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प्रादेशिक

व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना: एक की मौत, 12 को बचाया गया

व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना में 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, एक की मृत्यु की पुष्टि, राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर अभी भी जारी है।

By अजय त्यागी
1 min read
व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना

व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना

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(दिल्ली)। व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना ने शनिवार शाम पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। साकेत मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित एक तीन मंजिला इमारत के अचानक भरभरा कर गिर जाने से मलबे का ढेर लग गया, जिसके नीचे कई लोग दब गए। राहत और बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, इस हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। मलबे में फंसे अन्य संभावित लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार जुटी हुई हैं।[1]

हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इमारत के अंदर मेडिकल छात्रों सहित कई अन्य लोगों के होने की जानकारी मिली थी। एनडीआरएफ, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। बचाव दल अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे को सावधानीपूर्वक हटा रहे हैं ताकि दबे हुए लोगों तक सुरक्षित पहुँचा जा सके। पूरे घटनास्थल पर बचाव कार्य को बेहद बारीकी से अंजाम दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री का घटनास्थल दौरा

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मलबे में दबे आखिरी व्यक्ति को बाहर निकालने तक यह अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रखा जाए। मुख्यमंत्री ने घायलों के बेहतर और त्वरित उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने स्थिति पर अपना बयान देते हुए कहा:

"रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव दल पूरी सावधानी बरत रहे हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है। व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना में जो भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौती

बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती संकरी गलियां और मलबे का भारी ढेर बना हुआ है। रात के अंधेरे के बावजूद बचावकर्मी फ्लड लाइट की रोशनी में लगातार काम कर रहे हैं। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए निकटवर्ती अस्पतालों में भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल के चारों ओर घेरा बढ़ा दिया है ताकि आम लोगों की भीड़ से बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

यह हादसा शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस परिसर में कई व्यावसायिक कार्यालय संचालित हो रहे थे। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि क्या इमारत गिरने से पहले कोई चेतावनी संकेत मिले थे। फोरेंसिक टीमें मलबे के नमूनों की जांच कर रही हैं ताकि व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना के असली कारणों का पता चल सके।

जिम्मेदारियों का निर्धारण

राहत कार्य पूरा होने के बाद इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। जो भी अधिकारी इस अवैध निर्माण की अनदेखी के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना के बाद अब शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी जर्जर इमारतों की पहचान करने का विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।

आने वाले घंटों में बचाव कार्य की गति और तेज होने की संभावना है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में दबे लोगों को जीवित बाहर निकालने पर है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बचाव कार्यों में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief