कोलकाता कॉलेज कैश कांड: स्टूडेंट यूनियन रूम से निकले नोटों के ढेर
कोलकाता कॉलेज कैश कांड: बंद पड़े स्टूडेंट यूनियन रूम से मिले लाखों रुपये के नोट, दीमकों ने नोटों को किया बर्बाद, नौकरी घोटाले के भी मिले पुख्ता संकेत।
कोलकाता कॉलेज कैश कांड
कोलकाता, पश्चिम बंगाल। कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कोलकाता कॉलेज कैश कांड की गूंज अब हर तरफ सुनाई दे रही है, क्योंकि कॉलेज परिसर के एक बंद स्टूडेंट यूनियन रूम की तलाशी के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। इस घटना ने पूरे शिक्षण संस्थान और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
स्टूडेंट यूनियन रूम से नोटों के बंडल मिलने का मामला बेहद सनसनीखेज है। सूत्रों के अनुसार, कॉलेज में मानसून से पहले मच्छरों के खात्मे के लिए सफाई अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान जब टीम यूनियन रूम के पास पहुंची, तो कमरा बंद मिला। अधिकारियों की अनुमति से जब कमरे का ताला तोड़ा गया, तो वहां का नजारा देखकर सब दंग रह गए।[1]
रहस्यमयी नोटों का जखीरा
कमरे के भीतर अलमारी में दो बैग रखे हुए थे, जिनमें 500 और 100 रुपये के नोटों की भरमार थी। हालांकि, लंबे समय से बंद होने के कारण अधिकांश नोटों को दीमकों ने अपना निवाला बना लिया है और वे गल चुके हैं। कोलकाता कॉलेज कैश कांड में कमरे से नकदी के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के कई बैनर भी बरामद किए गए हैं, जिसने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
स्थानीय मचिपारा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। कॉलेज प्रशासन ने खुद इस मामले की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतने लंबे समय से बंद पड़े कमरे में यह पैसा किसका है और इसे वहां क्यों छुपा कर रखा गया था।
नौकरी घोटाले की आहट
विपक्षी दल भाजपा के विधायक सजल घोष ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता कॉलेज कैश कांड का यह पैसा छात्र प्रवेश के नाम पर अवैध वसूली से आया है। सजल घोष ने दावा किया कि कमरे से कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जो सीधे तौर पर एक बड़े नौकरी घोटाले की ओर इशारा करते हैं।
"स्टूडेंट यूनियन रूम के अंदर से लाखों रुपये की बरामदगी यह स्पष्ट करती है कि यह पैसा छात्रों के प्रवेश के नाम पर वसूला गया है। इसके साथ मिले दस्तावेज नौकरी बेचने के एक बड़े रैकेट की पोल खोल रहे हैं," सजल घोष, विधायक।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नकदी के साथ ही कुछ वाउचर भी बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इन वाउचरों का उपयोग कॉलेज के विभिन्न वित्तीय खातों से अवैध रूप से पैसे निकालने के लिए किया जाता था। कोलकाता कॉलेज कैश कांड की सच्चाई जानने के लिए कॉलेज के विभागाध्यक्षों ने भी इस मामले में अपनी आंतरिक चर्चा के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।