महिला के साथ दरिंदगी: घरेलू हिंसा का खौफनाक सच जानकर कांप उठेंगे
घरेलू हिंसा का खौफनाक सच आया सामने, ससुराल वालों ने 10 महीने तक विवाहिता को कमरे और टॉयलेट में किया कैद, बाल नोंचकर की गई बर्बरता।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
देहरादून, उत्तराखंड। घरेलू हिंसा का खौफनाक सच एक ऐसी घटना के साथ सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। देहरादून में एक विवाहिता को उसके ससुराल वालों ने करीब 10 महीनों तक एक कमरे और टॉयलेट में कैद करके रखा। इस दौरान महिला को अमानवीय यातनाएं दी गईं, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है।
पीड़िता के पिता की शिकायत पर सेलाकुई पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी पति, सास और ससुर ने महिला को न केवल बंधक बनाया, बल्कि उसके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।[1]
जबरन उखाड़े बाल
आरोप है कि ससुराल वालों ने महिला को जानवरों से भी बदतर समझा। उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ ही उसके बाल जबरन उखाड़ दिए गए, जिससे उसका सिर लगभग गंजा हो चुका है। घरेलू हिंसा का खौफनाक सच तब बाहर आया जब पीड़िता के परिवार को उसकी दुर्दशा का पता चला और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए सेलाकुई थाना एसएचओ लोकपाल परमार ने बताया कि पीड़ित पिता की ओर से मिली लिखित शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कानूनी शिकंजे में आरोपी
"लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ केस क्राइम नंबर 68/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उचित पूछताछ की जा रही है," लोकपाल परमार, एसएचओ, सेलाकुई।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, 351(2) आपराधिक धमकी, 127(4) गलत तरीके से बंधक बनाना और 352 शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करने के तहत केस दर्ज किया गया है। यह केस घरेलू हिंसा का खौफनाक सच दर्शाता है कि कैसे चारदीवारी के भीतर मानवता को कुचला गया।
बर्बरता की हदें पार
पीड़िता के पिता ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले अक्सर उनकी बेटी को प्रताड़ित करते थे। यह प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि उसे घर के भीतर ही एक कमरे और टॉयलेट में कैद कर दिया गया। महीनों तक अंधेरे और गंदगी के बीच रही महिला को जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं।
घरेलू हिंसा का खौफनाक सच यह है कि पीड़िता अपने परिवार से काफी समय तक कटी रही। जब आखिरकार उसकी बदहाली की खबर उसके परिजनों तक पहुंची, तो वे स्तब्ध रह गए। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर इतने लंबे समय तक इस जुल्म को कैसे छिपाया गया और इसमें और कौन-कौन शामिल था।