चूरू पुलिस का मोबाइल बरामदगी अभियान: 30 लाख के फोन लौटाए
चूरू पुलिस के मोबाइल बरामदगी अभियान में 30 लाख रुपये के 100 फोन मिले। साइबर सेल ने सक्रियता दिखाते हुए चोरी व गुम हुए मोबाइल्स को असली मालिकों तक पहुँचाया।
मोबाइल बरामदगी अभियान में 30 लाख रुपये के 100 फोन मिले
चूरू, राजस्थान। जिला पुलिस ने आमजन की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए एक सराहनीय पहल करते हुए जिले भर में एक विशेष मोबाइल बरामदगी अभियान संचालित किया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने जिले के 17 अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी और गुम हुए करीब 30 लाख रुपये की अनुमानित कीमत के 100 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद कर लिए हैं। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार ने मीडिया को इस बड़ी कामयाबी की जानकारी दी।[1]
इस मोबाइल बरामदगी अभियान को 15 मई से 31 मई तक एक सुनियोजित रणनीति के साथ अंजाम दिया गया। चूरू पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थानों ने आपसी तालमेल बिठाकर तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग किया। इस दौरान टीम ने लगातार काम करते हुए न केवल खोए हुए फोनों की लोकेशन ट्रेस की, बल्कि अपराधियों और फोनों को रखने वाले व्यक्तियों तक पहुँचकर उन्हें बरामद करने में सफलता प्राप्त की, जिससे जिले के पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि इस मोबाइल बरामदगी अभियान का मुख्य उद्देश्य उन पीड़ित परिवादियों को संबल प्रदान करना था, जिनकी मेहनत की कमाई से खरीदे गए फोन चोरी या गुम हो गए थे। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए नया फोन खरीदना एक बड़ी चुनौती होती है। पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इस संवेदनशील अभियान को अंजाम दिया गया ताकि लोगों का तंत्र पर भरोसा और अधिक मजबूत हो सके।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बरामद किए गए सभी फोनों की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया है। मालिकों को जब उनके फोन वापस मिले, तो उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ देखी जा सकती थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल फोनों की बरामदगी नहीं, बल्कि आम जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही और सेवा की भावना का एक जीता-जागता उदाहरण है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल मोबाइल बरामदगी अभियान में साइबर सेल टीम के प्रभारी भागीरथ, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र, धर्मवीर, रमाकांत, सत्यवान, सुनील कुमार, अनिल कुमार और महिला कांस्टेबल मनीता की भूमिका सराहनीय रही है। इन सभी पुलिसकर्मियों ने अपने निरंतर प्रयासों और तकनीकी कौशल के जरिए फोनों को ट्रेस किया। टीम के सदस्यों की मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि इतने कम समय में 100 फोनों को बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुँचाना संभव हो पाया है।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि इस तरह के अभियानों से न केवल चोरी की घटनाओं पर लगाम कसी जा सकती है, बल्कि अपराधियों में भी कानून का डर बना रहता है। आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। पुलिस ने जनता से यह भी आग्रह किया है कि वे अपने फोन के आईएमईआई (IMEI) नंबर को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल संबंधित थाना पुलिस को सूचित करें।
सुरक्षा का भरोसा
अभियान की सफलता के बाद चूरू पुलिस ने जनता को पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। पुलिस का कहना है कि वे भविष्य में भी ऐसे मोबाइल बरामदगी अभियान को जारी रखने का संकल्प ले चुके हैं ताकि अपराधियों पर प्रभावी लगाम कसी जा सके। इस अभियान ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस और जनता का आपसी सहयोग किसी भी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए पर्याप्त है। जिला पुलिस प्रशासन की इस जनहितैषी पहल की जिले भर में खूब प्रशंसा हो रही है।
आने वाले समय में भी पुलिस विभाग का मुख्य लक्ष्य डिजिटल अपराधों को रोकना और जनता की खोई हुई संपत्तियों को उन्हें लौटाना होगा। पुलिस की यह प्रतिबद्धता अपराधियों के मन में डर पैदा करने और कानून का राज स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। चूरू पुलिस द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल पीड़ितों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि भविष्य के लिए एक मिसाल भी कायम की है ताकि अन्य जिलों में भी इसे लागू किया जा सके।