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वन माफिया की खैर नहीं: हरियाणा में जुर्माने की नई दरें लागू

हरियाणा वन विभाग ने जंगलों को बचाने के लिए वन माफिया पर नकेल कसते हुए अवैध गतिविधियों पर जुर्माने की दरों को 10 गुना तक बढ़ा दिया है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

हरियाणा में वनों को सुरक्षित रखने और वन माफिया की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अपने नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। पंचकूला स्थित प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार, अब वनों में अवैध कटान, खनन और चराई करने वालों पर पहले की तुलना में 10 गुना तक अधिक अर्थदंड लगाया जाएगा। यह सख्ती तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है।

सख्त नियमों की आवश्यकता

विभाग ने भारतीय वन अधिनियम की धारा-68 और हरियाणा फॉरेस्ट मैनुअल के नियमों में संशोधन करते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। "जंगलों में बढ़ रहे अवैध कटान और खनन को रोकने के लिए सख्ती जरूरी थी," ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों में भय पैदा हो सके। डीएफओ स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वन माफिया के खिलाफ इन नए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

इस संशोधन के माध्यम से उन सभी गतिविधियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया है, जो जंगलों के पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुँचाती हैं। पेड़ों की अवैध कटाई से लेकर वन उत्पाद चोरी तक, विभाग ने हर अपराध के लिए दंड की राशि को कठोर बनाया है। अब जंगल के भीतर कोई भी अवैध कार्य करना जेब पर भारी पड़ेगा, जो इसे एक प्रभावी तंत्र बनाता है।

जुर्माने में भारी बढ़ोतरी

नई दरों के अनुसार, अवैध चराई के लिए भैंस या ऊंट पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, जंगल से लकड़ी चोरी करने वाले ट्रकों पर जुर्माना 2,000 रुपये से सीधा 50,000 रुपये तक पहुँच गया है। खनन गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए ट्रक पर 30,000 रुपये और जेसीबी जब्त होने पर 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड तय किया गया है।

सड़क किनारे या नगर सीमा के पास वन भूमि तोड़ने पर अब 2,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से वसूली होगी, जो पहले मात्र 500 रुपये थी। यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार वनों की एक-एक इंच जमीन को सुरक्षित रखने के प्रति गंभीर है। रात के समय अवैध गतिविधियों में पकड़े जाने पर जुर्माना राशि को दोगुना कर दिया गया है, जो वन माफिया के लिए एक कड़ी चेतावनी है।[1]

संसाधनों पर सख्त कार्रवाई

अवैध कटाई में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर भी भारी दंड लगाया गया है। बांस की अवैध कटाई पर 200 रुपये प्रति पीस, जबकि कोयला भट्ठी चलाने पर 50,000 रुपये तक जुर्माना होगा। इसके अलावा, वाहनों की जब्ती पर मोटरसाइकिल के लिए 30,000 रुपये, ट्रैक्टर के लिए 60,000 रुपये और डंपर के लिए 1.25 लाख रुपये तक का जुर्माना सुनिश्चित किया गया है।

गोंद निकालने जैसे कार्यों के लिए भी प्रति पेड़ 500 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाते हुए कहा है कि कुल्हाड़ी, आरी जैसे छोटे औजार पकड़े जाने पर भी 200 से 10,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। यह संशोधन न केवल आर्थिक चोट पहुँचाएगा, बल्कि वन माफिया द्वारा किए जा रहे वन अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने में भी सहायक सिद्ध होगा।

वन संरक्षण की प्रतिबद्धता

पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि हरियाणा के घटते वन क्षेत्र को बचाने के लिए यह एक आवश्यक पहल है। कठोर दंड से अवैध माफियाओं के मनोबल को चोट पहुँचेगी और स्थानीय स्तर पर वन सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की मंशा स्पष्ट है कि वनों का दोहन करने वाले अब किसी भी स्थिति में बख्शे नहीं जाएंगे और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।

अंत में, वन विभाग का यह नया कानून न केवल एक प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि पर्यावरण के प्रति एक गहरी प्रतिबद्धता भी है। भविष्य में इस तरह के कड़े निर्णयों से जंगलों की रक्षा करना आसान होगा। नागरिकों को भी चाहिए कि वे वनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी वन अधिकारी को दें, ताकि राज्य को हरा-भरा रखा जा सके।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) कार्यालय, हरियाणा द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। वन नियमों में किसी भी बदलाव या नवीनतम अपडेट के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी प्रशासनिक या कानूनी निर्णय हेतु लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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