WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

कोकीन का बड़ा जखीरा समुद्र में पकड़ा गया, कीमत हजार करोड़ पार

समुद्र में कोकीन का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। 1150 करोड़ की नशीली खेप पकड़े जाने से अंतरराष्ट्रीय तस्करों के नेटवर्क पर बड़ी चोट हुई है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg कोकीन का बड़ा जखीरा भारतीय समुद्री सीमा के भीतर पकड़ा

कोकीन का बड़ा जखीरा भारतीय समुद्री सीमा के भीतर पकड़ा

कोकीन का बड़ा जखीरा भारतीय समुद्री सीमा के भीतर पकड़ा गया है, जिससे तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक संयुक्त अभियान के दौरान मुंद्रा तट के पास एक कंटेनर जहाज से 115 किलोग्राम कोकीन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 1150 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और सटीक खुफिया जानकारी का बड़ा परिणाम है।

यह साहसी ऑपरेशन 25 और 26 मई की मध्यरात्रि को अंजाम दिया गया। गुजरात एटीएस को समुद्री मार्ग से नशीले पदार्थों की तस्करी की विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर तटरक्षक बल के इंटरसेप्टर नौकाओं ने मुंद्रा एंकरेज क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। मुंद्रा से लगभग पांच समुद्री मील दूर लंगर डाले हुए 'एमवी यूरोप' नामक कंटेनर जहाज पर संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं, जिसके बाद टीमों ने घेराबंदी की।[1]

अंधेरे में बड़ा वार

तटरक्षक बल और एटीएस के जवानों ने जब जहाज की निगरानी की, तो उन्हें अंधेरे का फायदा उठाकर जहाज से कुछ बैग समुद्र में फेंके जाते हुए दिखाई दिए। खराब दृश्यता के बावजूद, संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समुद्र से पांच संदिग्ध बैग बरामद किए। बैगों की जांच करने पर उनमें सफेद पाउडर के 115 पैकेट मिले, जिनका वजन लगभग एक किलोग्राम प्रति पैकेट था। प्राथमिक परीक्षणों में यह पुष्टि हुई कि यह कोकीन ही है।

अधिकारियों ने इस बरामदगी को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। इस संबंध में एक आधिकारिक रिलीज में कहा गया:

"समुद्र की विपरीत परिस्थितियों और रात के अंधेरे के बावजूद, हमारे जवानों ने जिस तेजी से बैग बरामद किए, वह उनकी तत्परता को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी भारी कीमत यह साबित करती है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह की बड़ी साजिश थी।"

गहन जांच जारी

बरामद किए गए जहाज को आगे की विस्तृत जांच के लिए बंदरगाह पर लाया गया है। तटरक्षक बल, गुजरात एटीएस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब संयुक्त रूप से इसकी गहन जांच कर रही हैं। तस्करों ने इस कोकीन का बड़ा जखीरा समुद्र के रास्ते भेजने का जो तरीका अपनाया था, उसने सुरक्षा एजेंसियों को समुद्री निगरानी और अधिक सख्त करने पर मजबूर कर दिया है।

यह पिछले पांच वर्षों में तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया 15वां सफल मादक पदार्थ विरोधी ऑपरेशन है। यह लगातार मिल रही सफलताएं यह दर्शाती हैं कि एजेंसियां समुद्री सीमाओं पर तस्करी को रोकने के लिए कितनी प्रतिबद्ध हैं। जहाज के चालक दल से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगनाओं और उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचा जा सके।

तस्करी पर प्रहार

समुद्री सुरक्षा के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों का बरामद होना तस्करी के अंतरराष्ट्रीय चेन को ध्वस्त करने के लिए जरूरी है। कोकीन का बड़ा जखीरा पकड़े जाने से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि तस्करों के नेटवर्क का मनोबल भी टूटा है। एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

यह घटना न केवल सुरक्षा एजेंसियों की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि भारत के समुद्री जलक्षेत्र की सुरक्षा के लिए उनकी तत्परता को भी रेखांकित करती है। तटरक्षक बल का निरंतर निगरानी तंत्र समुद्री आतंकवाद और अपराधों को रोकने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। भविष्य में भी एजेंसियों के बीच यह बेहतर समन्वय ऐसे अपराधों को रोकने में एक बड़ी दीवार का काम करेगा।

सुरक्षा के लिए खतरा

नशीले पदार्थों की यह खेप न केवल देश के युवाओं के भविष्य के लिए खतरा थी, बल्कि समाज में अपराधों को बढ़ावा देने वाली भी थी। इसलिए इस कोकीन का बड़ा जखीरा की बरामदगी का असर बहुत दूरगामी है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि इस जहाज का पिछला रिकॉर्ड क्या रहा है और क्या यह पहले भी ऐसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है।

अंतिम रूप से, देश की सुरक्षा को पुख्ता रखने के लिए इस तरह के संयुक्त अभियान निरंतर जारी रहेंगे। एजेंसियों का स्पष्ट संदेश है कि भारतीय सीमाओं का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी के लिए नहीं किया जा सकता। जांच के हर पहलू को बारीकी से परखा जा रहा है ताकि दोषी बच न सकें। तटीय सुरक्षा में तैनात सभी जवान इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और तैयार हैं।

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट आधिकारिक सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के संकलन पर आधारित है। इसे केवल जनहित एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक द्वारा जारी किया गया है। किसी भी संदर्भ में विभागीय अथवा आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source