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तेज गति और ओवरटेकिंग ने छीनी यात्रियों की सुख-शांति

तेज गति और ओवरटेकिंग के कारण नेशनल हाईवे 52 पर यात्रियों से भरी एक बस पलटी। 20 से अधिक यात्री घायल, मोडक पुलिस कर रही मामले की गहन जांच।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg नेशनल हाईवे 52 पर पलटी बस

नेशनल हाईवे 52 पर पलटी बस

तेज गति और ओवरटेकिंग के कारण गुरुवार सुबह नेशनल हाईवे 52 पर यात्रियों से भरी एक स्लीपर कोच बस असंतुलित होकर पलट गई। नागपुर से दिल्ली की ओर जा रही यह बस तड़के करीब 5:30 बजे ढाबादेह और कमलपुरा के बीच हादसे का शिकार हुई। बस में 20 से अधिक यात्री सवार थे, जो इस अनहोनी की चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए।

मोडक पुलिस और 108 एंबुलेंस की त्वरित कार्रवाई के चलते घायलों को तुरंत मोडक अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल हुए दो यात्रियों को झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एसआरजी अस्पताल में उपचार के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह घटना एक बार फिर सड़क पर सावधानी और यातायात नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित करती है।[1]

असंतुलित बस का मंजर

घटना की जांच कर रहे एएसआई राकेश शर्मा ने बताया कि बस चालक द्वारा एक ट्रेलर को गलत तरीके से ओवरटेक करने का प्रयास दुर्घटना का मुख्य कारण बना। बस सड़क से करीब चार से पांच फीट नीचे खाली जमीन पर जा गिरी। एएसआई राकेश शर्मा ने कहा, "नागपुर से दिल्ली नेशनल हाईवे 52 से गुजर रही स्लीपर बस ट्रेलर को ओवरटेक करते समय बेकाबू हो गई।"

गनीमत रही कि बस केवल एक बार पलटी, जिससे यात्रियों को ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आईं। अधिकांश यात्री उस समय सो रहे थे, जिससे घबराहट का माहौल बन गया। सौभाग्य से, बस में आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) मौजूद था, जिससे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिली। पुलिस ने हादसे के बाद जाम हुए हाइवे को तुरंत सुचारू करवा दिया ताकि यातायात बाधित न हो।

सिस्टम और जिम्मेदारी

इस तेज गति और ओवरटेकिंग के मामले ने बस चालकों की जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। समय बचाने की होड़ में यात्रियों की जान जोखिम में डालना एक गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है। यात्रियों ने अपनी आपबीती बताते हुए चालक की तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग को हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासन फिलहाल इस मामले में गहन जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। बस में सवार अन्य यात्रियों को तुरंत दूसरी बस के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया, ताकि उन्हें आगे की यात्रा में परेशानी न हो। यह तेज गति और ओवरटेकिंग का एक ऐसा उदाहरण है, जो बस कंपनियों और चालकों को अपने व्यवहार में सुधार करने की चेतावनी देता है।

भविष्य की सुरक्षा

आगे चलकर ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को हाइवे पर सख्त निगरानी की आवश्यकता है। केवल चालकों को दोष देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बस कंपनियों को भी अपने ड्राइवरों की ट्रेनिंग और हाइवे नियमों के प्रति सख्ती बरतनी होगी। यह तेज गति और ओवरटेकिंग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सबक है जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। यात्रियों को भी यात्रा के दौरान सतर्क रहना चाहिए और चालक द्वारा की जा रही किसी भी प्रकार की जोखिम भरी ड्राइविंग पर आपत्ति दर्ज करनी चाहिए।

अंततः, यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना बस ऑपरेटरों की प्राथमिकता होनी चाहिए। मोडक पुलिस पूरे प्रकरण की बारीकी से पड़ताल कर रही है ताकि जिम्मेदार पक्ष पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। यह तेज गति और ओवरटेकिंग का मामला अब जांच के अधीन है, और उम्मीद है कि प्रशासन इस घटना से सीख लेते हुए नेशनल हाईवे पर सुरक्षित यात्रा के ठोस इंतजाम करेगा।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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