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भीलवाड़ा में बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप देख मुग्ध हुए भक्त

भीलवाड़ा के मसानिया भेरुनाथ मंदिर में नौतपा के दौरान बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप सजाया गया। 3100 किलो बर्फ से दर्शन पाकर भक्त निहाल हुए।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप

बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचमुखी मुक्तिधाम स्थित इस प्राचीन मंदिर में भक्तों ने बाबा के अलौकिक दर्शन किए। गर्मी के प्रकोप को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बाबा भैरवनाथ को 3100 किलो बर्फ से सजाकर उन्हें ‘बाबा बर्फानी’ के दिव्य रूप में प्रस्तुत किया है। यह अद्भुत दृश्य न केवल आंखों को शीतलता दे रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं में गहरी आध्यात्मिक आस्था भी जगा रहा है।

मंदिर परिसर में बाबा के इस मनमोहक स्वरूप को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नौतपा के प्रथम दिन का दृश्य देखते ही बनता था, जहां पूरा मंदिर प्रांगण भक्ति के रंग में डूबा हुआ नजर आया। पुजारी रवि कुमार सोलंकी के अनुसार, "नौतपा की शुरुआत के साथ ही बाबा भैरवनाथ को बर्फ से विशेष रूप देकर श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ सजाया गया है," जिससे पूरा वातावरण शांत और भक्तिमय हो गया है।

विशेष भोग और श्रृंगार

भक्तों की आस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाबा को शीतल रखने के लिए 108 लीटर शरबत का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसके अतिरिक्त, मौसम के अनुकूल लीची फलों का उपयोग करके भी बाबा का श्रृंगार किया गया है। यह भोग अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है, जो भक्तों की व्याकुलता को दूर करने और उन्हें मानसिक राहत प्रदान करने का काम करता है।

श्रृंगार के इस क्रम में केवल भैरवनाथ ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में विराजमान बाबा गुप्तेश्वर महादेव और शमशान काली मां जगदंबा का भी बर्फ से आकर्षक श्रृंगार किया गया। यह सामूहिक श्रृंगार मंदिर की भव्यता में चार चांद लगा रहा है। श्रद्धालु यश सिंह का कहना है कि "नौतपा के प्रकोप के बीच बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और राहत प्रदान कर रहा है," जो इस भीषण गर्मी में एक बड़ी राहत है।

आध्यात्मिक और शीतल अनुभव

भीषण गर्मी के बीच बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप भक्तों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसे दिव्य दर्शन करने से मन को शांति मिलती है। मंदिर प्रशासन ने गर्मी के असर को कम करने और भक्तों को आध्यात्मिक सुख देने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। यह अनूठी परंपरा बरसों से चली आ रही है, जो आज भी समाज में अपनी गहरी पैठ बनाए हुए है।

परंपरा के अनुसार, गर्मियों के दौरान देवताओं को शीतलता प्रदान करने का विशेष महत्व है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस श्रृंगार के पीछे का उद्देश्य भक्तों के मन में ईश्वर के प्रति समर्पण और उनकी सेवा का भाव जागृत करना है। बर्फ और शीतल पदार्थों का उपयोग करके ईश्वर को ठंडक देने की यह भावना भक्तों को भी राहत का अहसास कराती है, जिससे मंदिर का पूरा वातावरण एक अलौकिक शीतलता से सराबोर रहता है।

समाज और भक्ति का संगम

भीलवाड़ा में यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक सद्भाव का भी प्रतीक बनता जा रहा है। भक्त न केवल दर्शन करने आ रहे हैं, बल्कि प्रसाद वितरण और सेवा कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ यह दर्शाती है कि कठिन समय में लोग आस्था के सहारे ही शांति तलाशते हैं। बाबा भेरुनाथ का बर्फानी स्वरूप इस दिशा में एक सफल और प्रेरणादायक प्रयास साबित हो रहा है।

आने वाले दिनों में नौतपा का प्रकोप और बढ़ सकता है, लेकिन मंदिर की ओर से की गई यह व्यवस्था भक्तों को साहस और धैर्य प्रदान करती है। दर्शनार्थी मानते हैं कि जब देव स्वयं शीतलता का प्रतीक बनकर भक्तों को आशीष देते हैं, तो भीषण गर्मी भी उनके लिए सहनीय हो जाती है। अंत में, यह आयोजन आस्था की उस शक्ति को दर्शाता है जो हमें हर कठिन परिस्थिति में सुखद अनुभव प्रदान करती है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय आयोजन के विवरणों पर आधारित है। धार्मिक आयोजन एवं दर्शन से जुड़ी व्यवस्थाएं समय के साथ परिवर्तन के अधीन हो सकती हैं। अतः किसी भी दर्शन या कार्यक्रम की पुष्टि के लिए संबंधित मंदिर कार्यालय से जानकारी प्राप्त करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief