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निर्माणाधीन पुल ढहा: तूफान ने ढाया कहर, छह की मौत की आशंका

बड़ा हादसा: निर्माणाधीन पुल ढहा, मलबे में दबने से छह लोगों की मौत की आशंका है। बचाव कार्य जारी है, प्रशासन मौके पर मौजूद है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg निर्माणाधीन पुल ढहा

निर्माणाधीन पुल ढहा

निर्माणाधीन पुल ढहा और इस दुखद हादसे में कम से कम छह लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। बीती रात आए तेज तूफान और आंधी के कारण बेतवा नदी पर बन रहे एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा अचानक धराशायी हो गया। हादसे के वक्त पुल के पास सो रहे कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। मलबे में दबे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि करोड़ों की लागत वाली यह परियोजना ताश के पत्तों की तरह ढह गई।[1]

बचाव कार्य हुआ तेज

हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल और बचाव दल को तैनात किया गया है। मलबे को हटाने के लिए क्रेन और अत्याधुनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है ताकि दबे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मारे गए सभी लोग मजदूर थे जो निर्माण कार्य में जुटे थे और रात में पुल के पास विश्राम कर रहे थे।

प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी ने राहत कार्यों के संबंध में कहा:

"तूफान के कारण पुल का एक बड़ा हिस्सा गिर गया है। हमारी पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को निकालना है। बचाव कार्य पूरी गति से चल रहा है और स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।"

ASP हमीरपुर, अरविंद कुमार वर्मा ने कहा: 

"हमें आज रात करीब 2 बजे खबर मिली कि यहाँ एक स्लैब गिर गया है, जिसके नीचे कुछ लोग फँसे हुए हैं। यह खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और हम सभी तुरंत यहाँ पहुँच गए। आप देख सकते हैं कि तीन लोग खंभे पर फँसे हुए हैं; उन्हें बचाने के लिए SDRF और हमारी टीम बचाव कार्य में लगी हुई है... हमने फँसे हुए 6 लोगों में से 5 की पहचान कर ली है। हम स्लैब को हटाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालेंगे।"

 

लापरवाही पर उठे सवाल

इस भीषण त्रासदी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट के ढहने से अब संबंधित कंपनी और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के क्या मानक अपनाए गए थे और क्या तूफान की चेतावनी के बाद मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था, यह जांच का बड़ा विषय है।

हादसे के बाद से ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल है। निर्माणाधीन पुल ढहा और इस घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। स्थानीय लोग इस लापरवाही के खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे राहत दल की चिंता बढ़ गई है।

घटना का प्रशासनिक असर

घटनास्थल पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। निर्माणाधीन पुल ढहा प्रकरण को लेकर राज्य सरकार ने भी संज्ञान लिया है और घायलों के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं। रेस्क्यू टीम लगातार मलबे को हटाने में जुटी है ताकि किसी भी जीवित व्यक्ति को बचाया जा सके।

अंततः, इस दुखद घटना ने न केवल कई जिंदगियां छीन ली हैं, बल्कि निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद ही हादसे की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। हम उम्मीद करते हैं कि निर्माणाधीन पुल ढहा जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार भविष्य में निर्माण कार्य के सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त करेगी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसे केवल सूचनात्मक दृष्टि से प्रकाशित किया गया है। सम्बंधित सरकारी अधिसूचना एवं पुलिस विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी ही अंतिम और प्रमाणिक मानी जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं हैं

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief