WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
राजस्थान

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ संपन्न

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जिसमें शिक्षा, एकता और सामाजिक विकास के संकल्प के साथ समाज को नई दिशा दी गई।

By अजय त्यागी
1 min read
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन मंगलवार को एक भव्य समारोह के रूप में संपन्न हुआ, जिसमें देश भर से समाज के प्रतिनिधि, संत और जनप्रतिनिधि एकत्रित हुए। यह कार्यक्रम न केवल एक शपथ ग्रहण और प्रतिभा सम्मान समारोह था, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए एक नई रूपरेखा तैयार करने का मंच भी बना। आयोजन के दौरान शिक्षा, संगठन की मजबूती और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जो आने वाले समय में समाज की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह से सामाजिक उत्साह और एकजुटता की भावना से ओतप्रोत था। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रमुख पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति से इस महाकुंभ को और भी गरिमापूर्ण बनाया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे गुजरात के पूर्व गृहमंत्री गोरधन भाई झडफिया ने शिक्षा को प्रगति का एकमात्र आधार बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हर परिवार को अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि वे प्रशासनिक और तकनीकी सेवाओं में अग्रणी भूमिका निभा सकें।

शिक्षा और संस्कारों की नींव

महंत सुरेशदास महाराज और संत निर्मलराम महाराज ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान तब तक अधूरा है, जब तक उसमें अच्छे विचार और सदाचार का समावेश न हो। पूर्व विधायक और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपीचंद गुर्जर ने व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर सामूहिक हितों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन इसी एकता का प्रतीक है, जो हमें संगठित होने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना ने छात्रावास निर्माण और देवनारायण मंदिर को पुनः खुलवाने के प्रयासों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने स्वर्गीय रामचंद्र पाटिल और भैरूलाल भड़ाना के योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्त्रोत बताया। भड़ाना ने स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में समाज का उत्थान ही उनका एकमात्र लक्ष्य है।

राजनीतिक जागरूकता और अधिकार

राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बच्चू सिंह बैंसला ने अपने बेबाक अंदाज में राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि गुर्जर समाज किसी भी प्रकार का राजनीतिक शोषण स्वीकार नहीं करेगा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन इसी बात का गवाह है कि अब समाज अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुका है। उन्होंने संगठित होकर अपनी पहचान और सम्मान को अक्षुण्ण रखने की अपील की, ताकि समाज की आवाज को सत्ता के गलियारों तक मजबूती से पहुंचाया जा सके।

पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के संघर्षों को याद करते हुए महिलाओं की भागीदारी पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज में नई चेतना फैलाने की आवश्यकता बताई। प्रदेशाध्यक्ष रामप्रसाद धाभाई ने अत्यंत कड़े शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति समाज का हित नहीं सोच सकता, वह अपने परिवार का भी भला नहीं कर सकता। उनके इन शब्दों ने वहां उपस्थित समाजजनों के बीच एक नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का संचार किया।

भविष्य की ओर कदम

जिलाध्यक्ष राधेश्याम भड़ाना और महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष कामिनी गुर्जर ने भी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के अपने विजन को साझा किया। कामिनी गुर्जर ने नेतृत्व में महिलाओं की समान भागीदारी की बात कही। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा का ऐतिहासिक आयोजन शिक्षा, कुरीतियों के उन्मूलन और सामाजिक चेतना के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज के लिए भविष्य की राह तय करने में एक मील का पत्थर साबित होगा, जहां हर व्यक्ति ने तन-मन-धन से योगदान देने का वादा किया है।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief