WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

बच्चों में संस्कार और अनुशासन बढ़ाने वाला अभिरुचि शिविर संपन्न

भीलवाड़ा में आयोजित भव्य अभिरुचि शिविर का समापन हुआ, जहाँ बच्चों ने संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की अद्भुत मिसाल पेश की है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg अभिरुचि शिविर का समापन

अभिरुचि शिविर का समापन

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा में भारत विकास परिषद की भगत सिंह शाखा द्वारा आयोजित इस अभिरुचि शिविर का समापन अत्यंत उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में न केवल कौशल विकास करना था, बल्कि उन्हें संस्कारों के साथ जोड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बनाना भी था। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लघु उद्योग भारती महिला इकाई की अध्यक्ष पल्लवी लढा ने शिरकत की, जिन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।

संस्कारों का महत्व

समारोह को संबोधित करते हुए पल्लवी लढा ने कहा कि "बच्चों में स्किल हो ना हो, संस्कार जरूर होने चाहिए, तभी आने वाली पीढ़ी संस्कारित होगी और सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल का युवा अपने त्योहारों और धर्म का उपहास उड़ाने में संकोच नहीं करता, जिसे रोकने के लिए ऐसे आयोजनों की नितांत आवश्यकता है। यह अभिरुचि शिविर अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का एक माध्यम बना।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् के गायन के साथ हुआ। बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों, योग प्रदर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और यह सिद्ध किया कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वे राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

अनुशासन और सहभागिता

कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने कहा कि "शाखा का यह प्रकल्प सराहनीय है और भविष्य में इसमें और भी नवाचार किए जाने चाहिए।" शिविर प्रभारी अनामिका खंडेलवाल ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद बच्चों ने अनुशासित रहकर शिविर में सहभागिता निभाई, जो उनके धैर्य और सीखने की इच्छा को दर्शाता है। यह अभिरुचि शिविर न केवल बच्चों के लिए बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।

सचिव मुकेश छीपा ने बच्चों की लगन और अभिभावकों के अटूट विश्वास के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से परिषद की मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता की सराहना की, जिन्होंने इस शिविर के सफल आयोजन में दिन-रात मेहनत की। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जबकि प्रशिक्षकों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का विशेष सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

भविष्य का संकल्प

यह शिविर बच्चों के व्यक्तित्व को एक नई दिशा प्रदान करने वाला साबित हुआ है। शाखा अध्यक्ष कुलदीप माथुर और कोषाध्यक्ष दीपक तुरकिया सहित अन्य सदस्यों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बना दिया। पूनम डाड द्वारा किया गया सफल संचालन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। इस प्रकार के आयोजन आने वाले समय में भी जारी रहेंगे ताकि बच्चों के हुनर को सही दिशा और संस्कार का धरातल मिल सके।

अंत में, यह स्पष्ट है कि संस्कार, सृजन और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत यह अभिरुचि शिविर बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक पैमाने पर होने चाहिए, ताकि हमारी संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित रहे। यह शिविर बच्चों के भविष्य के निर्माण की दिशा में उठाया गया एक सराहनीय और ठोस कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ी गौरवान्वित होगी।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी आयोजन समिति द्वारा दी गई प्रेस विज्ञप्ति और कार्यक्रम विवरण पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। शिविर के आयोजन, नियमों और भविष्य के कार्यक्रमों के बारे में आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित संस्था के कार्यालय से संपर्क करना उचित होगा। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief