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बीकानेर में चिकित्सा मंत्री ने पीबीएम अस्पताल का किया अवलोकन

बीकानेर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पीबीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली। विकास को लेकर चर्चा की गई।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg चिकित्सा मंत्री ने पीबीएम अस्पताल का किया अवलोकन

चिकित्सा मंत्री ने पीबीएम अस्पताल का किया अवलोकन

बीकानेर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पीबीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली, जिसमें संभाग के सबसे बड़े अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास और पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी भी विशेष रूप से मौजूद रहीं। बैठक में पीबीएम अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्थाओं और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बैठक में सभी का स्वागत किया और पीबीएम अस्पताल की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट किया। इस अवसर पर पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया और एसएसबी अधीक्षक डॉ. संजीव बुरी सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य द्वारा एक विस्तृत पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें अस्पताल की कार्यप्रणाली को रखा गया।

विकास का विजन

चिकित्सा मंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। मंत्री खींवसर ने कहा कि:

"वर्तमान में डबल इंजन सरकार की वजह से राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंची हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच का सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में दिखाई दे रहा है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने पूरी तरह से मेरिट आधारित प्रक्रिया अपनाते हुए लगभग 30 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियां की हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने योग्यता को प्राथमिकता दी है, जिससे चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

जनता का भरोसा

बैठक के दौरान बीकानेर में चिकित्सा मंत्री ने सरकारी अस्पतालों के प्रति बढ़ते जन-भरोसे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी फ्लैगशिप योजनाओं के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि:

"राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाओं की चर्चा आज देशभर में हो रही है और अन्य राज्य भी इन योजनाओं को लागू करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मरीजों को बेहतर और प्रतिबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

इसके अलावा, मंत्री ने पीबीएम की आईपीडी और ओपीडी सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्राचार्य को निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज, पीबीएम एवं एसएसबी अस्पताल की एक संयुक्त टीम अगले सप्ताह जयपुर पहुंचे। इस टीम को महत्वपूर्ण मांगों एवं समस्याओं का प्रस्तुतिकरण देना होगा, ताकि बजट की उपलब्धता के साथ उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

सप्लाई व्यवस्था सुदृढ़

बैठक में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के अंतर्गत कैन्युला, नीडल्स एवं कैथेटर जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी का मुद्दा सामने आया। बीकानेर में चिकित्सा मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी से फोन पर सीधी वार्ता की। उन्होंने सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को उपचार के दौरान किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने बताया कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ मरीजों को एक बेहतर सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि:

"पीबीएम में मरीजों को पारिवारिक माहौल में सेवाएं मिल रही हैं।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जन शिकायत का त्वरित प्रभाव से निवारण करने का प्रयास किया जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

सुझाव और चर्चा

विधायकों ने भी बैठक में अपने सुझाव दिए। बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण में कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने जानकारी दी कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से पीबीएम अस्पताल पर मरीजों का अनावश्यक भार कम हुआ है। वहीं, बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने कहा कि पीबीएम अस्पताल आज आमजन के विश्वास का एक बड़ा केंद्र बन चुका है।

प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बैठक को सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा मंत्री ने अधिकांश मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। बैठक में कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी और मेडिसिन विभागों के अध्यक्षों ने भी अपनी विशेष मांगें रखीं, जिनमें स्टाफ विस्तार एवं उपकरणों की आवश्यकता प्रमुख थी। बीकानेर में चिकित्सा मंत्री ने पीबीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली, जिससे भविष्य में बड़े सुधारों की उम्मीद जगी है।

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं एवं आधिकारिक बयानों के संकलन पर आधारित है। इसे केवल जनहित एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक द्वारा जारी किया गया है। किसी भी संदर्भ में विभागीय अथवा आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

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Editor-in-Chief