स्वर्णकार समाज की पहल: मोतियाबिंद का निःशुल्क ऑपरेशन
स्वर्णकार समाज की पहल: मोतियाबिंद का निःशुल्क ऑपरेशन
प्रतीकात्मक फोटो : Rex TV India
बीकानेर शहर में 2 अगस्त 2025, शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है, जो कई लोगों के जीवन में फिर से रोशनी भरने का काम करेगी। श्री ब्राह्मण स्वर्णकार विकास समिति, श्री ब्राह्मण स्वर्णकार पेंशनर्स सोसायटी और आचार्य नानेश रोटरी नेत्र चिकित्सालय, गंगाशहर के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर उन सभी के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो आंखों की समस्याओं से जूझ रहे हैं, विशेषकर मोतियाबिंद के मरीजों के लिए।
आयोजन स्थल और समय
यह महत्वपूर्ण शिविर श्री ब्राह्मण स्वर्णकार पंचायत भवन, महर्षि दयानन्द मार्ग (पुरानी जेल रोड), बीकानेर में आयोजित होगा। शिविर का समय प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
इस शिविर में प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जोशी (सर्जन) अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ अपनी सेवाएं देंगे। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी, जिससे उनकी आँखों की समस्याओं का सटीक निदान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित होगा।
जाँच और ऑपरेशन की प्रक्रिया
शिविर में मरीजों की जाँच और भर्ती 2 अगस्त को ही की जाएगी। इसके बाद, मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चयनित रोगियों को 3 अगस्त को आचार्य नानेश रोटरी नेत्र चिकित्सालय, गंगाशहर ले जाया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी ऑपरेशन बिना चीरे और टांके के किए जाएंगे, जिससे रोगियों को कम परेशानी हो और रिकवरी भी तेजी से हो।
निशुल्क दवाइयाँ और चश्मे
शिविर के आयोजकों ने बताया है कि ऑपरेशन के लिए भर्ती होने वाले सभी रोगियों को दवाइयाँ और चश्मे पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। यह सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगी, जिससे उन्हें आँखों की देखभाल के लिए कोई अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
आवश्यक दस्तावेज
शिविर में ऑपरेशन के लिए चयनित व्यक्तियों को अपनी पहचान सुनिश्चित करने हेतु पहचान पत्र, आधार कार्ड या पैन कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक है। यह मानवीय पहल बीकानेर में नेत्रहीनता को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।