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रेलवे लाइन विस्तार हेतु अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू

बुरहानपुर के संजय नगर में रेलवे लाइन विस्तार के लिए प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल और आरपीएफ के जवान मौके पर तैनात किए गए है

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg अतिक्रमण हटाओ अभियान

अतिक्रमण हटाओ अभियान

बुरहानपुर, मध्य प्रदेश। बुरहानपुर जिले के संजय नगर इलाके में रेलवे की तीसरी और चौथी लाइन के विस्तार के कार्य हेतु प्रशासन द्वारा एक बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की गई है। खंडवा-भुसावल रेल खंड के दोहरीकरण और क्षमता वृद्धि के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु रेलवे ट्रैक के समीप स्थित अवैध निर्माणों और मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है। किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों की तैनाती की गई है। यह अतिक्रमण हटाओ अभियान पहले दी गई औपचारिक नोटिस के बाद ही शुरू किया गया है, ताकि किसी भी परिवार को अचानक हुई कार्रवाई का सामना न करना पड़े।[विडियो]

सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था

अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के अंतर्गत आता है, जहाँ सुरक्षा कारणों से मानवीय बसाहट उचित नहीं है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और रेलवे विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न न हो।

रेलवे विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है क्योंकि यह खंडवा-भुसावल रेल मार्ग की दक्षता के लिए जरूरी है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वे प्रभावित लोगों की शिकायतों को सुनने और उचित मार्गदर्शन देने के लिए भी तत्पर हैं। रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे के कारण कार्य में देरी हो रही थी, जिसे अब प्राथमिकता के साथ दूर किया जा रहा है।

विस्तार की आवश्यकता और प्रभाव

खंडवा-भुसावल रेल खंड पर तीसरी और चौथी लाइन का विस्तार न केवल ट्रेनों की आवाजाही को गति देगा, बल्कि माल ढुलाई की क्षमता में भी भारी वृद्धि करेगा। रेलवे का मानना है कि यह विस्तार आने वाले दशकों में क्षेत्र के औद्योगिक विकास की नींव रखेगा। हालांकि, इस निर्माण प्रक्रिया के चलते कई परिवारों को अपना आवास छोड़ना पड़ रहा है, जिसके चलते वहां का वातावरण थोड़ा तनावपूर्ण है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे विकास कार्य का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पुनर्वास या उचित विकल्प की आवश्यकता है। दूसरी ओर, प्रशासन ने साफ किया है कि यह भूमि पहले से ही रेलवे के स्वामित्व में रही है। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान का उद्देश्य विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को हटाना है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही सभी निर्माणों को हटाया जा रहा है ताकि आगे कोई विवाद न हो।

प्रशासन की सतर्कता और भविष्य

मौके पर मौजूद पुलिस और आरपीएफ की टुकड़ियां लगातार गश्त कर रही हैं ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे सरकारी कार्रवाई में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान की सफलता पर ही रेलवे के आगामी निर्माण कार्यों की गति निर्भर करेगी, जिसे प्रशासन हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बुरहानपुर प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि वे प्रभावितों को सरकारी नियमों के तहत सहायता प्रदान करने के लिए विचार करेंगे। परियोजना का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विकास और विस्थापन का यह संतुलन चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन रेल मार्ग की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अतिक्रमण हटाओ अभियान का पूरा किया जाना बेहद आवश्यक माना गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। रेलवे की जमीन से संबंधित यह कार्रवाई आधिकारिक आदेशों के अनुपालन में है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief