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राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास के लिए सम्पर्क संवाद कार्यक्रम संपन्न

भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सम्पर्क संवाद कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg सम्पर्क संवाद  कार्यक्रम

सम्पर्क संवाद कार्यक्रम

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। सम्पर्क संवाद कार्यक्रम के माध्यम से समाज के गणमान्य नागरिकों, उद्यमियों और प्रबुद्धजनों के साथ एक सार्थक चर्चा का आयोजन किया गया। चित्तौड़ रोड स्थित एक होटल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री व प्रचारक सुरेश जैन मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने का पुरजोर आह्वान किया।

संगठन की कार्यशैली

सुरेश जैन ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत विकास परिषद समाज में एक निष्ठावान संगठन के रूप में अपनी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि "समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत बंधु हमें अपने अमूल्य सुझाव प्रेषित कर नए कार्यों के लिए प्रेरित करें।" परिषद अपने आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज की शक्ति को सही दिशा में लगाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

प्रबुद्धजनों के सुझाव

कार्यक्रम के दौरान शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने समाज उत्थान के लिए अपने विचार साझा किए। विनोद मेलाना ने ऊर्जा संरक्षण पर जागरूकता बढ़ाने की बात कही, जबकि डॉ. कल्पना शर्मा ने कचरा प्रबंधन के लिए स्कूली बच्चों को 'कचरा मित्र' बनाने का अनूठा सुझाव दिया। "डॉ. अपर्णा शर्मा ने वर्तमान समय की मांग के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।"

अशोक बाहेती ने वायरल बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाने की बात कही, तो चेतन मानसिंहका ने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम हेतु जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उच्च शिक्षा में गिरते अनुशासन पर राजेंद्र कचौलिया ने गहरी चिंता व्यक्त की। वहीं, दिनेश सुथार ने समाज में संस्कारों की गोष्ठी आयोजित करने की बात कही, ताकि नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से अवगत कराया जा सके।

संस्कार और परिवार

युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों के प्रति घटते रुझान पर चिंता जताते हुए एडवोकेट उम्मेद सिंह राठौड़ व महेश नवाल ने कॉलेजों में संस्कार मुहिम चलाने की वकालत की। चंद्रप्रकाश सगतानी ने "आधुनिक दौर में परिवारों में बढ़ती दूरियों को पाटने के लिए कुटुंब प्रबोधन पर विशेष जोर दिया।" युवाओं में नशे की लत के खिलाफ विभा जैन व शांतिलाल पानगड़िया ने नशा मुक्ति कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक बनाने का प्रभावी सुझाव दिया।

नवीन जोशी ने बच्चों के पर्यावरण और उनके मार्गदर्शन पर विशेष मुहिम चलाने की आवश्यकता जताई, जबकि त्रिलोक छाबड़ा ने देश को पूर्ण आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने की बात कही। एसएन मोदानी ने भीलवाड़ा की स्थानीय समस्याओं, विशेषकर कोठारी नदी के संरक्षण पर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने कहा कि देश को "दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में हम सबको अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए।"

संगठन का विस्तार

क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत विकास परिषद वर्तमान में देशभर में 1800 शाखाओं और लगभग 3 लाख सदस्यों के साथ राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटी है। राजस्थान का संगठन सात प्रांतों में विभाजित है, जो इसे सुदृढ़ बनाता है। कार्यक्रम के अंत में यह स्पष्ट हुआ कि सम्पर्क संवाद का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजना और उन्हें लागू करना है।

इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया, डॉ. जी.वी. दिवाकर, इंजीनियर अरुण जागेटिया और पवन खेमका सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में समाज सुधार के कार्यों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। भविष्य में ऐसे और भी सम्पर्क संवाद कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा तय की जाएगी, जिससे संगठन का प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी संबंधित कार्यक्रम के दौरान साझा किए गए सुझावों और आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। संस्थागत गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की पुष्टि के लिए संबंधित शाखा कार्यालय से संपर्क करना उचित होगा। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक एवं प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief