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यूक्रेन रूस भीषण युद्ध: विनाशकारी प्रहार, मौतों से मचा हाहाकार

यूक्रेन रूस भीषण युद्ध का नया अध्याय, कीव और निप्रो पर मिसाइल हमलों में 10 लोगों की मौत और 100 घायल। दहशत में डूबा पूरा यूक्रेन।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg यूक्रेन रूस भीषण युद्ध - Photo : Reuters

यूक्रेन रूस भीषण युद्ध - Photo : Reuters

कीव, यूक्रेन। यूक्रेन रूस भीषण युद्ध एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर खड़ा है, जहाँ तबाही का मंजर हर सुबह और खौफनाक होता जा रहा है। मंगलवार की तड़के रूसी ड्रोन्स और मिसाइलों ने यूक्रेन की राजधानी कीव और निप्रो शहर को अपना निशाना बनाया, जिसमें 10 लोगों की जान चली गई और करीब 100 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बीते चार वर्षों से चल रहे इस संघर्ष में मास्को ने अब 'सिस्टमैटिक स्ट्राइक' का सहारा लेकर आम नागरिकों के ठिकानों को भी नहीं बख्शा है, जो युद्ध की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।[1]

कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के अनुसार, राजधानी की ऊंची इमारतों पर हुए इन हमलों ने रिहायशी इलाकों को मलबे के ढेर में बदल दिया है। एक 24 मंजिला अपार्टमेंट के गिरने और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका ने इस 'अपोकैलिप्स' जैसे मंजर को और डरावना बना दिया है। ओबोलॉन जिले में गिरते मिसाइल मलबे ने कारों को आग के हवाले कर दिया, जबकि एक किंडरगार्टन के पास धमाकों ने यह साफ कर दिया कि इस यूक्रेन रूस भीषण युद्ध में अब कुछ भी सुरक्षित नहीं है।

तबाही का खौफनाक मंजर

कीव की गलियों में फैले धुएं और तबाही के बीच ओल्गा मुड्रा जैसी माताओं की चीखें इस युद्ध की विभीषिका को बयां कर रही हैं। बच्चों के खिलौनों के बीच मिसाइलों के गिरने और सबवे स्टेशनों में जान बचाने के लिए हजारों लोगों के उमड़ आने का दृश्य यह बताता है कि कूटनीति के दावे कितने खोखले हैं। जब विश्व के बड़े नेता शांति की बातें करते हैं, तब जमीन पर आम आदमी का जीवन केवल एक संख्या बनकर रह जाता है।

"खुफिया चेतावनियां पहले से थीं, और हमारे रक्षक 24/7 तैयार थे, लेकिन विनाश का पैमाना इतना बड़ा होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।" - वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की, राष्ट्रपति, यूक्रेन।

रूस का यह दावा कि वे केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, इस जमीनी हकीकत के सामने पूरी तरह विफल साबित होता है। दूसरी ओर, लुहांस्क में हुए हमले के जवाब में मास्को ने जो 'सिस्टमैटिक स्ट्राइक' की रणनीति अपनाई है, वह प्रतिशोध की उस राजनीति को दर्शाती है जहाँ आम नागरिकों की लाशों पर विजय का झंडा फहराने की होड़ मची है।

अस्थिर भविष्य का संकट

यूक्रेन रूस भीषण युद्ध की लपटें केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं हैं; क्रास्नोडार में तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला और बेलगोरोड में बच्चों का घायल होना यह दर्शाता है कि यह आग दोनों तरफ बराबर जल रही है। जब रूस 148 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा करता है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह युद्ध अब अपनी चरम सीमा पर है। इस बीच, अमेरिका का मध्य पूर्व के संघर्षों में उलझा होना यूक्रेन की रणनीतिक लाचारी को और बढ़ा रहा है।

"हम जो देख रहे हैं, वह केवल गर्म मौसम नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था का धीरे-धीरे पतन है जिसने दुनिया को एक संतुलन में रखा था।" - अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक।

जब तक अंतरराष्ट्रीय बिरादरी केवल बयानों और प्रतिबंधों की रस्म अदायगी करती रहेगी, तब तक यूक्रेन रूस भीषण युद्ध का यह पहिया इसी तरह निर्दोषों का खून बहाता रहेगा। युद्ध के अंत की संभावनाएं अब दूर-दूर तक दिखाई नहीं देतीं। यह संघर्ष अब केवल दो देशों के बीच का विवाद नहीं, बल्कि एक ऐसा वैश्विक संकट बन चुका है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए केवल राख और मलबे की विरासत छोड़ेगा।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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