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आम सूचना

ऊर्जा संरक्षण का महासंकल्प: धरती के लिए दो घंटे का त्याग

ऊर्जा संरक्षण के लिए देश भर में गूंजी एक विनम्र अपील, दो घंटे एसी बंद रख कर धरा को बचाने के महाअभियान में आप भी बनें एक हिस्सा।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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(बीकानेर, राजस्थान)। ऊर्जा संरक्षण का यह अभियान केवल बिजली बचाने की एक कवायद नहीं, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य सौंपने की एक भावनात्मक कोशिश है। प्रधानमंत्री की अपील से प्रेरित होकर, अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी के तत्वावधान में अणुव्रत समिति, गंगाशहर ने 5 जून, 2026 को 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर एक अत्यंत सराहनीय और विनम्र पहल शुरू की है। यह पहल है—"एक संकल्प, एक दिन, एक समय", जो हर नागरिक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है।

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जब हम दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे के बीच अपने एसी (AC) बंद रखने का संकल्प लेते हैं, तो हम केवल ऊर्जा की बचत नहीं कर रहे होते, बल्कि हम उस प्रकृति को फिर से सांस लेने का मौका दे रहे होते हैं जिसे हमने अपनी सुख-सुविधाओं की भेंट चढ़ा दिया है। आज के इस दौर में जहां तापमान का पारा हर साल नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहां यह दो घंटे का त्याग एक बड़े बदलाव की नींव बन सकता है। राष्ट्रहित में यह छोटा सा प्रयास, आने वाले समय में एक बड़ी ऊर्जा क्रांति का रूप ले सकता है।

सामूहिक प्रयास

अणुव्रत समिति के अध्यक्ष करनीदान रांका और मंत्री कन्हैया लाल बोथरा ने सभी नागरिकों से इस मुहिम में सहभागी बनने का आह्वान किया है। इस अभियान को और अधिक मजबूती देने के लिए महावीर इंटरनेशनल, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम और अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं भी पूरी ऊर्जा के साथ जुड़ गई हैं। जब संस्थाएं और समाज एक साथ आते हैं, तो "संकल्प की उड़ान, जुड़ रहा है देश" का नारा केवल शब्द नहीं रह जाता, बल्कि वह एक जन-आंदोलन की शक्ति प्राप्त कर लेता है।

"राष्ट्र हित में, एक छोटा सा संकल्प, एक छोटा सा प्रयास। आप सभी के इस छोटे से प्रयास से होगा ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण," करनीदान रांका, अध्यक्ष एवं कन्हैया लाल बोथरा, मंत्री, अणुव्रत समिति।

जुड़ने और बदलने की अपील

यह अभियान मात्र एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य हर व्यक्ति की आदतों में स्थाई बदलाव लाना है। प्रत्येक नागरिक से यह विनम्र अनुरोध है कि वे स्वयं इस मुहिम का हिस्सा बनें और कम से कम पांच अन्य लोगों को भी इससे जोड़ें। जब हम एक-दूसरे के साथ मिलकर ऊर्जा संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी हम अपनी धरती माता के प्रति अपना कर्ज चुका पाएंगे। पर्यावरण के प्रति यह संवेदनशीलता ही मानवता को आने वाले भीषण संकटों से बचा सकती है।

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इसके साथ ही, सभी गणमान्य नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस प्रयास को सफल बनाने के लिए दिए गए गूगल फॉर्म के माध्यम से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। हम सभी संस्थाएं भी अपनी ओर से इस कार्य को अधिकतम स्तर तक ले जाने का प्रयास करेंगी ताकि पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश घर-घर तक पहुंचे। यह एक छोटी सी शुरुआत है जो आने वाले समय में ऊर्जा संरक्षण के बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा और भावुक कदम साबित होगी।

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें शामिल अपील और प्रक्रियाएं स्वैच्छिक हैं। लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी तकनीकी खराबी या असुविधा के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। पाठकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी व्यक्तिगत और नैतिक जिम्मेदारी निभाने हेतु प्रेरित किया जाता है।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief