मध्य पूर्व में शांति समझौते की घोषणा के बाद एशियाई स्टॉक मार्केट और कच्चे तेल की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव के साथ वैश्विक बाजारों का हाल बदल रहा है।
वैश्विक बाजारों में फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले और अमेरिकी समझौतों के बीच सोने की कीमतों में स्थिरता का दौर देखा जा रहा है।
पश्चिमी एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले भारतीय शेयर बाजार का हाल काफी संवेदनशील और सतर्कता से भरा नजर आ रहा है।
ग्लोबल मार्केट में मची हलचल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के कारण सोने और चांदी के दाम में भारी गिरावट आने से निवेशकों में भारी अनिश्चितता देखी जा रही है।
भारतीय म्यूचुअल फंड में निवेश मई महीने में एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। बाजार में छाई अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने अपनी पूंजी के आवंटन में कमी की है।
भारतीय रुपये में गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई ने बाजार में हस्तक्षेप किया है। सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिकवाली से मुद्रा बाजार में सुधार लाने की कोशिश की
ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी, क्योंकि निवेशकों को स्थायी शांति की उम्मीद अभी भी कम है।
अमेरिकी जॉब रिपोर्ट के बाद डॉलर की मजबूती दो महीने के उच्च स्तर पर। भारतीय रुपये पर भी इसका असर दिख रहा है, इस रिपोर्ट में जानें पूरी जानकारी।
वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में गिरावट और तेल के बढ़ते दाम निवेशकों को चिंता में डाल रहे हैं। भारतीय बाजार पर इसका क्या होगा प्रभाव, जानें पूरी रिपोर्ट।
भारत में सोने की कीमत में आज फिर गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट से लेकर 18 कैरेट तक के सोने के ताजा रेट और बाजार की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी यहाँ उपलब्ध
आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। मौद्रिक नीति के इस फैसले के बाद पूँजी बाजार में सकारात्मक हलचल देखी जा रही है। जानिए पूरी जानकारी।
भारतीय बाजार की फिसलन जारी। दक्षिण कोरिया और ताइवान से पिछड़ने के बाद निवेशकों का भरोसा टूटा। क्या भारत अपनी चमक खो रहा है?
एशियाई शेयर बाजार और एआई का गहरा नाता। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच निवेशकों की नजरें तकनीक से जुड़े नए अवसरों पर टिकी हैं।
सोने की कीमतों में उछाल के बीच वैश्विक बाजार में हलचल। लेबनान संघर्ष विराम और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से निवेशकों का रुझान बढ़ा।
भारतीय रुपया और बाजार में उथल-पुथल जारी। डॉलर के मुकाबले कमजोरी और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती।