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राजस्थान नर्सेज यूनियन का विरोध प्रदर्शन: पदों के समायोजन की मांग

राजस्थान नर्सेज यूनियन का विरोध प्रदर्शन: मेडिकल कॉलेज से 83 पद समाप्त होने पर नर्सेज का भविष्य संकट में, कलेक्टर और नेताओं से लगाई गुहार।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg राजस्थान नर्सेज यूनियन का विरोध प्रदर्शन

राजस्थान नर्सेज यूनियन का विरोध प्रदर्शन

(भीलवाड़ा, राजस्थान)। राजस्थान नर्सेज यूनियन का विरोध प्रदर्शन आज जिला मुख्यालय पर देखने को मिला। 29 मई को राजस्थान नर्सेज यूनियन के जिला अध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में 83 नर्सेज ने जिला कलेक्टर जसमीत संधू से मिलकर ज्ञापन सौंपा। इन कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 9 वर्षों से महात्मा गांधी चिकित्सालय (MGH) में पूरी दक्षता के साथ गंभीर मरीजों की सेवा कर रहे हैं, लेकिन अब पदों के विलोपित होने के कारण उन पर बाहर जाने का संकट मंडरा रहा है। नर्सेज अपनी पीड़ा बताते हुए फूट-फूट कर रो पड़े और उन्होंने मांग की कि कोरोना काल में मिले सम्मान पत्रों के बदले उन्हें सेवा में बनाए रखकर बचा लिया जाए। जिला कलेक्टर ने स्थिति पर सहानुभूति दिखाते हुए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया।

नर्सेज यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी पीड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल के समक्ष जनसुनवाई में भी रखी। सांसद ने पूर्ण आश्वासन दिया कि वे नर्सेज के पक्ष में हैं और वे प्रयास करेंगे कि सभी नर्सेज MGH में ही कार्यरत रहें। उन्होंने मौके पर ही मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. वर्षा अशोक सिंह राठौड़ को फोन कर उचित मार्गदर्शन दिए। इसके पश्चात, नर्सेज ने मांडल गढ़ के विधायक गोपाललाल खंडेलवाल से मुलाकात की, जिन्होंने सेवा को प्रणाम करते हुए उच्च अधिकारियों से वार्ता करने का भरोसा दिलाया और तीन माह से बकाया वेतन को तीन दिवस के भीतर जारी करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया।

नेताओं और अधिकारियों का समर्थन

नर्सेज का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व विधायक विठलशंकर अवस्थी से भी मिला, जिन्होंने वित्त विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर अधीक्षक डॉ. अरुण गोड़ को नर्सेज को यहीं रखने का प्रस्ताव बनाने के लिए कहा। समस्त नर्सेज ने भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी से मिलकर उनका आभार जताया और इस बड़ी विपदा में साथ देने का आग्रह किया। विधायक कोठारी ने तुरंत जयपुर में राजमेस और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि नर्सेज को यहां से अन्यत्र कहीं नहीं लगाया जाएगा।

विधायक अशोक कोठारी को सौंपे गए ज्ञापन में भी नर्सेज ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में महात्मा गांधी चिकित्सालय में 27 पद तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत 48 पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों पर अनुभवी नर्सिंगकर्मियों को समायोजित कर भीलवाड़ा की चिकित्सा सेवाओं को मजबूत किया जा सकता है। विधायक कोठारी ने आश्वस्त किया है कि वे अनुभवी नर्सिंगकर्मियों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और वित्त एवं चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता कर रहे हैं।

पदों का समायोजन जरूरी

यूनियन के जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट ने जानकारी दी कि राजमेस ने 7 मेडिकल कॉलेजों में 1267 पदों को विलोपित किया है, जिसमें भीलवाड़ा में 83 नर्सिंग ऑफिसर के पद समाप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के अनुभव को देखते हुए जिले में ही पदों का समायोजन या पुनर्सर्जन करना जिले के नेताओं और अधिकारियों का मौलिक दायित्व है। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में अमित व्यास, गिरिराज लढा, ललित जीनगर, करण सिंह सिसोदिया, दिनेश खटीक, अनीता चौधरी, विमला व्यास सहित कई नर्सेज उपस्थित थे।

सभी नर्सेज ने भीलवाड़ा के गणमान्य नेताओं और जिले के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है जिन्होंने उनकी पीड़ा को समझा और समर्थन दिया। राजस्थान नर्सेज यूनियन का विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य 9 वर्षों से सेवा दे रहे इन अनुभवी कर्मियों का समायोजन कर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाए रखना है।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief