंटे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

छायादार टेंट और बैठने की व्यवस्था

दोपहर के समय अस्पताल की ओपीडी में उमड़ने वाली भारी भीड़ को धूप और तपन से बचाने के लिए भी तात्कालिक इंतजाम करने को कहा गया है।

उन्होंने रजिस्ट्रेशन काउंटरों और मुख्य प्रवेश द्वारों के बाहर बड़े छायादार टेंट लगाने, पर्याप्त कुर्सियां रखने और बैठने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ और डिजिटल किया जाए ताकि तीमारदारों को लंबी लाइनों में न जूझना पड़े।

ट्रॉमा सेवाओं का होगा विस्तार

जोधपुर का मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल संपूर्ण पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा लाइफलाइन केंद्र माना जाता है, जहां जैसलमेर और बाड़मेर तक के मरीज आते हैं।

इस रणनीतिक महत्व को समझते हुए, एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण कर, प्रमुख शासन सचिव ने ट्रॉमा सेवाओं के आधुनिक विस्तार, पैरामेडिकल स्टाफ और मैनपावर की प्रभावी तैनाती करने की बात कही। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि बजट घोषणाओं के तहत चल रही सभी लंबित ढांचागत परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तय समय में पूरा किया जाए।

निशुल्क इलाज के लिए प्रतिबद्धता

राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रदेश की आम जनता को बेहतरीन और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना शासन का मुख्य ध्येय है।

उन्होंने कहा कि, “राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को शत-प्रतिशत निशुल्क दवाएं, उन्नत जांचें और ऑपरेशन की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि गरीब से गरीब मरीज पर भी किसी तरह का कोई आर्थिक भार न पड़े और समय पर उचित उपचार संभव हो सके।”

अंत में प्रशासनिक समीक्षा

दौरे के आखिरी पड़ाव में प्रमुख सचिव ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य और वरिष्ठ संकाय सदस्यों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की।

उन्होंने साफ लहजे में हिदायत दी कि डॉक्टर राउंड के समय अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें और मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखें। इस प्रकार, एमडीएम अस्पताल जोधपुर का औचक निरीक्षण करने के इस कदम से आने वाले दिनों में स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं में बड़े और सकारात्मक सुधार देखने को मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह चिकित्सा अवसंरचना और लोक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी समाचार रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट, एमडीएम अस्पताल प्रशासन के आंतरिक डेटा और स्थानीय संवाददाताओं द्वारा प्रेषित प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, बजट आवंटन और विभिन्न सरकारी निशुल्क योजनाओं के कार्यान्वयन की अंतिम समय-सारणी पूरी तरह से राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय के तय प्रशासनिक नियमों के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief