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राजस्थान

भीषण गर्मी में सेवा: राहगीरों और मजदूरों के लिए बना वरदान

भीषण गर्मी में सेवा का मानवीय चेहरा सामने आया। माहेश्वरी महिला मंडल ने तपती धूप में मजदूरों को मिल्क रोज शरबत पिलाकर दी बड़ी राहत।

By अजय त्यागी
1 min read
भीषण गर्मी में सेवा

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भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। भीषण गर्मी में सेवा का एक ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है जिसने तपती दोपहर में लोगों के दिलों को ठंडक पहुंचा दी। पारा 45 डिग्री के पार पहुंचने के साथ ही जब सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा था, तब आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल की सदस्यों ने एक सराहनीय बीड़ा उठाया। कुंभा सर्किल के पास बालाजी मंदिर के बाहर कार्यरत मजदूरों और चिलचिलाती धूप में गुजर रहे राहगीरों को ठंडा 'मिल्क रोज शरबत' पिलाकर उन्होंने मानव सेवा की एक नई मिसाल पेश की है।

शहर में बढ़ते तापमान के बीच जब आम आदमी घर से निकलने में कतरा रहा था, तब ये महिलाएं सड़कों पर उतरकर जरूरतमंदों की प्यास बुझाने का काम कर रही थीं। महिला मंडल अध्यक्ष प्रेम सुधा अजमेरा और सचिव सुनीता ईनाणी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सरोकार केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है।

मानव सेवा की मिसाल

भीषण गर्मी में सेवा के इस कार्य में महिला मंडल की अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मानकवंर काबरा, डॉ. राखी राठी, प्रीति चांडक, संगीता काकानी और कविता समदानी जैसी प्रबुद्ध महिलाओं ने स्वयं अपने हाथों से मजदूरों को शरबत का गिलास थमाया। उनकी इस सादगी और सेवा भाव को देखकर वहां से गुजर रहे लोग भी रुकने पर मजबूर हो गए और इन महिलाओं के जज्बे की सराहना करते नजर आए।

"समाज सेवा के ऐसे छोटे-छोटे प्रयास जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हमारा संकल्प है कि गर्मी के इस मौसम में हम भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रखेंगी।" - प्रेम सुधा अजमेरा, अध्यक्ष, आजाद नगर माहेश्वरी महिला मंडल।

इस दौरान उपस्थित सदस्यों में सुमन चौधरी, गोरी जागेटीया, मधु सोडाणी, अर्चना अजमेरा, उषा तोतला और स्नेहलता काकानी ने न केवल शरबत पिलाया, बल्कि श्रमिकों के बेहतर स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की मंगलकामना भी की। समाज के प्रबुद्ध वर्ग द्वारा की गई इस पहल को स्थानीय लोगों ने प्रेरणादायक बताया है। यह घटना दर्शाती है कि भीषण गर्मी में सेवा ही असली धर्म है और जब समाज की महिलाएं आगे आती हैं, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है।

सेवा कार्य निरंतर जारी

भीषण गर्मी में सेवा का यह अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। महिला मंडल की सदस्याओं ने संकल्प लिया है कि आने वाले दिनों में भी वे शहर के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह सेवा कार्य जारी रखेंगी। उनकी योजना है कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए जल प्याऊ और अन्य शीतल पेय पदार्थों का वितरण किया जाए, ताकि किसी भी मजदूर या राहगीर को धूप और प्यास के कारण अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।

"माहेश्वरी महिला मंडल की यह पहल मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे भीषण गर्मी में मजदूरों को राहत मिली है।" - स्थानीय नागरिक।

भीलवाड़ा के कुंभा सर्किल पर उमड़ी यह भीड़ और उस पर बरसती ममता की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस तरह के छोटे प्रयासों से ही समाज में बदलाव आता है और आपसी भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है। तपती दुपहरी में जब लोग ठंडे कमरों में थे, तब इन महिलाओं का सड़क पर उतरना वाकई में एक 'शॉकिंग' और प्रेरणादायक कदम है।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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