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डेंगू और मलेरिया के खिलाफ निगम का सघन अभियान

दिल्ली में मानसून से पहले नगर निगम ने डेंगू और मलेरिया के खिलाफ अभियान तेज किया। ग्रीन पार्क सहित सरकारी दफ्तरों में मच्छरों के लार्वा की सघन जांच जारी है।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए प्रयास तेज

डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए प्रयास तेज

दिल्ली। दिल्ली में मानसून के दस्तक देने से पहले नगर निगम प्रशासन ने सक्रियता बढ़ाते हुए डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। ग्रीन पार्क क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न इलाकों में निगम की टीमें सघन निरीक्षण कर रही हैं, ताकि मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार को समय रहते रोका जा सके। इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य मच्छरों के लार्वा को पनपने से पहले ही नष्ट करना है, जिससे शहर के नागरिकों को बीमारियों से बचाया जा सके।[1]

निगम की टीमें विशेष रूप से उन स्थानों को लक्षित कर रही हैं जहाँ पानी जमा होने की संभावना अधिक होती है। ग्रीन पार्क के अलावा, सरकारी कार्यालयों और आवासीय सोसायटियों में भी टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। जहाँ कहीं भी मच्छरों का लार्वा पाया जा रहा है, वहाँ तुरंत प्रभाव से तेल और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है ताकि डेंगू और मलेरिया के प्रकोप को फैलने से रोका जा सके।

सघन जांच और सरकारी कार्यालय

निगम प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत सरकारी दफ्तरों को भी शामिल किया गया है। निगम के मलेरिया निरीक्षक आमोद कुमार ने बताया कि वर्तमान में विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों की जांच की जा रही है। टीम के सदस्य पानी के उन स्रोतों की सघन जांच कर रहे हैं जहाँ मच्छरों के प्रजनन की आशंका बनी रहती है, ताकि किसी भी स्तर पर चूक न हो।

मलेरिया निरीक्षक, आमोद कुमार ने कहा:

"अभी हम एनसीसी पहुंचे हैं क्योंकि इन दिनों सरकारी दफ्तरों में एक विशेष अभियान चल रहा है और हम उसी के अनुसार काम कर रहे हैं। यहाँ हम पानी के स्रोतों की जांच कर रहे हैं। डीवीसी टीमों की तरह, ये सुनिश्चित करने के लिए पानी की जांच करते हैं कि डेंगू के लार्वा पैदा न हों। जैसा कि आपने छत पर देखा, वहाँ बारिश का पानी जमा हो गया था। लोगों ने उस पर ध्यान नहीं दिया, और वहाँ डेंगू के लार्वा पनपते पाए गए।"

यह बयां स्पष्ट करता है कि सावधानी की कमी किस तरह बीमारियों को न्योता दे सकती है।

जल जमाव और नागरिकों की जिम्मेदारी

जांच के दौरान अक्सर छतों, कूलरों, और गमलों में जमा पानी में लार्वा मिलते हैं। कई बार लोग अपनी छतों पर जमा पानी को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में डेंगू और मलेरिया का बड़ा कारण बनता है। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सप्ताह में एक बार अपने घरों में पानी जमा न होने दें। अगर कहीं पानी रुका हुआ है, तो उसे तुरंत हटा दें ताकि मच्छर पनपने की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाए।

नगर निगम की टीमें डीवीसी (Dengue Breeding Checking) के तहत लगातार पानी के नमूनों का परीक्षण कर रही हैं। यह अभियान मानसून के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की एक तैयारी है। यदि समय रहते इन मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ सकता है। डेंगू और मलेरिया के प्रति यह सर्तकता ही दिल्ली के निवासियों को स्वस्थ रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

निवारक उपाय और भविष्य की कार्ययोजना

निगम की ओर से आगामी दिनों में और अधिक व्यापक स्तर पर फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव की योजना बनाई गई है। यह अभियान केवल ग्रीन पार्क या कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दिल्ली में इसे समान रूप से लागू किया जाएगा। निगम का पूरा प्रयास है कि शहर के हर कोने से मच्छरों के प्रजनन के स्रोतों को खत्म किया जाए। मानसून से पूर्व की यह तैयारी डेंगू और मलेरिया के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए बेहद जरूरी है।

अंत में, नगर निगम ने एक बार फिर लोगों को चेतावनी दी है कि वे अपने आसपास की सफाई रखें और पानी को जमा न होने दें। जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही हम इस घातक बीमारी से शहर को सुरक्षित रख सकते हैं। प्रशासनिक कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत जिम्मेदारी ही सबसे बड़ा बचाव है। मानसून के दौरान दिल्ली को डेंगू और मलेरिया से मुक्त रखने के लिए प्रशासन और जनता का सहयोग अनिवार्य है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। डेंगू और मलेरिया की रोकथाम हेतु की जा रही कार्रवाई आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुरूप है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief