पाली में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान
पाली में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान जिसके तहत स्कूली छात्राओं को राजकॉप सिटीजन ऐप डाउनलोड करवाकर सुरक्षित किया गया है।
पाली में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान
पाली (शिंभु सिंह शेखावत)। पाली में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान जिसके तहत जिले भर में महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक किया जा रहा है। राजस्थान पुलिस के विशेष विंग द्वारा शुरू किए गए इस त्रिस्तरीय सुरक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल और कॉलेज के आसपास अनावश्यक रूप से मंडराने वाले मनचलों और असामाजिक तत्वों पर कड़ाई से नकेल कसना है। इस अभियान से अब जिले की बेटियां खुद को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि किसी भी मनचले ने स्कूल या कॉलेज जाने वाली बालिकाओं को परेशान करने का दुस्साहस किया तो यह विशेष दस्ता तुरंत मौके पर पहुंचेगा।
वर्तमान में इस त्वरित सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे जिले में कुल 7 विशेष कालिका पेट्रोलिंग टीमें मुस्तैदी से काम कर रही हैं। यह पूरा सुरक्षा अभियान पाली पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के कड़े निर्देशों और महिला अपराध अनुसंधान सेल के उप अधीक्षक अमित सोनी के सीधे पर्यवेक्षण में संचालित किया जा रहा है।
राजकॉप सिटीजन ऐप की ट्रेनिंग
इस अभियान के अंतर्गत पुलिस अधिकारी महिला अपराधों को रोकने के लिए राजस्थान पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया "राजकॉप सिटीजन मोबाइल ऐप" डाउनलोड करवा रहे हैं।
सशक्त कालिका यूनिट की महिला कमांडोज शहर के विभिन्न संवेदनशील चौराहों, कोचिंग सेंटरों, निजी विद्यालयों और राजकीय कॉलेजों में व्यक्तिगत रूप से जाकर छात्राओं को इस तकनीकी ऐप की उपयोगिता समझा रही हैं। यह ऐप संकट के समय पीड़ित महिला के लिए सबसे बड़ा कवच साबित हो रहा है।
डर खत्म करने का प्रयास
इस अनूठी मुहिम का सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि पाली में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान जिसके बाद शहर की महिलाओं और बालिकाओं के मन से हर प्रकार का अनजाना डर और झिझक पूरी तरह खत्म हो गई है।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की बालिकाओं को बहुत ही सरल भाषा में यह सिखाया जा रहा है कि यदि वे किसी भी प्रकार की मुसीबत या असुरक्षित माहौल में फंस जाएं, तो उन्हें बिना घबराए किस प्रकार तुरंत पुलिस की सहायता मिल सकती है।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की शिक्षा
इस तकनीकी ऐप के अलावा पुलिस टीम बालिकाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत काम आने वाले विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की भी विस्तृत जानकारी दे रही है।
छात्राओं को पुलिस सहायता के लिए 112, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 और विशेष महिला उत्पीड़न सेल के लिए 1090 नंबर के बारे में जागरूक किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन नंबरों पर दी जाने वाली सभी सूचनाएं पूरी तरह गुप्त रखी जाती हैं।
एम एस कवाड स्कूल में शिविर
इसी सिलसिले में मंगलवार को पाली में शहर के प्रसिद्ध एम एस कवाड स्कूल प्रांगण में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान जिसमे एक वूमेन सेल्फ डिफेंस और कानूनी जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।
शिविर में उपस्थित सैकड़ों छात्र-छात्राओं को महिला कमांडोज द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यावहारिक फिजिकल ब्लॉक और आत्मरक्षा के कड़े शारीरिक गुर भी सिखाए गए। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने पुलिस की इस जमीनी और व्यावहारिक पहल का खुलकर स्वागत किया है।
अधिकारियों का मुख्य संदेश
शिविर को संबोधित करते हुए उप अधीक्षक अमित सोनी ने महिला सुरक्षा पर अपने विचार रखते हुए छात्राओं का मनोबल बढ़ाया।
उन्होंने छात्राओं के समक्ष अपनी बात रखते हुए कड़े शब्दों में कहा कि, “अपराध को सहना और चुप रहना अपराधियों को बढ़ावा देना है, इसलिए किसी भी अभद्रता के खिलाफ तुरंत आवाज उठाएं।” उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान पुलिस हर समय हर परिस्थिति में जिले की प्रत्येक बेटी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।
भयमुक्त शैक्षणिक माहौल का संकल्प
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान जिसके तहत स्कूल और कॉलेजों के प्राचार्यों को भी परिसर के बाहर कडी सीसीटीवी निगरानी रखने और संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है।
कार्यक्रम के समापन पर स्कूल की बालिकाओं ने पुलिस सुरक्षा के इस नए स्वरूप के प्रति पूरा विश्वास जताया। आखिरकार, पाली में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान के इस ऐतिहासिक और सुरक्षात्मक कदम के बाद पूरे जिले के शैक्षणिक संस्थानों में भयमुक्त, सुरक्षित और उल्लासपूर्ण माहौल की एक नई और बेहद मजबूत शुरुआत हो गई है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने चलाया विशेष अभियान पर यह समाचार रिपोर्ट पाली पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त प्राथमिक विवरणों पर आधारित है। राजकॉप ऐप की कार्यप्रणाली और हेल्पलाइन नंबरों की विधिक उपलब्धता पूरी तरह राजस्थान सरकार के गृह विभाग के नियमों के अधीन है। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस समाचार के आधार पर पाठकों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी दृष्टिकोण के लिए विधिक रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।