राजस्थान नर्सेज यूनियन की चेतावनी पर वेतन प्रक्रिया हुई शुरू
अखिल राजस्थान नर्सेज यूनियन के कार्य बहिष्कार की चेतावनी पर वेतन प्रक्रिया शुरू, अधीक्षक डॉ अरुण गोड़ ने लंबित मांगों पर दी सहमति।
अखिल राजस्थान नर्सेज यूनियन की चेतावनी पर वेतन प्रक्रिया हुई शुरू
राजस्थान नर्सेज यूनियन के बैनर तले आज भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में दोपहर एक बजे अचानक बड़ी संख्या में नर्सेज अपना कार्य छोड़कर चिकित्सा अधीक्षक डॉ अरुण गोड़ के कार्यालय पहुंचे। इन सभी 86 नर्सिंग कार्मिकों का पिछले तीन माह से वेतन लंबित था, जिसे लेकर कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त था।
स्पष्ट और सख्त चेतावनी
मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नर्सिंग कार्मिकों का पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। नर्सेज ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम दिया और कहा कि, "अब बिना वेतन के काम जारी रखना संभव नहीं है, प्रशासन या तो वेतन का भुगतान सुनिश्चित करे या फिर हम काम बंद करने को मजबूर होंगे।" इस कड़े रुख से गतिरोध पैदा हुआ।
अधीक्षक की त्वरित पहल
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ अरुण गोड़ ने नर्सेज के साथ तत्काल संवाद स्थापित किया। डॉ गोड़ ने मेडिकल कॉलेज के अकाउंटेंट से वार्ता कर वेतन आहरण की जटिलताओं को दूर किया। उन्होंने नर्सेज की मांग को उचित ठहराते हुए वेतन प्रक्रिया शुरू करने के पुख्ता इंतजाम किए। प्रशासन द्वारा वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू किए जाने के आश्वासन के बाद नर्सेज ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।
लंबित एरियर पर आश्वासन
अधीक्षक ने केवल वर्तमान वेतन प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि यूनियन के पदाधिकारियों की अन्य वित्तीय मांगों पर भी ठोस आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि, "बजट की मांग सरकार से कर ली गई है।" जैसे ही बकाया बजट प्राप्त होगा, पेंडिंग सरेंडर और एरियर का भुगतान भी प्राथमिकता के आधार पर नर्सेज को शीघ्र करा दिया जाएगा, ताकि किसी कर्मचारी को भविष्य में आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नर्सेज ने जताया आभार
जिला प्रवक्ता गिरिराज लड्ढा ने जानकारी देते हुए बताया कि चिकित्सा अधीक्षक के इस सकारात्मक और त्वरित पहल से पूरे नर्सिंग स्टाफ में संतोष है। सभी मेडिकल कॉलेज नर्सेज ने अधीक्षक डॉ अरुण गोड़ और राजस्थान नर्सेज यूनियन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। कर्मचारियों का मानना है कि यूनियन की एकता और सही समय पर दिए गए कार्य बहिष्कार के कड़े अल्टीमेटम के कारण ही सकारात्मक समाधान की दिशा बनी है।
यूनियन की सक्रियता
इस अवसर पर नर्सेज यूनियन के अनेक पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। इसमें कार्यकारी अध्यक्ष ललित जीनगर, संयोजक अमित व्यास, उपाध्यक्ष करण सिंह सिसोदिया सहित नर्सिंग जगत के कई प्रमुख चेहरे मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष किया और प्रशासन को अपनी बात सुनने पर विवश किया। यूनियन की यह सक्रियता राजस्थान के अन्य सरकारी चिकित्सा संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद
वेतन प्रक्रिया शुरू होने के ठोस आश्वासन के बाद मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सेवाएं पुनः सुचारू रूप से संचालित हो गई हैं। नर्सेज ने भी भरोसा दिलाया है कि वे मरीजों की सेवा में कोई कमी नहीं आने देंगे। राजस्थान नर्सेज यूनियन ने भी सरकार से आग्रह किया है कि भविष्य में कर्मचारियों को वेतन के लिए बार-बार संघर्ष न करना पड़े और समय पर बजट उपलब्ध कराया जाए ताकि कार्य संस्कृति प्रभावित न हो।
डिस्क्लेमर:
यह रिपोर्ट प्राप्त तथ्यों और कर्मचारी संगठनों द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। प्रकाशक/संपादक का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की मानहानि करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को प्रशासन के संज्ञान में लाना है। रिपोर्ट में कही गई सभी बातें संबंधित कर्मचारी संगठनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और मांगों पर आधारित हैं।