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प्रादेशिक

भीलवाड़ा की एलिवेटेड रोड योजना के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश

भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी की एलिवेटेड रोड योजना हेतु डीपीआर प्रक्रिया तेज हो गई है। यह आधुनिक परियोजना शहर के यातायात को सुगम बनाएगी।

By अजय त्यागी
1 min read
एलिवेटेड रोड योजना

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भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। एलिवेटेड रोड योजना के निर्माण हेतु भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी के निरंतर प्रयासों से अब प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने का कार्यादेश इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड (ईपीआईएल) को सौंप दिया गया है। यह आधुनिक बुनियादी ढांचा शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और आवागमन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम साबित होगा।

डीपीआर की प्रक्रिया

विधायक अशोक कोठारी ने बताया कि "ईपीआईएल, नई दिल्ली को श्रेष्ठ और आधुनिक एलिवेटेड रोड की डीपीआर हेतु कार्यादेश दिया जा चुका है।" यह पहली बार है जब केंद्र सरकार की कोई एजेंसी राज्य सरकार की परियोजना में तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेगी। कंपनी को सितंबर 2026 तक यह रिपोर्ट नगर विकास न्यास को सौंपनी होगी। इससे पूर्व दिसंबर 2025 में ही परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट स्वीकृत की जा चुकी है।

कोठारी ने यह भी स्पष्ट किया कि डीपीआर को अंतिम रूप देने से पहले इसका एक प्री-प्रजेंटेशन भीलवाड़ा के प्रबुद्ध नागरिकों के समक्ष रखा जाएगा। इसका उद्देश्य जनता के बहुमूल्य सुझावों को इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में शामिल करना है। पारदर्शिता के साथ किया जा रहा यह कार्य आमजन की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है, जिससे निर्माण में गुणवत्ता बनी रहेगी।

योजना में संशोधन

इस परियोजना में स्थान और लंबाई को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पूर्व में इसे रामधाम से गायत्री आश्रम तक प्रस्तावित किया गया था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा रामधाम क्षेत्र में नए ओवरब्रिज की स्वीकृति मिलने के बाद योजना में संशोधन हुआ है। अब यह एलिवेटेड रोड योजना गायत्री आश्रम से रिलायंस मॉल तक 2.49 किलोमीटर की लंबाई में निर्मित की जाएगी, जो यातायात प्रबंधन में अत्यंत प्रभावी होगी।

नई स्वीकृति के अनुसार गायत्री आश्रम से रामधाम तक अब फोरलेन सड़क का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र में ग्रेड सेपरेट सुविधा भी विकसित की जाएगी, ताकि वाहन चालकों को जाम से मुक्ति मिल सके। यह परिवर्तन न केवल लागत को संतुलित करेगा, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों को भी व्यवस्थित ट्रैफिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह रणनीतिक बदलाव भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है।

प्रमुख जंक्शन निर्माण

इस परियोजना के अंतर्गत चार मुख्य जंक्शन विकसित किए जाएंगे, जिनमें अजमेर चौराहा, सर्किट हाउस, गंगापुर तिराहा और ट्रैफिक थाने के सामने स्थित वीर तेजा सर्कल शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा हेतु अजमेर चौराहा और रिलायंस मॉल के पास वाहन चढ़ने और उतरने की भी आधुनिक व्यवस्था होगी। लगभग 303.48 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली यह एलिवेटेड रोड शहर के विकास का एक नया आधार बनेगी।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। तेज और सुरक्षित आवागमन के साथ-साथ यह योजना व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी अनुकूल साबित होगी। विधायक कोठारी ने बताया कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां जल्द ही पूर्ण की जाएंगी ताकि निर्माण का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो सके। यह शहर के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

भविष्य का दृष्टिकोण

भीलवाड़ा में यातायात व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालना विधायक कोठारी की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि "राज्य सरकार एवं संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति दी गई है।" बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए, यह एलिवेटेड रोड शहर की जीवनरेखा बनेगी। प्रशासनिक स्तर पर सभी विभागों के साथ मिलकर इस कार्य को सितंबर 2026 तक धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।

अंत में, यह एलिवेटेड रोड योजना भीलवाड़ा के शहरी विकास का नया अध्याय लिखेगी। एलिवेटेड रोड योजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि शहर के नागरिकों को जाम मुक्त और सुरक्षित सफर देने का एक संकल्प है। भविष्य में जब यह सड़क बनकर तैयार होगी, तो भीलवाड़ा का परिदृश्य पूरी तरह से बदल जाएगा और नागरिकों को यातायात की आधुनिकतम सुविधाएं एक ही स्थान पर सुलभ हो सकेंगी।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी संबंधित विकास परियोजना और आधिकारिक बयानों के तथ्यों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रशासनिक प्रस्तावों, डीपीआर के क्रियान्वयन और तकनीकी स्वीकृतियों के लिए संबंधित सरकारी कार्यालयों के आधिकारिक आदेशों की पुष्टि करना उचित होगा। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या होने वाले परिणाम के लिए लेखक और प्रकाशक/संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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