बलूचिस्तान आतंकी एनकाउंटर: सेना की बड़ी कार्रवाई में 17 ढेर
बलूचिस्तान आतंकी एनकाउंटर में 17 खूंखार आतंकी ढेर, ट्रेन धमाके का लिया बदला, भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए।
24 मई के हमले की फाइल फोटो
क्वेटा, बलूचिस्तान। बलूचिस्तान आतंकी एनकाउंटर के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने एक जबरदस्त जवाबी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 17 संदिग्ध आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया है। यह कार्रवाई पिछले हफ्ते क्वेटा में शटल ट्रेन पर हुए आत्मघाती बम धमाके के बाद की गई है, जिसमें 16 लोगों की जान चली गई थी।[1]
ट्रेन धमाके ने बलूचिस्तान की शांति को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया था। 24 मई को हुए उस वीभत्स हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों सहित 16 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। पाकिस्तान की सेना की मीडिया शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक relazioni (ISPR) ने पुष्टि की है कि इस घटना के बाद इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशंस (IBOs) चलाए गए।
आतंकियों के ठिकाने तबाह
ISPR के आधिकारिक बयान के अनुसार, बलूचिस्तान आतंकी एनकाउंटर के तहत मस्तुंग, नुश्की, ज़हरी, खुज़दार और केच जिलों में चलाए गए अभियानों में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के कई ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। 'फितना-अल-हिंदोस्तान' संगठन से जुड़े इन आतंकवादियों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में 17 आतंकी मारे गए।
सुरक्षा बलों ने आतंकियों के अड्डों से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और तैयार किए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) बरामद किए हैं। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि ये आतंकी किसी और बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। बलूचिस्तान आतंकी एनकाउंटर ने आतंकियों की कमर तोड़कर रख दी है।
सेना का सख्त रुख
"सुरक्षा बलों ने विभिन्न जिलों में खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन चलाए। इस दौरान फितना-अल-हिंदोस्तान से जुड़े आतंकियों के साथ हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 17 आतंकवादियों को मार गिराया गया है और उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए हैं," इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR)।
मारे गए ये आतंकी क्षेत्र में कई आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे। ISPR का कहना है कि प्रभावित इलाकों में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि बाकी बचे आतंकियों को भी पूरी तरह खत्म किया जा सके। बलूचिस्तान आतंकी एनकाउंटर के जरिए सुरक्षा बलों ने यह संदेश साफ कर दिया है कि किसी भी आतंकी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।