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भीलवाड़ा में ई फार्मेसी के खिलाफ हड़ताल और दवा व्यापारियों का प्रदर्शन

भीलवाड़ा में ई फार्मेसी के खिलाफ हड़ताल का असर, 1250 मेडिकल स्टोर रहे बंद। व्यापारियों ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।

By अजय त्यागी
1 min read
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भीलवाड़ा में ई फार्मेसी के खिलाफ हड़ताल

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। देशव्यापी आह्वान के चलते भीलवाड़ा में ई फार्मेसी के खिलाफ हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला है। जिले भर के दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन माध्यम से होने वाली दवाओं की बिक्री और उस पर मिल रहे भारी डिस्काउंट के दुष्प्रभावों का कड़ा विरोध किया है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इन व्यापारियों ने अपने व्यापार को सुरक्षित रखने और मरीजों के हितों की रक्षा हेतु एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई है।

भीलवाड़ा जिले के सभी 1250 केमिस्ट और मेडिकल शॉप आज पूर्ण रूप से बंद रहे। यह सांकेतिक हड़ताल कल रात 12 बजे से प्रारंभ हुई, जो आज मध्यरात्रि तक जारी रहेगी। केमिस्टों ने सूचना केंद्र चौराहे पर एकत्रित होकर सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद सभी व्यापारी रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिला कलेक्टर को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

ई फार्मेसी का गहरा संकट

प्रदर्शन के दौरान भीलवाड़ा जिला केमिस्ट संस्था के जिलाध्यक्ष पवन व्यास ने कहा, "भीलवाड़ा में ई फार्मेसी के खिलाफ हड़ताल का मुख्य कारण जन स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़ है।" व्यापारियों का मानना है कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के लिए कोई स्पष्ट वैधानिक प्रावधान नहीं होने के कारण आम मरीजों की सुरक्षा दांव पर लगी है। बिना किसी स्पष्ट नियम के दवाओं की बिक्री न केवल व्यावसायिक स्तर पर गलत है, बल्कि यह चिकित्सा जगत के लिए भी घातक है।

ऑनलाइन दवाओं के बाजार में चल रही मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग तेज हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह से बिना किसी डॉक्टर के भौतिक परामर्श के दवाएं बेची जा रही हैं, वह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन है। देश भर के छोटे केमिस्ट आज इसी डर में हैं कि यदि ऑनलाइन प्लेटफार्म की यह मनमानी नहीं रुकी, तो मरीजों के साथ-साथ उनका व्यापार भी खत्म हो जाएगा।

फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन का खतरा

दवा व्यापारियों की मुख्य चिंता बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की होम डिलीवरी है। व्यापारियों का कहना है, "ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनाई जा रही अत्यधिक छूट नीति और फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन का इस्तेमाल स्वास्थ्य नियमों का घोर उल्लंघन है।" छोटे लाइसेंसधारी केमिस्टों के लिए सभी नियम कड़े हैं, लेकिन ऑनलाइन कंपनियों पर कोई लगाम नहीं है, जो कि छोटे व्यापारियों के भविष्य के लिए एक बड़ा आर्थिक संकट पैदा कर रही है।

आंकड़ों की मानें तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही भारी छूट के लालच में मरीज गलत या बिना जरूरत की दवाएं भी ऑर्डर कर देते हैं। इससे दवाओं के दुरुपयोग का खतरा काफी बढ़ गया है। यह न केवल दवा व्यापारियों के लिए नुकसानदेह है, बल्कि एक आम नागरिक के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। व्यापारियों का तर्क है कि सरकार को तत्काल प्रभाव से ऐसी ई-फार्मेसी पर रोक लगानी चाहिए जो बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के सेवाएं दे रही हैं।

कठोर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध सरकार को तत्काल कठोर कार्यवाही करनी चाहिए। बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित करना जरूरी है। साथ ही, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही भारी छूट को भी रोका जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करेंगे।

भीलवाड़ा के दवा व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी रोजी-रोटी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिला कलेक्टर के माध्यम से उन्होंने सरकार से यह आग्रह किया है कि दवाओं की होम डिलीवरी को लेकर कड़े मानक तय किए जाएं। हर दवा के लिए डॉक्टर का फिजिकल प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य हो और ऑनलाइन कंपनियों को भी वही नियम मानने पड़ें जो एक छोटे केमिस्ट के लिए लागू होते हैं।

अंतिम संघर्ष की चेतावनी

अंततः, स्थानीय स्तर पर व्यापारियों का यह संघर्ष केवल व्यापार बचाने के लिए नहीं, बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए है। सरकार और संबंधित विभाग को चाहिए कि वे भीलवाड़ा में ई फार्मेसी के खिलाफ हड़ताल की गंभीरता को समझें और इसके नियमन पर ठोस कदम उठाएं। स्थानीय केमिस्ट अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हैं और भविष्य में भी जनहित में अपने संघर्ष को जारी रखने के लिए तैयार हैं।

व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री पर पूर्ण विराम नहीं लगता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन किसी न किसी रूप में जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऑनलाइन के प्रलोभन से बचें और स्थानीय मेडिकल स्टोर्स से ही दवाएं खरीदें, ताकि वे एक प्रमाणित और सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बने रहें।

डिस्क्लेमर: 

इस रिपोर्ट में भीलवाड़ा में ई फार्मेसी के खिलाफ हड़ताल के विषय में दी गई जानकारी सार्वजनिक प्रदर्शन और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी के लिए प्रकाशक/संपादक जिम्मेदार नहीं होंगे। यह लेख केवल जनहित और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय के लिए हमेशा प्रमाणित डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सलाह लें। दवा व्यापार से जुड़े किसी भी नियम के लिए आधिकारिक सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief