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नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार, दर्शन को उमड़े भक्त

नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार दर्शन के विशेष आयोजन के तहत अधिक मास पर भगवान विष्णु का चतुर्भुज रूप सजाया गया है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार

नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार दर्शन होने के साथ ही टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा के संपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में अलौकिक भक्ति और दिव्यता का एक बेहद अनूठा महासंगम देखने को मिल रहा है। सनातन धर्म के पवित्र अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास के परम पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की एक लंबी श्रृंखला चल रही है। इन विशेष आयोजनों के तहत ठाकुर जी का प्रतिदिन अलौकिक, चित्ताकर्षक और नित-नूतन विशेष दिव्य श्रृंगार रचा जा रहा है।

साक्षात हरि विष्णु का रूप

इसी पावन धार्मिक कड़ी के अंतर्गत मंगलवार को मंदिर के गर्भगृह में सांवरिया सेठ का भगवान विष्णु के साक्षात चतुर्भुज स्वरूप में बेहद भव्य और मनमोहक श्रृंगार तैयार किया गया।

जिसके अलौकिक दर्शन पाकर दूर-दूर से आए सैकड़ों श्रद्धालु पूरी तरह भाव-विभोर हो उठे। अलसुबह पारंपरिक मंगला आरती के संपन्न होने के तुरंत बाद मुख्य सेवादारों द्वारा ठाकुर जी के विग्रह को साक्षात हरि विष्णु का रूप देते हुए उनकी चार कलात्मक भुजाएं विशेष रूप से सजाई गईं।

शंख और सुदर्शन चक्र धारण

भगवान के ऊपरी दोनों हाथों में सनातन परंपरा के अनुसार दिव्य शंख और सुदर्शन चक्र का अलौकिक प्रतीक सुशोभित किया गया था।

वहीं दूसरी ओर निचले दोनों हाथों में उन्होंने सोने की भव्य कौमोदकी गदा और अत्यंत सुंदर व ताज़ा गुलाबी कमल का पुष्प धारण किया हुआ था। ठाकुर जी को इस पावन अवसर पर विशेष रूप से चमकीले पीले रंग की रेशमी धोती यानी पीतांबर वस्त्र धारण कराया गया, जिससे गर्भगृह की पूरी आभा ही बदल गई।

गोटा-पत्ती और जरी की नक्काशी

भगवान के विग्रह पर सजाए गए हरे व गुलाबी रंग के राजसी पटके पर की गई बारीक गोटा-पत्ती और सुनहरी जरी की बेहतरीन नक्काशी भगवान की आभा को चार चांद लगा रही थी।

इसके साथ ही सांवरिया जी के शीश पर सूर्य की प्रखर किरणों जैसी अलौकिक चमक बिखेरता स्वर्ण मुकुट स्थापित किया गया। मुकुट के ठीक ऊपर लगा कलात्मक छत्र और कानों में झिलमिलाते कुंडल मुख्य रूप से भक्तों के आकर्षण का बड़ा केंद्र रहे।

नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार दर्शन

धार्मिक उत्सव के दौरान भगवान के पावन गले में वैजयंती माला और दोनों बाहों में बाजूबंद की कलात्मकता देखते ही बन रही थी।

इस आलौकिक दृश्य को जीवंत बनाने के लिए विग्रह के ठीक पीछे आसमानी रंग का एक विशेष पर्दा लगाया गया था। उस पर्दे की रंग-बिरंगी सुनहरी बॉर्डर मुख्य गर्भगृह को साक्षात पौराणिक क्षीर सागर जैसा दिव्य रूप दे रही थी, जिसे देख श्रद्धालु लगातार मंत्रमुग्ध हो रहे थे।

वैकुंठ धाम जैसा पावन नजारा

ठाकुर जी के श्रीचरणों में महकते हुए लाल गुलाब की पंखुड़ियों का एक बेहद मखमली कालीन बिछाया गया था।

वहीं दूसरी ओर आसपास कलात्मक रूप से सजाए गए नीले और गुलाबी कमल के असली फूलों ने पूरे मंदिर परिसर के वातावरण को साक्षात वैकुंठ धाम में तब्दील कर दिया था। इस भव्य उत्सव को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहरी जिलों से आने वाले भक्तों में भी भारी उत्साह देखा गया।

पुरुषोत्तम मास की अनुपम महिमा

मंदिर ट्रस्ट के मुख्य अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने इस विशेष धार्मिक उत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

अध्यक्ष गोविंद प्रसाद सोडाणी ने आधिकारिक रूप से बताया कि, “अधिक मास भगवान पुरुषोत्तम की अनन्य भक्ति का सबसे उत्तम और फलदायी समय है। इस पूरे पवित्र महीने में ठाकुर जी रोजाना अलग-अलग स्वरूपों जैसे कृष्ण लीला, राम अवतार, नरसिंह अवतार और वामन अवतार में भक्तों को दर्शन देकर निहाल करेंगे।”

जयकारों से गुंजायमान हुआ परिसर

मंगलवाद की शाम को आयोजित हुई भव्य महाआरती के दौरान पूरा मंदिर प्रांगण 'जय श्री सांवरिया सेठ' और 'हरे कृष्णा' के गगनभेदी जयकारों से चौबीसों घंटे गुंजायमान रहा।

नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार दर्शन के विशेष आयोजन के तहत हजारों की तादाद में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान के इस चतुर्भुज रूप की कपूर आरती उतारी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आखिरकार, नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर में अलौकिक श्रृंगार दर्शन होने के इस पवित्र कदम से भीलवाड़ा सहित पूरे संभाग के ग्रामीण अंचलों में सनातन धर्म और लोक संस्कृति की एक नई व बेहद मजबूत बयार बहने लगी है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह धार्मिक उत्सव, मंदिर श्रृंगार और सनातन अनुष्ठान से जुड़ी समाचार रिपोर्ट नौगांवा सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, ट्रस्ट अध्यक्ष के बयानों और स्थानीय धार्मिक संवाददाताओं द्वारा प्रेषित प्राथमिक विवरणों पर आधारित है। अधिक मास के विभिन्न नियमों, पूजा पद्धतियों और मंदिर दर्शन की समय-सारणी का अंतिम निर्णय पूरी तरह से मंदिर की स्थापित परंपराओं और प्रबंधन समिति के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस समाचार जानकारी के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief