WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

मेथामफेटामाइन ड्रग तस्करी: बिस्किट के डिब्बों में छिपा था मौत का सामान

मेथामफेटामाइन ड्रग तस्करी के बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़। 14 करोड़ से अधिक का नशा जब्त, जयपुर से मुंबई जा रहे तस्कर का खौफनाक सच बेनकाब।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

अहमदाबाद, गुजरात। मेथामफेटामाइन ड्रग तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर नकेल कसते हुए पुलिस ने 14 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का नशा पकड़ा है। नरोडा पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया, जिसके पास से 7 किलो से अधिक उच्च गुणवत्ता वाला मेथामफेटामाइन बरामद हुआ। यह कार्रवाई तब हुई जब आरोपी जयपुर से मुंबई के लिए निकला था। पुलिस की इस छापेमारी ने नशे के सौदागरों के उस खौफनाक नेटवर्क को उजागर कर दिया है, जो बिस्किट के पैकेटों में मौत का सामान भरकर देश भर में सप्लाई कर रहे थे।[1]

पुलिस ने बरामद किए गए नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 14.16 करोड़ रुपये आंकी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेक्टर-2) जयपालसिंह राठौड़ के अनुसार, आरोपी की पहचान मुंबई के अंधेरी निवासी मोहम्मद साजिद मोहम्मद उस्मान शेख (48) के रूप में हुई है। साजिद के बैग से बिस्किट के डिब्बे और पैकेट मिले, जिनके अंदर बड़े शातिराना तरीके से सफेद पाउडर छिपाया गया था। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह घातक मेथामफेटामाइन है।

साजिश का बिस्किट कनेक्शन

मेथामफेटामाइन ड्रग तस्करी के आरोपी साजिद ने पूछताछ में जो खुलासे किए, वे किसी को भी झकझोर सकते हैं। उसने कबूल किया कि उसे यह खेप जयपुर से महाराष्ट्र ले जाने के निर्देश दिए गए थे। चूंकि जयपुर से मुंबई के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए उसने अहमदाबाद का रास्ता चुना। हैरत की बात तो यह है कि आरोपी ने मात्र 10 से 15 दिन पहले ही अमृतसर से मुंबई तक नशीले पदार्थों की एक और खेप पहुंचाई थी, जिससे साफ होता है कि यह गिरोह बेखौफ होकर अपना काला कारोबार चला रहा था।

"नशे को छिपाने के लिए बिस्किट के पैकेट और बॉक्स का उपयोग किया गया था। इस मामले में तीन अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं और जांच तेजी से की जा रही है।" - जयपालसिंह राठौड़, संयुक्त पुलिस आयुक्त।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट के तार अंतरराष्ट्रीय तस्करों, विशेषकर नाइजीरियाई कनेक्शन से जुड़े हैं। बरामद की गई ड्रग्स की उच्च गुणवत्ता बताती है कि यह कोई मामूली काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित अपराधी समूह का हाथ है। बिस्किट के डिब्बों में छिपी यह मौत की सामग्री सीधे युवाओं के हाथों तक पहुंचाई जानी थी, लेकिन पुलिस की तत्परता ने एक बड़ा अनर्थ होने से बचा लिया।

नेटवर्क की गहरी जड़ें

मेथामफेटामाइन ड्रग तस्करी के इस खेल में शामिल मुख्य चेहरों की तलाश के लिए पुलिस ने कई अलग-अलग टीमें गठित की हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए तस्करों ने जो तरीका अपनाया, वह यह दर्शाता है कि वे कितनी बारीकी से सुरक्षा जांच को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे। आरोपी का खुलासा करना कि उसने पिछले कुछ दिनों में बड़ी मात्रा में नशा पहले भी डिलीवर किया है, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।

"पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और तस्करी नेटवर्क की पूरी जड़ों को उखाड़ने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।" - नरोडा पुलिस आधिकारिक बयान।

नरोडा पुलिस अब उन तीनों व्यक्तियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है जिनका नाम साजिद ने लिया है। क्या ये आरोपी केवल मामूली कुरियर हैं, या इनके पीछे कोई बड़ा ड्रग माफिया बैठा है? पुलिस की जांच अब इस दिशा में बढ़ चुकी है कि आखिर कौन सा मास्टरमाइंड इतनी बड़ी मात्रा में नशे को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक भेजने का साहस कर रहा है।

आने वाले और खुलासे

मेथामफेटामाइन ड्रग तस्करी के इस प्रकरण ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। जब एक बार में ही करोड़ों का नशा पकड़ा जा सकता है, तो सवाल यह उठता है कि क्या पिछले कुछ महीनों में इसी तरह के और भी 'बिस्किट के पैकेट' देश में प्रवेश कर चुके हैं? साजिद की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के रडार पर वे सभी लोग हैं जो पिछले कुछ समय से सक्रिय थे। यह लड़ाई सिर्फ एक गिरफ्तारी की नहीं, बल्कि एक खतरनाक सिंडिकेट के खात्मे की है।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source