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वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव, चांदी आयात पर रोक

वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में भारी गिरावट के बाद निचले स्तर पर हुई लिवाली से मामूली सुधार और स्थिरता दर्ज की गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में बहुमूल्य धातुओं के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सोमवार को शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में एक महीने के सबसे निचले स्तर पर फिसलने के बाद शानदार रिकवरी देखी गई। बाजार में आई इस भारी गिरावट के बाद निवेशकों द्वारा निचले स्तर पर की गई 'डिप-बाइंग' यानी चुनिंदा खरीदारी की बदौलत हाजिर बाजार को काफी सहारा मिला। हालांकि, तेल जनित मुद्रास्फीति की चिंताओं और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रखने की आशंकाओं से बाजार पर दबाव अब भी बरकरार है।

हाजिर सोना स्थिर

विदेशी सर्राफा बाजारों से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह 02:41 बजे वैश्विक बाजार में सोने की कीमत (Spot Gold) 4,540.36 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर लगभग स्थिर रुख के साथ कारोबार करता देखा गया।

इससे पहले आज के शुरुआती कारोबारी सत्र में सोने की विधिक कीमतें टूटकर 30 मार्च के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर चली गई थीं। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों में शुरुआती गिरावट आई थी।

जटिल साइडवेज रेंज

सर्राफा बाजार की इस वर्तमान स्थिति और तकनीकी चार्ट्स पर अपनी विशेषज्ञ राय देते हुए प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ओंडा (OANDA) के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक केल्विन वोंग ने स्थिति स्पष्ट की।

उन्होंने बाजार के सेंटिमेंट पर बात करते हुए कहा कि, “हम इस समय मुनाफावसूली की गतिविधियों के कारण कीमतों में थोड़ा उछाल देख रहे हैं, क्योंकि सोना खुद अभी भी इस जटिल साइडवेज रेंज कॉन्फ़िगरेशन के भीतर फंसा हुआ है।” उनके अनुसार तकनीकी रूप से वैश्विक बाजार में सोने को ऊपरी स्तरों पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कीमतों में कोई बड़ा एकतरफा उछाल फिलहाल नहीं दिख रहा है।

ड्रोन हमलों का असर

सोमवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोने के इस रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाने की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव रही।

सप्ताहांत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि एक संदिग्ध ड्रोन हमले के कारण उनके प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्र में भीषण आग लग गई थी। इसके साथ ही, सऊदी अरब ने भी अपनी सीमा के भीतर प्रवेश कर रहे तीन आत्मघाती ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट करने की रिपोर्ट साझा की है। इन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।

महंगाई बढ़ने का डर

इन गंभीर सैन्य हमलों के कारण वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंका से सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों के बीच मुद्रास्फीति (महंगाई) को लेकर एक नया डर पैदा कर दिया है। विधिक आर्थिक नियमों के अनुसार, केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति की अवधि के दौरान तरलता को नियंत्रित करने के लिए अपनी मुख्य ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हैं। उच्च ब्याज दरें गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे कि सोने (बुलियन) के आकर्षण को पूरी तरह से कम कर देती हैं।

फेडरल रिजर्व की नजर

वर्तमान में वैश्विक वित्तीय बाजार अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों को लेकर लगातार कयास लगाने में जुटे हुए हैं।

सीएमई ग्रुप के फेडवॉच टूल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बाजार के निवेशक इस बात की 50 प्रतिशत संभावना जता रहे हैं कि फेडरल रिजर्व दिसंबर तक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में आ रहे इस उतार-चढ़ाव के बीच अब निवेशक फेड की अप्रैल महीने की नीतिगत बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, जो इसी सप्ताह जारी होने वाले हैं।

चांदी के आयात पर रोक

इसी बीच, दुनिया के सबसे बड़े चांदी उपभोक्ता देश भारत ने अपने घरेलू बाजार और रुपये को बचाने के लिए एक बहुत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।

भारत सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, देश के चालू खाता घाटे को नियंत्रित करने और रुपये पर से दबाव कम करने के लिए लगभग सभी प्रकार के चांदी आयात पर तत्काल प्रभाव से विधिक प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इस सरकारी फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय हाजिर चांदी 0.8 प्रतिशत गिरकर 75.38 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इसके साथ ही प्लेटिनम 0.1 प्रतिशत टूटकर 1,972.10 डॉलर और पैलेडियम 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,394.75 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।[1]

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह कमोडिटी समाचार रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार के आधिकारिक आंकड़ों और वैश्विक सोर्सेज से प्राप्त प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है। शेयर बाजार और सर्राफा बाजार (सोना-चांदी) में किया जाने वाला कोई भी निवेश पूरी तरह से वैश्विक वित्तीय जोखिमों के अधीन होता है। पाठक कोई भी व्यापारिक सौदा करने या पूंजी लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से विधिक परामर्श अवश्य लें। लेखक और प्रकाशक/संपादक इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी व्यापारिक निर्णय, वित्तीय लाभ या नुकसान के परिणामों के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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