अतिक्रमण विरोधी अभियान: करीब 150 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत 150 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया, भारी सुरक्षा बल और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई लगातार जारी है।
अतिक्रमण विरोधी अभियान
न्यायालय के आदेश के बाद शालिमार बाग़ इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में लगभग 150 अवैध निर्माणों को जमींदोज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती ने क्षेत्र को छावनी में बदल दिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस उपायुक्त (DCP), सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पूरी निगरानी बनाए हुए हैं। नोटिस की अवधि समाप्त होते ही ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।[1]
क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के मार्ग में आने वाले करीब 150 घरों और अनधिकृत संरचनाओं को चिन्हित किया गया था। कार्रवाई से पहले ही स्थानीय निवासियों को वहां से शिफ्ट कर दिया गया था, जिसके बाद उनके घरेलू सामान सड़क किनारे देखे गए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि यह पूरा ऑपरेशन बिना किसी बड़ी बाधा के संपन्न हो सके। भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा है।
𝐃𝐞𝐥𝐡𝐢 : Demolition drive underway in Shalimar Bagh. Around 150 houses to be removed as part of a road-widening project.#BreakingNews #ShalimarBagh pic.twitter.com/5oX0RHTfqH
— VARTA ( वार्ता ) (@varta24news) May 31, 2026
आधिकारिक बयान
इस कार्रवाई पर जिला मजिस्ट्रेट (सेंट्रल नॉर्थ) शैलेंद्र सिंह परिहार ने स्पष्ट किया कि यह सरकारी जमीन को वापस लेने की एक कानूनी प्रक्रिया है।
"हम लगभग आठ एकड़ जमीन पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चला रहे हैं, जिसे 30-मीटर सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए सौंप दिया जाएगा। विस्तृत सुनवाई के बाद 157 निवासियों में से कोई भी रिकॉर्डेड मालिक नहीं पाया गया। मूल भूमि मालिकों को 1980 में ही मुआवजा दिया जा चुका है।"
आगे उन्होंने कहा:
"उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि कब्जे वाले अनधिकृत हैं और उन्हें 30 मई तक जगह खाली करने का निर्देश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस आदेश को बरकरार रखा। पूर्व नोटिस, उद्घोषणा और निवासियों के साथ बैठकों के बाद, आज हमने कब्जा लेने की कार्यवाही शुरू कर दी है।"
VIDEO | Delhi: On bulldozer action in Delhi's Shalimar Bagh, District Magistrate Central North Shailendra Singh Parihar says, "We are carrying out an anti-encroachment drive on about eight acres of land, which will be handed over for the 30-metre road widening project. None of… pic.twitter.com/EpcwMKOkIj
— Press Trust of India (@PTI_News) May 31, 2026
सुरक्षा और प्रशासन की तैयारी
कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी चुनौती अवैध निर्माणों को हटाकर सड़क के लिए जगह खाली कराना था। जिला प्रशासन ने पूरी योजना के साथ इस अतिक्रमण विरोधी अभियान को संचालित किया है। इलाके में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय थानों के प्रभारियों के साथ मिलकर सुरक्षा की कई परतें बनाई गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायालय के आदेशों के पालन में की जा रही है।
प्रशासनिक टीम ने यह भी बताया कि इस अतिक्रमण विरोधी अभियान की योजना काफी समय पहले ही तैयार कर ली गई थी। संबंधित परिवारों को अपना सामान हटाने के लिए पर्याप्त अवसर और समय दिया गया था। ध्वस्तीकरण की यह प्रक्रिया तब शुरू की गई जब सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो गईं और निवासियों को दी गई मोहलत समाप्त हो गई। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लगातार फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है।
भविष्य की कार्ययोजना
सड़क चौड़ीकरण की यह परियोजना लंबे समय से लंबित थी, जो अब इस कार्रवाई के बाद मूर्त रूप ले सकेगी। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के माध्यम से मिलने वाली यह जमीन शहर के यातायात प्रबंधन में एक बड़ी भूमिका निभाएगी। आने वाले दिनों में मलबे को हटाने और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने आगे भी सख्त रुख अपनाए रखने का संकेत दिया है।
Delhi: On the demolition drive carried out in Shalimar Bagh, DCP, North-West District, Akanksha Yadav says, "As per the Supreme Court order, the civil agencies are conducting a demolition programme. On the Delhi Police side, complete security and law and order arrangements have… pic.twitter.com/mJDC7EGVBe
— IANS (@ians_india) May 31, 2026