पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत विकास परिषद् का अनूठा अभियान
भीलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस पर 2100 पौधों का वितरण किया गया। भारत विकास परिषद् के इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में नागरिकों ने संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत विकास परिषद् का अनूठा अभियान
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद् वीर शिवाजी शाखा द्वारा राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल एवं क्वालिटी शूटिंग प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सूचना केंद्र चौराहे पर आयोजित “एक पेड़ लोकतंत्र के नाम” अभियान के तहत 2100 फलदार, छायादार, औषधीय एवं तुलसी के पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का एक उदाहरण बनी, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से हरियाली बढ़ाने का अनूठा प्रयास भी रही।
क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने शहरवासियों को प्रकृति के करीब लाने का कार्य किया। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्याओं के दौर में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल पौधे लगाना है, बल्कि नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्थायी जिम्मेदारी विकसित करना भी है। स्थानीय निवासियों ने भारी उत्साह के साथ पौधे प्राप्त किए और उनके संरक्षण का वचन देते हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
लोकतंत्र और पर्यावरण का नाता
लोकतंत्र की सार्थकता जागरूक नागरिकों से जुड़ी है, और ठीक उसी प्रकार हमारा अस्तित्व स्वस्थ पर्यावरण पर निर्भर करता है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी जनसहभागिता से ही सफल हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए प्लास्टिक का उपयोग त्यागना और अधिक से अधिक वृक्ष लगाना समय की मांग है। धनेटवाल के अनुसार, एक जागरूक नागरिक द्वारा लगाया गया पौधा भविष्य के लिए एक अमूल्य उपहार है।
इस अवसर पर मंडल की ओर से 200 कपड़े के थैलों का भी वितरण किया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने कपड़े के थैलों के नियमित उपयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति यह पहल लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही, समाज के विभिन्न वर्गों ने इस प्रयास को सराहा और प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने की दिशा में अपने कदम आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
वृक्षों की सेवा और दायित्व
भारत विकास परिषद् के प्रांतीय अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के सच्चे संरक्षक हैं। वे शुद्ध वायु, जल संरक्षण और जैव विविधता का आधार हैं, जिन्हें सहेजना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रांतीय प्रभारी सुभाष मोटवानी ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक है जब पौधे वृक्ष बनकर समाज को लाभ पहुंचाएं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। शाखा अध्यक्ष कमलेश बोड़ाना ने बताया कि परिषद् सेवा और संस्कार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है।
परिषद् का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे वितरित करना नहीं, बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि प्रत्येक परिवार एक पौधे की पूरी जिम्मेदारी ले ले, तो आने वाले वर्षों में भीलवाड़ा को हरित और स्वच्छ शहर बनाने का सपना निश्चित रूप से साकार हो सकता है। संस्था लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियां एक स्वस्थ वातावरण में सांस ले सकें।
संकल्प पत्र की अभिनव पहल
कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण “संकल्प पत्र अभियान” रहा, जिसने पर्यावरण संरक्षण को एक नया आयाम दिया। पौधे प्राप्त करने वाले प्रत्येक नागरिक से “एक पेड़ लोकतंत्र के नाम” संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए। इस पत्र के माध्यम से लोगों ने यह वचन दिया कि वे पौधे को वृक्ष बनने तक उसकी पूरी देखभाल करेंगे। इस अभिनव पहल को नागरिकों का भरपूर समर्थन मिला और सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक हस्ताक्षर कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पर्यावरण प्रभारी शिवकुमार खेमका ने बताया कि फलदार और औषधीय पौधों का वितरण इसलिए किया गया ताकि लोग न केवल हरियाली के महत्व को समझें, बल्कि उनके स्वास्थ्य और पोषण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़े। कार्यक्रम में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वैज्ञानिक अधिकारी महेश कुमार सिंह, श्वेता दाधीच, शिल्पा बाहेती, रोहित एवं सूरज की विशेष उपस्थिति रही। सुमित जागेटिया ने भी इस अभियान की सराहना की और इसे एक सफल सामाजिक प्रयास बताया।
हरित भविष्य का आधार
कार्यक्रम में महावीर सोनी, दीपक चोरड़िया, योगेश मित्तल, सुनील भंसाली, हुकुम सिंह, धर्मेंद्र देवनानी, रोहित जैन, उमेश शर्मा, दुर्गालाल सोनी, अशोक राठी, अरविंद कोठारी, प्रमोद गोयल, अजय सोमानी सहित शाखा के अनेक सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया। वर्षा मित्तल, रितु शर्मा, लता देवनानी, कुसुमलता राठी, ममता चोरड़िया और शशि बोड़ाना की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बनाया। सभी सदस्यों के सहयोग से यह अभियान शहर की एक नई पहचान बन गया है।
अंत में, नागरिकों ने यह शपथ ली कि वे न केवल पौधे लगाएंगे, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएगा। पर्यावरण संरक्षण के प्रति ऐसी व्यापक जनजागरूकता ही हमारे शहर को एक नई दिशा प्रदान करेगी। भाविप का यह प्रयास निश्चित रूप से भीलवाड़ा को पर्यावरण की दृष्टि से एक आदर्श शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।