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राजस्थान

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आयोजित समर कैंप का समापन 

एसकेडी युगांतर मॉडर्न स्कूल के समर कैंप में 350 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न कला व खेलों में अपना कौशल निखारा।

By अजय त्यागी
1 min read
समर कैंप का समापन

समर कैंप का समापन

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समर कैंप का आयोजन पंचशती सर्किल स्थित एसकेडी युगांतर मॉडर्न स्कूल में 12 से 23 मई तक अत्यंत उत्साहजनक वातावरण में संपन्न हुआ। इस दस दिवसीय आयोजन में आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स सहित शहर के विभिन्न विद्यालयों के 350 से अधिक बालक-बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी रचनात्मक क्षमता को बाहर लाना और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि करना था।

विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण

शिविर की प्रभारी ऋतु शर्मा एवं अंजू तिवारी ने बताया कि इस समर कैंप के दौरान बच्चों को कूडो, आर्ट एंड क्राफ्ट, स्केटिंग और डांस जैसे कई रोमांचक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया। संगीत, हैंडराइटिंग, स्पोकन इंग्लिश एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर आधारित सत्रों ने बच्चों के व्यक्तित्व को एक नई दिशा प्रदान की। दस दिनों तक चले इन प्रयासों ने न केवल बच्चों का मनोरंजन किया, बल्कि उनके कौशल को भी काफी निखारा है।

इस शिविर को सफल बनाने में मेंटर्स नदीम, विजय, नावेद, सुषमा उत्तम, ब्रजमोहन, रामलखन, रमा शर्मा, प्रतिमा यादव, पल्लवी दुबे और निशा शर्मा का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न कलात्मक गतिविधियों को बहुत ही कम समय में कुशलतापूर्वक सीखा। इसके साथ ही नरगिस परिहार एवं अन्य शिक्षकों की सक्रिय भूमिका और कड़ी मेहनत ने इस शिविर को विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव बना दिया।

व्यक्तित्व विकास पर जोर

इस शिविर का मूल लक्ष्य बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना था। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक क्षमता और व्यक्तित्व विकास का महत्व बढ़ गया है। "इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में न केवल शारीरिक स्फूर्ति आती है, बल्कि उनके मानसिक दृष्टिकोण में भी सकारात्मक बदलाव होता है," शिक्षकों का यह मानना है। शिविर के दौरान बच्चों ने जिस उत्साह से सहभागिता की, वह काबिले तारीफ रही।

दस दिनों तक चली इस गतिविधियों की श्रृंखला में न केवल खेलकूद, बल्कि भाषा कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया गया। स्पोकन इंग्लिश की कक्षाएं बच्चों के लिए बहुत मददगार साबित हुईं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के सत्रों में उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं के प्रति सजग रहने के तरीके सिखाए गए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए यह शिविर एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

प्रमाण पत्र वितरण

शिविर के अंतिम दिन एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपनी मेहनत और हुनर को प्रदर्शित करने के बाद बच्चों के चेहरे पर संतोष और खुशी स्पष्ट देखी जा सकती थी। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने सभी अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने का आश्वासन दिया गया ताकि विद्यार्थियों को निरंतर अवसर मिलते रहें।

यह शिविर इस बात का प्रमाण है कि यदि बच्चों को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले, तो वे बहुत जल्दी किसी भी विधा में पारंगत हो सकते हैं। दस दिनों की निरंतर सीखने की प्रक्रिया ने विद्यार्थियों के दैनिक जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। स्कूल प्रशासन की ओर से की गई यह सराहनीय पहल छात्रों को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।

शिक्षा और संस्कार

अंत में, इस समर कैंप के माध्यम से न केवल बच्चों ने नए कौशल सीखे, बल्कि उनमें आपसी सहयोग और अनुशासन की भावना का भी विकास हुआ। एक सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण में बिताए गए ये दस दिन उनके शैक्षणिक सफर में मील का पत्थर साबित होंगे। विद्यालय का प्रयास है कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन के लिए भी पूर्ण रूप से तैयार किया जाए।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी स्कूल प्रबंधन द्वारा साझा किए गए तथ्यों और शिविर की गतिविधियों पर आधारित है। यह केवल सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। शिविर की आगामी गतिविधियों या प्रवेश से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए स्कूल के कार्यालय से संपर्क करना उचित होगा। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक एवं प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief