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सीबीएसई परिणाम पुनर्मूल्यांकन: अंकों से असंतुष्ट छात्र करें आवेदन

सीबीएसई परिणाम पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

(दिल्ली)। सीबीएसई परिणाम पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का शुभारंभ बोर्ड द्वारा 29 मई 2026 से आधिकारिक तौर पर कर दिया गया है। कक्षा बारहवीं के वे छात्र जो अपने परीक्षा परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं या जिन्हें मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी त्रुटि का संदेह है, वे अब बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी मार्कशीट के वेरिफिकेशन और आंसर बुक के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह निर्णय उन लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपने अंकों को लेकर चिंतित थे।

बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है, जिससे छात्र घर बैठे ही आसानी से आवेदन कर सकें। इस वर्ष लाखों छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया था, जिनमें से अधिकांश को डिजिटल प्रतियां प्राप्त हो चुकी हैं। छात्र अब अपनी कॉपी का स्वयं अवलोकन कर सकते हैं और यह पहचान सकते हैं कि किस प्रश्न में उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं, जिसके आधार पर वे पुनर्मूल्यांकन का निर्णय ले सकते हैं।[1]

पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली

बोर्ड का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी पारदर्शी और निष्पक्ष प्रणाली प्रदान करना है, जिससे छात्रों को उनके अंकों के प्रति स्पष्टता मिल सके। संशोधित व्यवस्था के तहत, छात्रों को पहले उनकी उत्तर पुस्तिकाएं देखने का मौका दिया जाता है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि छात्र समझ सकें कि उनके अंक कहां काटे गए हैं, जिससे वे आगे किसी भी समीक्षा के लिए अधिक आत्मविश्वास के साथ आवेदन कर सकें।

सीबीएसई ने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया है:

"हमारा लक्ष्य छात्रों को एक पारदर्शी प्रक्रिया प्रदान करना है। सीबीएसई परिणाम पुनर्मूल्यांकन की यह नई व्यवस्था छात्रों को मूल्यांकन के प्रति स्पष्टता देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी छात्र के साथ अंकों के मामले में अन्याय न हो।"

तीन चरणों की प्रक्रिया

संपूर्ण पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को बोर्ड ने तीन मुख्य चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण में केवल वे छात्र पात्र होंगे जिन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त कर ली है। दूसरे चरण में छात्र उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम और तीसरे चरण में छात्र विशिष्ट उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

बोर्ड के अनुसार, यह नया सिस्टम छात्रों के लिए एक व्यवस्थित और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रत्येक चरण के लिए छात्रों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। प्रत्येक चरण के लिए अलग शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान छात्रों को ऑनलाइन मोड में ही करना होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया में कहीं भी कोई मानवीय बाधा न आए।

वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन

वेरिफिकेशन प्रक्रिया के अंतर्गत बोर्ड यह जांचता है कि अंकों के योग में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई है, या कोई उत्तर मूल्यांकन से छूट तो नहीं गया है। वहीं पुनर्मूल्यांकन के दौरान, छात्र उन विशिष्ट उत्तरों का पुनर्मूल्यांकन करवा सकते हैं, जिनके लिए उन्हें लगता है कि उन्हें सही अंक नहीं दिए गए हैं। इसके बाद परीक्षक उन उत्तरों की फिर से समीक्षा करते हैं और सुधार की स्थिति में नए अंक प्रदान करते हैं।

बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले सभी दिशानिर्देशों को ध्यान से पढ़ लें। केवल उन्हीं प्रश्नों के लिए पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध करें जहां उन्हें वास्तव में त्रुटि होने का संदेह हो। सीबीएसई परिणाम पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया छात्रों को उनके भविष्य के प्रति आश्वस्त करने के लिए शुरू की गई है, ताकि वे अपने अकादमिक करियर में सही दिशा में आगे बढ़ सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर आधारित है। सभी छात्र आवेदन करने से पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें। किसी भी शुल्क भुगतान या आवेदन प्रक्रिया में त्रुटि के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं। यह सूचना केवल छात्रों की सहायता और जागरूकता के उद्देश्य से प्रदान की गई है।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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