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राजस्थान

चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली देख मदन राठौड़ हुए प्रभावित

बीकानेर के चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली देख मदन राठौड़ हुए प्रभावित। इसे स्थानीय स्वास्थ्य सेवा के लिए बड़ी मिसाल बताया।

By अजय त्यागी
1 min read
चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली देख मदन राठौड़ हुए प्रभावित

चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली देख मदन राठौड़ हुए प्रभावित

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बीकानेर स्थित चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली आज चर्चा का विषय बन गई है, जब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने यहाँ पहुँचकर इसके संचालन का अवलोकन किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में इस केंद्र की व्यवस्थित व्यवस्था को देखकर इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस चिकित्सा संकुल में आयुर्वेद, एलोपैथी, होम्योपैथी, यूनानी और योगा जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धतियां एक ही छत के नीचे सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

बीकानेर के इस चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली को देखते हुए प्रदेशाध्यक्ष काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने इस दौरान कहा कि "यह केंद्र अपने आप में एक मिसाल है।" यह संस्थान न केवल स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी आधुनिक उपचार उपलब्ध करा रहा है। पिछले कई वर्षों से यह केंद्र निरंतर जनसेवा का कार्य बखूबी निभा रहा है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।

समिति का प्रयास

परदेसियों की बगीची मुक्ति धाम समिति के प्रबंधक राजीव शर्मा ने बताया कि इस केंद्र की शुरुआत वर्ष 2021 से की गई थी। समिति ने पूरी प्रक्रिया के बाद इसे जनता के लिए समर्पित किया है। आज यह केंद्र नि:शुल्क इलाज और दवाइयां प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है। यहाँ गरीब मरीजों को बिना किसी भेदभाव के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी लाभ मिल रहा है।

बीकानेर के इस चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली इतनी प्रभावी है कि यहाँ प्रतिदिन 500 से 700 मरीज उपचार के लिए पहुँचते हैं। स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोग पहले चिकित्सा सुविधाओं से वंचित थे, लेकिन अब उन्हें घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टर मिल रहे हैं। समिति के अनुसार, प्रशासन का निरंतर सहयोग उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और वे इसे भविष्य में और अधिक विकसित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।

सुविधाओं का विस्तार

व्यवस्थापक दीपक वत्स ने मदन राठौड़ को भारत सरकार द्वारा घोषित वेलनेस सेंटर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मांग रखी कि "अगर इस परिसर में एक वेलनेस सेंटर खोला जाए तो स्थानीय लोगों को और अधिक लाभ मिलेगा।" परिसर में सर्वमन गंगा प्याऊ भी संचालित है, जहाँ से प्रतिदिन 10 से 12 हजार लीटर पानी स्थानीय लोगों को मिलता है। यह केंद्र जल सेवा और स्वास्थ्य का अद्भुत संगम है।

यहाँ एक आधुनिक योगा पार्क भी बनाया गया है, जिसमें 70 से 80 प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यह हरा-भरा वातावरण मरीजों की रिकवरी में सहायक सिद्ध हो रहा है। समिति का निरंतर सहयोग रहता है और वे पूरे पर्यावरण को शुद्ध रखने हेतु कार्यरत हैं। इस तरह बीकानेर के चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली ने साबित कर दिया है कि संकल्प और सेवा भाव से बड़ी से बड़ी चुनौती हल हो सकती है।

उत्कृष्ट चिकित्सा व्यवस्था

डॉ. विजेन्द्र बिनावरा ने बताया कि यहाँ एक हजार से अधिक प्रकार की दवाइयां हर समय उपलब्ध रहती हैं। यहाँ आने वाले हर मरीज को परामर्श से लेकर दवाओं तक की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क दी जा रही है। उन्होंने कहा कि "समिति का निरंतर सहयोग रहता है" जिससे जटिल स्वास्थ्य सेवाएँ भी निर्बाध चल रही हैं। मदन राठौड़ ने यहाँ की व्यवस्थाओं के प्रति अपनी पूर्ण संतुष्टि व्यक्त की और समिति के समर्पण को सराहा।

इस मौके पर राजीव शर्मा, दिनेश वत्स, प्रदीप भारद्वाज, पूनम चलवा, दीपक, रामकुमार झंवर, योगेश भार्गव, जीवन सोलंकी और संजय पटपटिया ने मदन राठौड़ का स्वागत किया। प्रदेशाध्यक्ष ने बीकानेर के चिकित्सा संकुल की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनसेवा का ऐसा कार्य ही वास्तव में राष्ट्र सेवा है। अंत में, यह केंद्र भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का एक नया अध्याय लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

डिस्क्लेमर: 

यह रिपोर्ट विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के संकलन पर आधारित है। इसे केवल जनहित एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक द्वारा जारी किया गया है। किसी भी संदर्भ में विभागीय अथवा आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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