WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा: शांति के दुश्मन दबोचे गए

आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार, विनाशकारी IED बरामद, दहशत फैलाने की कोशिश नाकाम, मिली बड़ी राहत।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg आतंकी साजिश का पर्दाफाश

आतंकी साजिश का पर्दाफाश

(साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, पंजाब)। आतंकी साजिश का यह खौफनाक मंजर जब सामने आया, तो हर किसी की रूह कांप उठी, लेकिन समय रहते पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक लिया। पंजाब की फिजाओं में दहशत फैलाने की जो नापाक कोशिश की गई थी, उसे स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) ने पूरी तरह नाकाम कर दिया है। जब विदेशी आकाओं के इशारे पर काम करने वाले इन दो गुर्गों को भारी मात्रा में IED के साथ गिरफ्तार किया गया, तो यह स्पष्ट हो गया कि वे किसी बड़े विध्वंस की तैयारी में थे।[1]

यह महज एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन अनगिनत बेगुनाह जिंदगियों को बचाने की जीत है, जो शायद इन दरिंदों के निशाने पर थीं। जब पुलिस ने इनके पास से विस्फोटक बरामद किया, तो पूरे इलाके में यह अहसास गहरा गया कि हम अपने घरों में कितने सुरक्षित हैं, यह उन जांबाज सुरक्षाकर्मियों की बदौलत है जो रात-दिन जागकर हमारी हिफाजत करते हैं। इस घटना ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि शांति के दुश्मन हमेशा घात लगाए बैठे हैं, लेकिन हमारे रक्षक भी पूरी तरह सतर्क हैं।[2]

नापाक मंसूबों का अंत

पुलिस के अनुसार, यह आतंकी साजिश सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए रची गई थी। डीजीपी गौरव यादव ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह क्रॉस-बॉर्डर टेररिस्ट नेटवर्क के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता है। सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई जानकारी ने लोगों को राहत दी, लेकिन साथ ही यह भी झकझोर दिया कि वे लोग हमारे बीच ही रहकर समाज की जड़ें खोदने का काम कर रहे थे। एक छोटी सी चूक या देरी, आज एक भयानक मंजर में बदल सकती थी।

"इन दो सहयोगियों की गिरफ्तारी और IED की बरामदगी ने एक संभावित विनाशकारी खतरे को टाल दिया है। हमारी प्रतिबद्धता संगठित अपराध और टेरर नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की है," गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब।

सख्त सुरक्षा और चौकसी

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जिला अदालतों को लेकर पहले ही धमकियां मिल चुकी थीं। इन धमकियों के बाद से ही कोर्ट परिसरों में सुरक्षा का घेरा बढ़ा दिया गया था। साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, खरड़ और डेराबस्सी के न्यायिक परिसरों में अब आम नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, केवल वादी और आरोपियों को ही अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा की यह गंभीरता बताती है कि प्रशासन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

अदालतों को मिली धमकी भरे ईमेल के बाद से ही पुलिस की नींद उड़ी हुई थी। 1 जून को मिली उस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था को एक नई परीक्षा में डाल दिया था। अब जबकि ये आतंकी दबोच लिए गए हैं, तो उम्मीद की जानी चाहिए कि जांच की आंच उन मुख्य षड्यंत्रकारियों तक भी पहुंचेगी जो पर्दे के पीछे से इस आतंकी साजिश को अंजाम दे रहे थे। जब तक इनका पूरा नेटवर्क तबाह नहीं हो जाता, तब तक यह डर पूरी तरह नहीं मिटेगा।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source