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राजस्थान

मुस्कान फाउंडेशन: भीषण गर्मी में मरहम बनी शीतल सेवा की पहल

मुस्कान फाउंडेशन ने भीषण गर्मी में लू से राहत के लिए 8000 लीटर केरी-पानी का वितरण कर मानवीय संवेदनाओं का अनूठा उदाहरण पेश किया है।

By अजय त्यागी
1 min read
गर्मी में मुस्कान फाउंडेशन की शीतल पहल

गर्मी में मुस्कान फाउंडेशन की शीतल पहल

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भीलवाड़ा, राजस्थान। मुस्कान फाउंडेशन के सेवाभावी सदस्यों ने जब भीषण नौतपा की तपती दुपहरी में राहत का बीड़ा उठाया, तो वह केवल एक शीतल पेय का वितरण नहीं था, बल्कि उन हजारों प्यासों के लिए एक 'संजीवनी' थी जो झुलसाने वाली लू से बेहाल थे। चिलचिलाती धूप में जब सड़कें आग उगल रही थीं, तब इस संस्था की टीम ने शहर के कोने-कोने में पहुंच कर न केवल प्यास बुझाई, बल्कि मानवता का एक ऐसा दीप जलाया जो विपरीत परिस्थितियों में उम्मीद की किरण बनकर उभरा।

इस सेवा अभियान की सबसे भावुक बात यह थी कि इसमें उपयोग की गई 'केरी' (कच्चे आम) का पानी पूरी शुद्धता और घर जैसी स्वच्छता के साथ तैयार किया गया था। मुस्कान फाउंडेशन की टीम ने अपनी मेहनत और जज्बे से 8000 लीटर से अधिक शीतल पेय वितरित किया। यह उन राहगीरों और अस्पताल में तड़पते मरीजों व उनके परिजनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं था, जिन्हें गर्मी के इस प्रकोप में साये की तलाश थी।

मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण

मुस्कान फाउंडेशन का यह सेवा कार्य गुरु गोविंद सिंह चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड और महात्मा गांधी अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर पहुंचा। अस्पताल के ओपीडी वार्डों में जब मरीजों के परिजनों ने इस ठंडे पेय को ग्रहण किया, तो उनकी आंखों की चमक और संतोष भरे शब्द टीम के सदस्यों की मेहनत को सफल कर गए। यह सेवा अभियान इस बात का प्रतीक है कि जब हम एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, तो भीषण से भीषण संकट भी छोटा लगने लगता है।

संस्था के सदस्यों ने प्रतिदिन 800 से 1000 लीटर तक शीतल पेय तैयार करने में जो तत्परता दिखाई, वह उनके सामाजिक सरोकार के प्रति समर्पण को दर्शाता है। शहर की व्यस्ततम सड़कों पर जहां हर कोई अपनी धुन में दौड़ रहा था, वहीं इन सदस्यों ने रुककर उन लोगों की पीड़ा को समझा जो गर्मी से त्रस्त थे। आमजन ने जब इस सेवा को देखा, तो वे मुस्कान फाउंडेशन की मुक्त कंठ से सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाए।

"भीषण गर्मी में राहगीरों और अस्पताल में भर्ती मरीजों को राहत पहुंचाना ही हमारा उद्देश्य था। जनहित के ऐसे सेवा कार्य भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे," मुस्कान फाउंडेशन के पदाधिकारी।

संकल्प और सेवा की मिसाल

मुस्कान फाउंडेशन की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची खुशी दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में ही निहित है। भीषण गर्मी में जब घर से बाहर निकलना भी दुश्वार था, तब इस संस्था के कार्यकर्ताओं ने धूप की परवाह किए बिना अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। यह सेवा कार्य केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उन हजारों दुआओं का संग्रह है जो इस अभियान के दौरान टीम को प्राप्त हुईं।

यह अभियान आने वाले समय में अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के लिए भी एक मार्गदर्शक साबित होगा। मुस्कान फाउंडेशन ने जिस प्रकार से स्वच्छता और गुणवत्ता के साथ स्वास्थ्यवर्धक पेय का वितरण किया, उसने सेवा के प्रति एक नई मानक स्थापित की है। आने वाले समय में भी संस्था ऐसे ही जनहित के कार्यों में जुटी रहेगी, ताकि समाज का हर व्यक्ति कठिन समय में स्वयं को अकेला न समझे और उसे हर कदम पर मानवीय संवेदनाओं का साथ मिलता रहे।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief