सेबी का निवेशक जागरूकता अभियान तेजी से विस्तार ले रहा है। रिटेल निवेशकों की पहुंच बढ़ाने और कॉर्पोरेट ढांचे में सुधार पर चर्चा हुई तेज।
मध्य पूर्व तनाव और तेल बाजार अस्थिरता ने निवेशकों को सतर्क किया। दोहा वार्ता के बीच अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से कच्चे तेल में भारी उछाल दिखा।
ईरान युद्ध में शांति की उम्मीदों के कारण सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है। डॉलर और तेल के दाम गिरने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार सुबह शानदार तेजी के साथ कारोबार शुरू किया है, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक हरे निशान पर पहुंच गए हैं।
वर्तमान में गोल्ड संकट और बॉन्ड यील्ड के चलते सोने की कीमतें संघर्ष कर रही हैं। हालांकि, विश्लेषकों को भविष्य में तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का वेतन समझौता एक नया उदाहरण लेकर आया है। जिससे पूरे दक्षिण कोरिया में बोनस की मांग बढ़ सकती है, जो भविष्य में आर्थिक संकट का कारण बनेगी।
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में भारी गिरावट के बाद निचले स्तर पर हुई लिवाली से मामूली सुधार और स्थिरता दर्ज की गई है।
गौरमेट इन्वेस्टमेंट्स द्वारा भारत में अमेरिकी इटालियन चेन ऑलिव गार्डन को लॉन्च करने और अगले तीन वर्षों में रेस्टोरेंट संख्या दोगुनी करने की घोषणा की गई है।
भारतीय शेयर बाजार में मध्य पूर्व संकट के चलते भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी के प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में बंद हुए।
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.2275 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।
सरकार ने अग्रिम प्राधिकार योजना के तहत शुल्क मुक्त सोने के आयात को विनियमित करने के उद्देश्य से 100 किलो तक सीमित कर नियमों को और सख्त बना दिया है।
यूरोपीय संघ ने भारत को संशोधित निर्यात सूची में शामिल किया है, जिससे सितंबर 2026 के बाद भी समुद्री उत्पादों का निर्यात बिना रुके जारी रह सकेगा।