टाटा समूह के हालिया विवाद के बाद से भारतीय कॉर्पोरेट जगत ने शेयरधारक अधिकार को मजबूत और पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में अपने कदम बहुत तेजी से बढ़ा दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जीडीपी में वृद्धि के अनुमान की राहत भरी खबर सामने आई है।
पिछले डेढ़ साल में 13 प्रतिशत की रुपये में गिरावट आना केवल एक अस्थायी घटना है और इसके जल्द ही मजबूत होने की पूरी उम्मीद है।
रूसी तेल की मांग में बढ़ोतरी को लेकर Axis Bank की रिपोर्ट ने नया कारण बताया, पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत का आयात 60 मिलियन बैरल महीना हुआ।
यूरोपीय आयोग के एक नए प्रस्ताव के अनुसार भारत समेत कुछ चुनिंदा देशों को यूरोपीय संघ से धातुकचरा आयात करने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
वैश्विक बाजारों से मिल रहे सुस्त संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार के सुस्त शुरुआत करने के आसार हैं।
भारतीय बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल की कीमत के उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय मुद्रा पर निवेशकों की विशेष नजर बनी हुई है।
सॉफ्टबैंक निवेश के तहत ओपनएआई के लिए 10 अरब डॉलर से अधिक के नए बॉन्ड और वरिष्ठ असुरक्षित नोट्स जारी करने की खबरों से वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई है।
खुदरा बाजारों में ₹50 के पार पहुंचे प्याज के दाम ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। जानिए क्यों बाजार में लगातार बनी हुई है महंगाई और कब मिलेगी राहत।
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच केंद्रीय बैंक ने लिया बड़ा ऐतिहासिक फैसला, ब्याज दर में तेजी से आम आदमी की जेब पर बढ़ा भारी असर, जानिए पूरी रिपोर्ट।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने आगामी त्योहारी सीजन से पहले सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस बढ़ाकर पचहत्तर रुपये कर दी है।
सोना स्थिर और बाजार की सुस्त चाल के बीच ब्याज दरों पर आगामी नीतिगत फैसलों का आकलन करने के लिए फेडरल रिजर्व की बैठक होने वाली है।
टाटा संस की लिस्टिंग पर आरबीआई का कदम सामने आया है। कैविएट के बाद बाजार में बढ़ी हलचल और शेयरों पर असर जानिए। अब आगे की प्रक्रिया भी अहम होगी।
रुपया फिर कमजोर हो रहा है और महंगा कच्चा तेल तथा बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। RBI की कोशिशों के बावजूद बाजार में चिंता बढ़ी।