WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ: विश्व शांति का दिव्य संकल्प और भक्ति

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, शंखनाद और हनुमान भजनों से भक्तिमय हुआ रानी बाजार का पंचमुखी हनुमान मंदिर।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ

बीकानेर, राजस्थान। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ की इस तीसरी कड़ी ने भक्ति की ऐसी पावन धारा प्रवाहित की कि रानी बाजार का पंचमुखी हनुमान मंदिर साक्षात बैकुंठ धाम बन गया। वंदे मातरम टीम द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मंत्रों का उच्चारण नहीं, बल्कि भारत की सुख-शांति और संपूर्ण विश्व में अमन की स्थापना था। जब सैकड़ों भक्तों ने एक साथ मिलकर प्रभु के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की, तो वातावरण में एक ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ जिसने हर किसी के हृदय को द्रवित कर दिया।

आयोजन के संयोजक जितेंद्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में, मंदिर का कोना-कोना श्रद्धा से भर गया। पुजारी जी द्वारा पंचमुखी हनुमान जी का किया गया विशेष श्रृंगार ऐसा लग रहा था मानो स्वयं बजरंगबली भक्तों की पुकार सुनकर मुस्कुरा रहे हों। टीम के प्रवक्ता पुरुषोत्तम सुथार ने बताया कि यह सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ उस अटूट विश्वास का प्रमाण है, जो हमें कठिन समय में भी धैर्य और शक्ति प्रदान करता है।

शंखनाद से भक्ति की शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ पार्षद सुधा आचार्य द्वारा पाँच मिनट तक लगातार किए गए शंख वादन से हुआ, जिसकी गूंज मंदिर की सीमाओं को पार कर जन-जन के कानों तक पहुंची। शंख की वह दिव्य ध्वनि सुनते ही भक्तों की आँखें नम हो गईं और मन स्वतः ही प्रभु की भक्ति में लीन हो गया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के इस अद्भुत आयोजन में महिलाओं द्वारा गाए गए भक्ति गीतों ने माहौल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया, मानो हवाओं में केवल प्रभु का ही नाम घुला हो।

भजन गायक कलाकार नवीन गोस्वामी की मखमली आवाज में जब राम भजनों की प्रस्तुति हुई, तो उपस्थित जनसमूह झूम उठा। उनके स्वर में छिपी करुणा और समर्पण ने भक्तों को अपने अस्तित्व को प्रभु के चरणों में समर्पित करने के लिए विवश कर दिया। मंदिर प्रांगण में बजती तालियां और प्रभु का जयघोष इस बात का गवाह था कि सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का यह दिव्य आयोजन लाखों दिलों को आपस में जोड़ने में सफल रहा है।

"हनुमान चालीसा का पाठ केवल शब्दों का समूह नहीं, यह हमारे अंदर के अंधकार को मिटाकर प्रकाश जगाने का एक माध्यम है। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ हमें एकता का सूत्र सिखाता है," जितेंद्र सिंह खींवसर, संयोजक।

सेवा और सम्मान का भाव

इस पुनीत अवसर पर सेवा के क्षेत्र में अनूठा कार्य करने वाले श्री मूलचंद साध का सम्मान विजय कोचर, धर्म सिंह खींवसर, कमल सेन, श्याम पारीक और राकेश पाल द्वारा किया गया। उन्हें राम नाम का दुपट्टा पहनाकर और श्रीफल भेंट कर सम्मानित करना, यह संदेश देता है कि जो दूसरों की सेवा करता है, वही वास्तव में ईश्वर के सबसे करीब होता है। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के इस मंच ने न केवल भक्ति को, बल्कि मानवीय सेवा को भी एक नई पहचान दी है।

कार्यक्रम के अंत में बजरंगबली की भव्य आरती की गई, जिसमें सम्मिलित होकर हर भक्त ने अपने दुखों को प्रभु के चरणों में समर्पित कर दिया। मुकेश जोशी, जसोदा खत्री, सुमित्रा सेन और अमित सिंह परिहार जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के समापन के बाद भक्तों में जो शांति और तृप्ति दिखाई दी, वह इस बात का प्रमाण है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief